बिहार ने फिर चुना मोदी-नीतीश को..महागठबंधन करारी पराजय के साथ साफ़..!

शुक्रवार को आए नतीजों ने बिहार की राजनीति में बड़ा बदलाव दर्ज किया। एनडीए (राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन) ने प्रचंड बहुमत के साथ सत्ता में वापसी की, महागठबंधन को बुरी तरह परास्त करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री नीतीश कुमार—दोनों की लोकप्रियता और राजनीतिक मजबूती की फिर पुष्टि की..

बिहार ने फिर चुना मोदी-नीतीश को..महागठबंधन करारी पराजय के साथ साफ़..!
15-11-2025 - 11:06 AM
22-04-2026 - 05:53 PM

पटना। शुक्रवार को आए नतीजों ने बिहार की राजनीति में बड़ा बदलाव दर्ज किया। एनडीए (राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन) ने प्रचंड बहुमत के साथ सत्ता में वापसी की, महागठबंधन को बुरी तरह परास्त करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री नीतीश कुमार—दोनों की लोकप्रियता और राजनीतिक मजबूती की फिर पुष्टि की। आरजेडी और कांग्रेस के लिए यह परिणाम 15 वर्षों में सबसे निराशाजनक रहा।

एनडीए का भारी जनादेश
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सदस्यीय विधानसभा में एनडीए ने तीन-चौथाई बहुमत हासिल करते हुए कुल 202 सीटें जीतीं।
भाजपा 89 सीटों के साथ सबसे बड़ी पार्टी बनी।
नीतीश कुमार की जेडीयू 85 सीटों पर रही।
चिराग पासवान की लोजपा (रामविलास) ने 19 सीटें जीतीं।
जीतन राम मांझी की हम (से.) को 5, और उपेन्द्र कुशवाहा की राष्ट्रीय लोक मोर्चा को 4 सीटें मिलीं।

महागठबंधन की ऐतिहासिक हार
महागठबंधन मात्र 34 सीटों पर सीमित रह गया।
आरजेडी 25 पर सिमट गई, जो पहले 75 थी।
कांग्रेस 61 सीटों में से केवल 6 जीती, जो पिछली बार की 19 से भी कम है।
माले (CPI-ML) को 2, सीपीएम को 1 सीट मिली।
एआईएमआईएम ने 5 सीटें, जबकि बसपा और इंडियन इन्क्लूसिव पार्टी को 1-1 सीट मिली।
चर्चित प्रशांत किशोर की जन सुराज पार्टी भी एक भी सीट नहीं जीत सकी, जबकि वह बेरोज़गारी और पलायन जैसे मुद्दों के साथ चुनाव में उतरी थी।

एनडीए की जीत के मुख्य कारण

रिपोर्टों के अनुसार, इन कारकों ने एनडीए की जीत निर्णायक बनाई:

1. लाभार्थी आधारित योजनाएँ
महिलाओं को नकद सहायता
सामाजिक सुरक्षा पेंशन में बढ़ोतरी
– ‘
मुख्यमंत्री महिला रोजगार योजना’ के तहत 10,000 रुपये की सहायता—एक करोड़ से अधिक महिलाएँ लाभान्वित
इन योजनाओं ने नीतीश कुमार की "महिला-केंद्रित राजनीति" को मजबूत किया।

2. व्यापक जातीय गठजोड़
अति पिछड़ा वर्ग (EBC) पर विशेष फोकस
आरजेडी शासन के ‘जंगलराज’ की याद दिलाकर मतदाता ध्रुवीकरण
महिला मतदाताओं की रिकॉर्ड भागीदारी, जिन्होंने शराबबंदी का भी समर्थन किया, एनडीए के लिए निर्णायक रही।

3. मुस्लिम-बहुल क्षेत्रों में अप्रत्याशित प्रदर्शन
कई मुस्लिम-बहुल सीटों पर एनडीए को अपेक्षा से बेहतर समर्थन मिला, जो मतदान पैटर्न में संभावित बदलाव का संकेत है।

पीएम मोदी का नया ‘MY फॉर्मूला’

दिल्ली स्थित भाजपा मुख्यालय में कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि बिहार के लोगों ने राज्य को “अभूतपूर्व समर्थन” दिया है।
उन्होंने कहा, “यह नया MY—महिला और युवाफॉर्मूला है, जिसने पुराने ‘मुस्लिम-यादव’ वाले MY फॉर्मूले को बदल दिया है।” पीएम ने इस जनादेश को "एनडीए पर अटूट विश्वास" बताया।

नीतीश कुमार का धन्यवाद संदेश

लंबे शासनकाल से उपजी संभावित एंटी-इंकम्बेंसी को पार करते हुए नीतीश कुमार ने इस जनादेश को “प्रचंड” बताते हुए कहा, “लोगों ने हमारे काम पर भरोसा दिखाया। मैं सभी मतदाताओं को हृदय से धन्यवाद देता हूँ।” उन्होंने पीएम मोदी का भी सहयोग के लिए आभार जताया।

महागठबंधन के लिए बड़ी निराशा

सीएम उम्मीदवार तेजस्वी यादव भले ही अपनी राघोपुर सीट जीतने में सफल रहे  लेकिन उनकी पार्टी के पारंपरिक गढ़ भी हाथ से निकल गए।
कांग्रेस की खराब स्थिति ने एक बार फिर INDI गठबंधन की कमजोरी उजागर कर दी।
राहुल गांधी का ‘वोट चोरी’ वाला अभियान भी लोगों से जुड़ने में विफल रहा।

बिहार से परे असर

यह जीत भाजपा की राष्ट्रीय राजनीति में पकड़ को और मजबूत करती है। दिल्ली, महाराष्ट्र और हरियाणा में हालिया सफलताओं के बाद बिहार ने भी भाजपा की ताकत को और दृढ़ किया है।
यह नतीजा आगामी महीनों में होने वाले पश्चिम बंगाल और असम चुनावों के लिए भी महत्वपूर्ण संकेत माना जा रहा है, और INDIA गठबंधन की भविष्य की रणनीति पर भी गंभीर सवाल खड़े करता है।

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THE NEWS THIKANA, संपादकीय डेस्क यह द न्यूजठिकाना डॉट कॉम की संपादकीय डेस्क है। डेस्क के संपादकीय सदस्यों का प्रयास रहता है कि अपने पाठकों को निष्पक्षता और निर्भीकता के साथ विभिन्न विषयों के सच्चे, सटीक, विश्वसनीय व सामयिक समाचारों के अलावाआवश्यक उल्लेखनीय विचारों को भी सही समय पर अवगत कराएं।