‘शहर का नाम बदला गया, लेकिन...’: आप सांसद ने इलाहाबाद विश्वविद्यालय और हाईकोर्ट का नाम बदलने की उठाई मांग, जानिए पूरा मामला

आम आदमी पार्टी (AAP) के राज्यसभा सांसद अशोक कुमार मित्तल ने सोमवार को संसद में ज़ीरो ऑवर के दौरान कहा कि केंद्र सरकार ने कई औपनिवेशिक काल के स्थानों के नाम बदले हैं, लेकिन ब्रिटिश काल की विरासत को पूरी तरह खत्म करने के लिए और भी बदलाव ज़रूरी हैं..

‘शहर का नाम बदला गया, लेकिन...’: आप सांसद ने इलाहाबाद विश्वविद्यालय और हाईकोर्ट का नाम बदलने की उठाई मांग, जानिए पूरा मामला
18-03-2025 - 01:04 PM
22-04-2026 - 05:53 PM

नयी दिल्ली। आम आदमी पार्टी (AAP) के राज्यसभा सांसद अशोक कुमार मित्तल ने सोमवार को संसद में ज़ीरो ऑवर के दौरान कहा कि केंद्र सरकार ने कई औपनिवेशिक काल के स्थानों के नाम बदले हैं, लेकिन ब्रिटिश काल की विरासत को पूरी तरह खत्म करने के लिए और भी बदलाव ज़रूरी हैं।

उन्होंने केंद्र सरकार की सराहना करते हुए कहा कि राजपथ का नाम बदलकर कर्तव्य पथ करना, भारतीय दंड संहिता (IPC) का नाम बदलकर ‘भारतीय न्याय संहिता’ रखना और इलाहाबाद का नाम बदलकर प्रयागराज करना राष्ट्रीयता से प्रेरित सोच को दर्शाता है।

भवनों का महिमामंडन ठीक नहीं’
मित्तल ने चिंता जताई कि कुछ इमारतें आज भी भारत के ब्रिटिश शासनकाल की याद दिलाती हैं और उनका महिमामंडन किया जा रहा है। उन्होंने कहा, “ये कदम औपनिवेशिक मानसिकता को समाप्त करने की दिशा में अहम हैं, लेकिन हमें उन इमारतों और स्थानों पर भी ध्यान देना होगा जिन्हें आज भी राष्ट्रीय धरोहर के रूप में देखा जाता है, जैसे कि ताजमहल के समकक्ष।”

इलाहाबाद हाईकोर्ट और विश्वविद्यालय का नाम अब तक नहीं बदला
मित्तल ने इस बात पर भी सवाल उठाया कि जबकि शहर का नाम प्रयागराज कर दिया गया है, लेकिन इलाहाबाद हाईकोर्ट और प्रसिद्ध इलाहाबाद विश्वविद्यालय का नाम अब तक नहीं बदला गया है। उन्होंने यह भी जोड़ा कि लोकसभा निर्वाचन क्षेत्र का नाम भी अभी "इलाहाबाद" ही है।

उन्होंने कहा, “शहर का नाम भले ही प्रयागराज कर दिया गया हो, लेकिन उसका हाईकोर्ट और एक प्रतिष्ठित विश्वविद्यालय अभी भी ‘इलाहाबाद’ नाम से चल रहे हैं। यहां तक कि लोकसभा सीट का नाम भी इलाहाबाद ही है, प्रयागराज नहीं।”

ब्रिटिश अधिकारियों से जुड़े स्थानों की समीक्षा की मांग
मित्तल ने यह भी सवाल उठाया कि ब्रिटिश अधिकारियों जैसे वॉरेन हेस्टिंग्स और लेफ्टिनेंट सी. ए. एडवर्ड्स से जुड़े स्थानों को आज भी महत्त्व दिया जा रहा है, जो कि चिंताजनक है। उन्होंने कहा, “ऐसे स्थानों को राष्ट्रीय धरोहर जैसे ताजमहल के बराबर मानना सही नहीं है। इन स्थानों की समीक्षा होनी चाहिए और इनके महिमामंडन पर रोक लगनी चाहिए।”

राज्यों को बदलाव के लिए प्रेरित करने की अपील
उन्होंने राज्य सरकारों से अपील की कि वे इस दिशा में कदम उठाएं, ऐसी विरासतों की पहचान करें और उनके नामों में बदलाव की प्रक्रिया शुरू करें। साथ ही उन्होंने यह सुझाव दिया कि एक संसदीय समिति का गठन किया जाए, जो नाम परिवर्तन की समीक्षा करे और आगे के सुझाव दे।

राज्यसभा में विपक्ष का वॉकआउट
इस बीच, कांग्रेस और तृणमूल कांग्रेस (TMC) ने राज्यसभा में उस समय वॉकआउट कर दिया जब चुनाव आयोग की कथित चूक पर चर्चा की उनकी मांग को अस्वीकार कर दिया गया।

What's Your Reaction?

like

dislike

love

funny

angry

sad

wow

THE NEWS THIKANA, संपादकीय डेस्क यह द न्यूजठिकाना डॉट कॉम की संपादकीय डेस्क है। डेस्क के संपादकीय सदस्यों का प्रयास रहता है कि अपने पाठकों को निष्पक्षता और निर्भीकता के साथ विभिन्न विषयों के सच्चे, सटीक, विश्वसनीय व सामयिक समाचारों के अलावाआवश्यक उल्लेखनीय विचारों को भी सही समय पर अवगत कराएं।