त्रिपुरा में मंदिर फंड को लेकर सांप्रदायिक झड़पें, मस्जिद और घरों को नुकसान; इंटरनेट सेवाएं निलंबित
त्रिपुरा के उनाकोटी जिले के कुमारघाट उपमंडल में शनिवार को एक स्थानीय मंदिर के लिए चंदा वसूली को लेकर दो समूहों के बीच हिंसक झड़पें हो गईं। अधिकारियों के अनुसार, इस घटना में कम से कम पांच से छह लोग घायल हुए, जबकि आगजनी और तोड़फोड़ की घटनाएं भी सामने आईं। हालात बिगड़ने के बाद प्रशासन ने पूरे इलाके में..
उनाकोटी। त्रिपुरा के उनाकोटी जिले के कुमारघाट उपमंडल में शनिवार को एक स्थानीय मंदिर के लिए चंदा वसूली को लेकर दो समूहों के बीच हिंसक झड़पें हो गईं। अधिकारियों के अनुसार, इस घटना में कम से कम पांच से छह लोग घायल हुए, जबकि आगजनी और तोड़फोड़ की घटनाएं भी सामने आईं। हालात बिगड़ने के बाद प्रशासन ने पूरे इलाके में निषेधाज्ञा लागू कर दी।
हिंसा के चलते कई घरों, एक लकड़ी की दुकान और एक स्थानीय मस्जिद को नुकसान पहुंचा। स्थिति को और बिगड़ने से रोकने के लिए प्रशासन ने 48 घंटे के लिए इंटरनेट सेवाएं निलंबित कर दीं और भारी सुरक्षा बल तैनात किया।
मंदिर फंड को लेकर विवाद ने लिया हिंसक रूप
एक वरिष्ठ अधिकारी के अनुसार, हिंसा की शुरुआत फटिकरॉय थाना क्षेत्र के अंतर्गत सैदारपार इलाके में हुई। यहां कुछ युवकों ने लकड़ी से लदे एक वाहन को रोककर शिव मंदिर के लिए चंदे की मांग की। वाहन चालक ने लकड़ी व्यापारी मसब्बिर अली से संपर्क किया, जिन्होंने बताया कि वह पहले ही मंदिर के लिए चंदा दे चुके हैं।
इसके बाद दोनों पक्षों के बीच बहस शुरू हो गई, जो जल्द ही हिंसा में बदल गई। अधिकारी ने बताया, “मसब्बिर ने युवकों को बताया कि वह पहले ही मंदिर के लिए चंदा दे चुके हैं लेकिन ऐसा प्रतीत हुआ कि वे दोबारा पैसे की मांग कर रहे थे। इसी बात को लेकर बहस शुरू हुई और फिर युवकों के एक समूह ने लकड़ी व्यापारी और चालक पर हमला कर दिया, जिससे दोनों घायल हो गए।”
घटना की खबर फैलते ही दूसरे समुदाय के युवक भी मौके पर पहुंच गए, जिसके बाद दोनों पक्षों के बीच झड़पें शुरू हो गईं।
आगजनी, मस्जिद में तोड़फोड़; भारी सुरक्षा बल तैनात
हिंसा के दौरान मसब्बिर की लकड़ी की दुकान में आग लगा दी गई, जिसकी लपटें पास के तीन घरों तक फैल गईं। अधिकारियों ने पुष्टि की कि एक स्थानीय मस्जिद में भी तोड़फोड़ की गई। जिला मजिस्ट्रेट अतिरिक्त पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे, जहां भीड़ को तितर-बितर करने के लिए दोनों समूहों पर लाठीचार्ज करना पड़ा।
उनाकोटी के जिला मजिस्ट्रेट तमल मजूमदार ने कहा, “स्थिति अब नियंत्रण में है।” उन्होंने बताया कि तनाव कम करने के लिए असम राइफल्स, सीआरपीएफ, बीएसएफ और त्रिपुरा स्टेट राइफल्स सहित अर्धसैनिक बलों को तैनात किया गया है। कुमारघाट उपमंडल में भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता की धारा 163 के तहत निषेधाज्ञा लागू कर दी गई है और अगले 48 घंटों के लिए इंटरनेट सेवाएं निलंबित कर दी गई हैं।
पुलिस ने इस घटना के संबंध में स्वतः संज्ञान लेते हुए मामला दर्ज किया है और करीब आठ लोगों को पूछताछ के लिए थाने लाया गया है।
राजनीतिक प्रतिक्रिया
उनाकोटी जिले से ताल्लुक रखने वाले वरिष्ठ कांग्रेस नेता बिराजीत सिन्हा ने दो समुदायों के बीच हुई हिंसा की कड़ी निंदा की। उन्होंने कहा, “हमलावरों ने न केवल लकड़ी की दुकान में आग लगाई और निर्दोष लोगों पर हमला किया, बल्कि एक स्थानीय मस्जिद में घुसकर व्यापक नुकसान भी पहुंचाया। मैं इन झड़पों की कड़ी निंदा करता हूं और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग करता हूं।”
सिन्हा ने दावा किया कि झड़पों में कम से कम पांच से छह लोग घायल हुए हैं। प्रशासन स्थिति पर कड़ी नजर बनाए हुए है ताकि किसी भी तरह की आगे की अशांति को रोका जा सके।
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