रिकॉर्डतोड़ शतक के बाद प्रसारक को ‘फ़िलॉसफ़ी लेसन’ दे दिया वैभव सूर्यवंशी ने..!
राइजिंग स्टार्स एशिया कप में शुक्रवार को भारतीय क्रिकेट का एक नया चमकता सितारा उभरा—सिर्फ 14 साल के वैभव सूर्यवंशी। उन्होंने न केवल UAE के गेंदबाज़ों को चौंकाया, बल्कि कमेंट्री टीम को भी हैरान कर दिया, जब अपने रिकॉर्ड की बराबरी करते हुए 32 गेंदों में टी20 शतक जड़ने के तुरंत बाद उन्होंने इंटरव्यू में जीवन-दर्शन जैसा जवाब देकर सबको प्रभावित कर..
राइजिंग स्टार्स एशिया कप में शुक्रवार को भारतीय क्रिकेट का एक नया चमकता सितारा उभरा—सिर्फ 14 साल के वैभव सूर्यवंशी। उन्होंने न केवल UAE के गेंदबाज़ों को चौंकाया, बल्कि कमेंट्री टीम को भी हैरान कर दिया, जब अपने रिकॉर्ड की बराबरी करते हुए 32 गेंदों में टी20 शतक जड़ने के तुरंत बाद उन्होंने इंटरव्यू में जीवन-दर्शन जैसा जवाब देकर सबको प्रभावित कर दिया।
वेस्ट एंड पार्क इंटरनेशनल क्रिकेट स्टेडियम में भारत A की ओर से पदार्पण करते हुए सूर्यवंशी ने 42 गेंदों पर 144 रनों की विस्फोटक पारी खेली, जिसमें 15 छक्के और 11 चौके शामिल थे। उनकी धुआंधार बल्लेबाज़ी की बदौलत भारत A ने 297/4 का विशाल स्कोर बनाया और अंततः मैच 148 रन से जीता। लेकिन क्रिकेट जगत उनकी बल्लेबाज़ी जितना ही उनकी परिपक्वता और सहजता से भी प्रभावित हुआ।
इंटरव्यू में दिखी अद्भुत परिपक्वता
इनिंग्स ब्रेक के दौरान बिहार में जन्मे इस बाएं हाथ के बल्लेबाज़ ने अपने सफर और उनसे मिली सीखों पर खुलकर बात की।
उन्होंने कहा, “फैंस हैं तो सपोर्ट के लिए आए हैं। मुझे कोई प्रेशर नहीं होता। और एक बार जब ग्राउंड में पहुंच जाओ तो बाहर की कोई आवाज़ सुनाई नहीं देती।”
यह बताते हुए कि मैच से पहले की हलचल और सेल्फी मांगने की भीड़ से वह कैसे खुद को शांत रखते हैं, उन्होंने जोड़ा, “जब मैं पीछे देखता हूं तो लगता है कि ये सब ज़िंदगी की जर्नी है। मैं तब कहाँ खेलता था और अब कहाँ खेल रहा हूँ… मैं बहुत आभारी हूं।”
पिता को दिया सफलता का श्रेय
वैभव ने खासतौर पर अपने पिता का उल्लेख करते हुए कहा, “मैं क्रेडिट अपने पापा को दूंगा। उन्होंने बचपन से मुझे बहुत स्ट्रिक्ट रखा। तब लगता था क्यों इतने स्ट्रिक्ट हैं, लेकिन अब समझ आता है। उसका असर मैदान पर दिखता है—मैं डिस्ट्रैक्ट नहीं होता।”
उनके इस उत्तर पर ब्रॉडकास्टर भी हंस पड़े और बोले, “क्या हमने कभी सोचा था कि 14 साल के बच्चे से फ़िलॉसफ़ी लेसन मिलेंगे?”
रिकॉर्ड पर रिकॉर्ड
वैभव सूर्यवंशी का यह शतक उन्हें टी20 में शतक जमाने वाले भारत के संयुक्त रूप से दूसरे सबसे तेज़ बल्लेबाज़ों में शामिल करता है। उन्होंने ऋषभ पंत के 2018 में बनाए गए 32 गेंदों वाले शतक की बराबरी की। उनसे तेज़ केवल उर्विल पटेल और अभिषेक शर्मा (28 गेंद) ही रहे हैं। विश्व रिकॉर्ड एस्टोनिया के साहिल चौहान के नाम है, जिन्होंने 27 गेंदों में शतक लगाया था।
14 वर्ष और 232 दिन की उम्र में वैभव पुरुषों की किसी भी राष्ट्रीय प्रतिनिधि टीम के लिए शतक लगाने वाले सबसे कम उम्र के खिलाड़ी बन गए। इससे पहले वे IPL में भी 35 गेंदों में शतक लगा चुके हैं—और वह भी टूर्नामेंट के सबसे युवा शतकवीर के रूप में।
दुनिया में वे अकेले ऐसे क्रिकेटर हैं जिनके नाम 35 गेंदों या उससे कम में दो टी20 शतक दर्ज हैं।
पहली गेंद पर मिला जीवनदान
उनकी पारी की शुरुआत ही लगभग अंत में बदल जाती, अगर UAE के कप्तान अलिशान शराफू पहली ही गेंद पर उनका आसान कैच न छोड़ते। इसके बाद सूर्यवंशी ने किसी को नहीं छोड़ा—एक समय ऐसा भी लगा कि वह तिलक वर्मा के भारतीय रिकॉर्ड और क्रिस गेल के वैश्विक रिकॉर्ड को भी तोड़ देंगे।
अंततः 144 रन बनाकर वे गहरे में लपके गए, लेकिन तब तक इतिहास लिखा जा चुका था।
भारत A का पूरा डगआउट खड़ा होकर उनका अभिवादन कर रहा था, यह जानते हुए कि उन्होंने एक असाधारण प्रतिभा का उदय देखा है… शायद क्रिकेट के नये ‘स्टार फ़िलॉसफ़र’ का जन्म।
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