द्विपक्षीय व्यापार, ऊर्जा और रक्षा सहयोग: पीएम मोदी और ट्रंप की ‘गरमजोशी भरी’ फोन कॉल में क्या-क्या बात हुई..?
भारत और अमेरिका के बीच व्यापार और टैरिफ पर जारी बातचीत के बीच गुरुवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के बीच एक महत्वपूर्ण फोन कॉल हुआ। विश्वस्त सूत्रों ने जानकारी मिली है कि दोनों नेताओं ने द्विपक्षीय व्यापार, ऊर्जा, सुरक्षा और रक्षा सहित कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर विस्तार से चर्चा..
वॉशिंगटन। भारत और अमेरिका के बीच व्यापार और टैरिफ पर जारी बातचीत के बीच गुरुवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के बीच एक महत्वपूर्ण फोन कॉल हुआ। विश्वस्त सूत्रों ने जानकारी मिली है कि दोनों नेताओं ने द्विपक्षीय व्यापार, ऊर्जा, सुरक्षा और रक्षा सहित कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर विस्तार से चर्चा की।
यह फोन कॉल ऐसे समय में हुआ है जब ट्रंप ने भारत के रूसी ऊर्जा व्यापार का हवाला देते हुए भारतीय आयात पर टैरिफ दोगुना बढ़ाकर 50% कर दिया था।
मोदी और ट्रंप की बातचीत में क्या-क्या चर्चा हुई
पीएम मोदी ने गुरुवार को ट्रंप के साथ हुई अपनी “गरमजोशी भरी और सार्थक” बातचीत के कुछ विवरण एक्स (ट्विटर) पर साझा किए।
उन्होंने लिखा, "हमने अपने द्विपक्षीय संबंधों की प्रगति की समीक्षा की और क्षेत्रीय व अंतरराष्ट्रीय मुद्दों पर विचार-विमर्श किया। भारत और अमेरिका वैश्विक शांति, स्थिरता और समृद्धि के लिए मिलकर काम करते रहेंगे।"
बातचीत से परिचित सूत्रों के अनुसार, कॉल में ये प्रमुख मुद्दे भी शामिल थे..
- द्विपक्षीय व्यापार बढ़ाने के प्रयासों की गति को बनाए रखने का महत्व
- महत्वपूर्ण तकनीकों, ऊर्जा, रक्षा और सुरक्षा के क्षेत्र में सहयोग बढ़ाने के तरीके
- इंडिया-US COMPACT (Catalysing Opportunities for Military Partnership, Accelerated Commerce and Technology) के क्रियान्वयन पर चर्चा
- क्षेत्रीय और वैश्विक घटनाक्रम
- द्विपक्षीय सहयोग को लगातार मजबूत करने पर सहमति
सूत्रों ने बताया कि दोनों नेताओं ने साझा चुनौतियों का सामना करने और सामूहिक हितों को आगे बढ़ाने के लिए मिलकर काम करने पर सहमति जताई।
50% टैरिफ और रिश्तों में उतार-चढ़ाव
अगस्त में ट्रंप प्रशासन द्वारा भारतीय आयात पर 50% टैरिफ लगाने और लागू करने के बाद भारत-अमेरिका संबंधों में तनाव बढ़ गया था।
इनमें से आधे टैरिफ भारत के रूस के साथ तेल व्यापार के चलते लगाए गए थे। इस कदम को रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन पर यूक्रेन युद्ध रोकने के लिए दबाव बनाने के तौर पर देखा गया।
ट्रंप प्रशासन के कई अधिकारियों ने भारत पर रूस के साथ तेल व्यापार से “मुनाफाखोरी” और “अरबों डॉलर कमाने” का आरोप लगाया था।
हालांकि, एक महीने बाद व्यापार तनाव कम होता दिखाई दिया जब ट्रंप ने कहा कि वह “हमेशा मोदी के दोस्त रहेंगे” और दोनों देशों के बीच “विशेष संबंध” की बात कही।
पीएम मोदी ने भी सकारात्मक प्रतिक्रिया देते हुए कहा था कि "भारत और अमेरिका का व्यापक और अग्रदर्शी रणनीतिक साझेदारी है।"
ट्रंप का बड़ा दावा: भारत जल्द रोकेगा रूस से तेल व्यापार?
वार्ताओं के जारी रहने और रिश्तों में सुधार के संकेतों के बीच, अक्टूबर में ट्रंप ने एक साहसिक दावा किया कि पीएम मोदी ने उन्हें “आश्वासन” दिया है कि भारत जल्द ही रूस से तेल खरीदना बंद कर देगा।
ट्रंप ने कहा था, "मुझे यह अच्छा नहीं लगा कि भारत रूस से तेल खरीद रहा है। और आज उन्होंने मुझे आश्वासन दिया कि वे रूस से तेल नहीं खरीदेंगे। यह एक बड़ा कदम है।"
हालांकि, भारत ने इन दावों को सिरे से खारिज कर दिया। विदेश मंत्रालय ने कहा कि उन्हें ऐसी किसी फोन कॉल की जानकारी नहीं है जिसमें पीएम मोदी और ट्रंप के बीच रूस से तेल खरीद पर चर्चा हुई हो।
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