सुप्रीम कोर्ट में 5 नये जजों की नियुक्ति: केंद्र सरकार ने जारी की अधिसूचना, न्यायालय की ताकत बढ़कर 36 हुई
केंद्र सरकार ने सोमवार को सुप्रीम कोर्ट में पांच नये न्यायाधीशों की नियुक्ति की अधिसूचना जारी कर दी। इनमें चार उच्च न्यायालयों के मुख्य न्यायाधीश और एक वरिष्ठ अधिवक्ता शामिल हैं। यह नियुक्तियां सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम द्वारा 27 मई को की गई सिफारिशों के महज चार दिन बाद हुई हैं और हाल के वर्षों में शीर्ष अदालत में सबसे महत्वपूर्ण नियुक्तियों..
नयी दिल्ली। केंद्र सरकार ने सोमवार को सुप्रीम कोर्ट में पांच नये न्यायाधीशों की नियुक्ति की अधिसूचना जारी कर दी। इनमें चार उच्च न्यायालयों के मुख्य न्यायाधीश और एक वरिष्ठ अधिवक्ता शामिल हैं। यह नियुक्तियां सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम द्वारा 27 मई को की गई सिफारिशों के महज चार दिन बाद हुई हैं और हाल के वर्षों में शीर्ष अदालत में सबसे महत्वपूर्ण नियुक्तियों में से एक मानी जा रही हैं।
केंद्रीय कानून मंत्री Arjun Ram Meghwal ने सोशल मीडिया मंच X पर इसकी जानकारी दी। उन्होंने कहा कि संविधान के अनुच्छेद 124(2) के तहत राष्ट्रपति ने भारत के मुख्य न्यायाधीश से परामर्श के बाद इन नियुक्तियों को मंजूरी दी है।
सुप्रीम कोर्ट के नए न्यायाधीश कौन हैं?
नियुक्त किए गए पांच नये न्यायाधीश हैं..
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क्रमांक |
नाम |
वर्तमान पद |
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1 |
Justice Sheel Nagu |
पंजाब एवं हरियाणा हाई कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश |
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2 |
Justice Shree Chandrashekhar |
बॉम्बे हाई कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश |
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3 |
Justice Sanjeev Sachdeva |
मध्य प्रदेश हाई कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश |
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4 |
Justice Arun Palli |
जम्मू-कश्मीर और लद्दाख हाई कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश |
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5 |
V Mohana |
वरिष्ठ अधिवक्ता |
इन पांचों के मंगलवार को सुप्रीम कोर्ट के न्यायाधीश के रूप में शपथ लेने की संभावना है।
कॉलेजियम ने की थी सिफारिश
इन नामों की सिफारिश 27 मई को मुख्य न्यायाधीश Surya Kant की अध्यक्षता वाले सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम ने की थी। कॉलेजियम में न्यायमूर्ति Vikram Nath, J K Maheshwari, B V Nagarathna और M M Sundresh भी शामिल थे।
सुप्रीम कोर्ट की संख्या बढ़ी
हाल ही में केंद्र सरकार ने सुप्रीम कोर्ट (न्यायाधीशों की संख्या) संशोधन अध्यादेश, 2026 के जरिए सुप्रीम कोर्ट में न्यायाधीशों की स्वीकृत संख्या 33 से बढ़ाकर 37 कर दी थी (मुख्य न्यायाधीश को छोड़कर)।
इस कदम का उद्देश्य..
- लंबित मामलों का बोझ कम करना
- नियमित संविधान पीठों का गठन आसान बनाना
- न्यायिक कार्यक्षमता बढ़ाना
वर्तमान में सुप्रीम कोर्ट में लंबित मामलों की संख्या 92,000 से अधिक बताई जा रही है। इन नई नियुक्तियों के बाद सुप्रीम Court में मुख्य न्यायाधीश के अलावा न्यायाधीशों की संख्या 36 हो जाएगी और केवल एक पद रिक्त रहेगा।
न्यायमूर्ति शील नागू
Justice Sheel Nagu मूल रूप से मध्य प्रदेश हाई कोर्ट से जुड़े रहे हैं। उन्हें 2011 में हाई कोर्ट का न्यायाधीश बनाया गया था। 2024 में वे पंजाब एवं हरियाणा हाई कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश बने।
संवैधानिक, सेवा और प्रशासनिक कानून के मामलों में उनकी विशेषज्ञता मानी जाती है।
न्यायमूर्ति श्री चंद्रशेखर
Justice Shree Chandrashekhar ने अपने न्यायिक करियर की शुरुआत झारखंड हाई कोर्ट से की थी और 2013 में न्यायाधीश बने थे।
झारखंड हाई कोर्ट के कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश रहने के बाद उन्हें 2025 में बॉम्बे हाई कोर्ट का मुख्य न्यायाधीश नियुक्त किया गया।
न्यायमूर्ति संजीव सचदेवा
Justice Sanjeev Sachdeva पहले दिल्ली हाई कोर्ट के न्यायाधीश रहे और बाद में मध्य प्रदेश हाई कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश बने।
संवैधानिक, वाणिज्यिक और आपराधिक मामलों में उनके कई महत्वपूर्ण फैसले रहे हैं। 2013 में न्यायाधीश बनने से पहले उन्होंने दिल्ली हाई कोर्ट और सुप्रीम कोर्ट में व्यापक वकालत की थी।
न्यायमूर्ति अरुण पल्ली
Justice Arun Palli ने 1988 में पंजाब एवं हरियाणा हाई कोर्ट में वकालत शुरू की थी।
उन्हें 2007 में वरिष्ठ अधिवक्ता नामित किया गया और 2013 में न्यायाधीश बनाया गया। उन्होंने संवैधानिक, श्रम, दीवानी और आपराधिक मामलों की सुनवाई की है।
वी. मोहना की नियुक्ति क्यों है खास?
V Mohana की नियुक्ति कई कारणों से महत्वपूर्ण मानी जा रही है।
सुप्रीम कोर्ट में महिलाओं का प्रतिनिधित्व बढ़ेगा
वर्तमान में सुप्रीम कोर्ट में केवल एक महिला न्यायाधीश, B V Nagarathna हैं। मोहना की नियुक्ति के बाद महिला न्यायाधीशों की संख्या बढ़कर दो हो जाएगी।
सीधे बार से सुप्रीम कोर्ट पहुंचने वाली दूसरी महिला
मोहना 2018 में नियुक्त हुईं Justice Indu Malhotra के बाद बार (वकालत पेशे) से सीधे सुप्रीम कोर्ट की न्यायाधीश बनने वाली केवल दूसरी महिला होंगी।
शानदार कानूनी करियर
- 1988 में कोयंबटूर लॉ कॉलेज से कानून की पढ़ाई पूरी की।
- वरिष्ठ अधिवक्ता एम. पंचपकेसन के मार्गदर्शन में प्रशिक्षण लिया।
- बाद में दिल्ली आकर न्यायमूर्ति इंदु मल्होत्रा और वरिष्ठ अधिवक्ता सी.एस. वैद्यनाथन के साथ कार्य किया।
- 1996 में एडवोकेट-ऑन-रिकॉर्ड परीक्षा उत्तीर्ण की।
- सुप्रीम कोर्ट, दिल्ली हाई कोर्ट और राष्ट्रीय उपभोक्ता विवाद निवारण आयोग में वकालत की।
- Kapil Sibal, K K Venugopal, P Chidambaram, Arun Jaitley और टी.आर. अंध्यारुजिना जैसे दिग्गज कानूनी विशेषज्ञों के साथ पेश हुईं।
- 2015 में सुप्रीम कोर्ट ने उन्हें वरिष्ठ अधिवक्ता का दर्जा दिया।
आगे भी होंगे कई बदलाव
इन नियुक्तियों के बावजूद सुप्रीम कोर्ट को आने वाले महीनों में कई सेवानिवृत्तियों का सामना करना पड़ेगा।
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न्यायाधीश |
सेवानिवृत्ति तिथि |
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Pankaj Mithal |
6 जून 2026 |
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J K Maheshwari |
28 जून 2026 |
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Sanjay Karol |
28 अगस्त 2026 |
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Satish Chandra Sharma |
29 नवंबर 2026 |
क्यों महत्वपूर्ण हैं ये नियुक्तियां?
इन पांच नियुक्तियों से..
- सुप्रीम कोर्ट की बढ़ी हुई क्षमता का लाभ मिलेगा।
- लंबित मामलों के निपटारे में तेजी आने की उम्मीद है।
- क्षेत्रीय प्रतिनिधित्व और न्यायिक विविधता मजबूत होगी।
- महिला प्रतिनिधित्व में सुधार होगा।
- संविधान पीठों के गठन में आसानी होगी।
यह नियुक्तियां ऐसे समय में हुई हैं जब सर्वोच्च न्यायालय बढ़ते मुकदमों के बोझ और आगामी सेवानिवृत्तियों के बीच अपनी कार्यक्षमता को बनाए रखने की चुनौती का सामना कर रहा है।
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