कांग्रेस का ‘नोबेल प्राइज’ तंज बनाम बीजेपी का ‘घबराहट’ पलटवार
दिल्ली। संसद के शीतकालीन सत्र की शुरुआत उसी अंदाज़ में हुई जैसी अनुमानित थी,सरकार और विपक्ष के बीच तीखे आरोप-प्रतिआरोप, हंगामा और सदन की कार्यवाही का समय से पहले स्थगित होना। अंदर ही नहीं, बाहर भी राजनीतिक जंग जारी रही। नेशनल हेराल्ड मनी लॉन्ड्रिंग मामले में सोनिया गांधी और राहुल गांधी के खिलाफ आपराधिक साज़िश का आरोप तय होने पर बीजेपी और कांग्रेस के बीच बयानबाज़ी तेज..
नयी दिल्ली। संसद के शीतकालीन सत्र की शुरुआत उसी अंदाज़ में हुई जैसी अनुमानित थी,सरकार और विपक्ष के बीच तीखे आरोप-प्रतिआरोप, हंगामा और सदन की कार्यवाही का समय से पहले स्थगित होना। अंदर ही नहीं, बाहर भी राजनीतिक जंग जारी रही। नेशनल हेराल्ड मनी लॉन्ड्रिंग मामले में सोनिया गांधी और राहुल गांधी के खिलाफ आपराधिक साज़िश का आरोप तय होने पर बीजेपी और कांग्रेस के बीच बयानबाज़ी तेज हो गई।
कांग्रेस का हमला: “बीजेपी अपनी ही कल्पना से केस गढ़ रही है”
कांग्रेस नेता और वरिष्ठ वकील अभिषेक मनु सिंघवी ने केंद्र की बीजेपी सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि यह पूरा मामला “बीजेपी की विकृत कल्पना से निकला हुआ केस” है। उनके मुताबिक,
“न कोई अपराध, न कोई पैसा, न कोई ट्रांजैक्शन… फिर भी बीजेपी अपनी कल्पना से केस तैयार करती है।”
उन्होंने व्यंग्य करते हुए कहा कि अगर न्याय अंधा है, तो ईडी रंगांध (colour blind) है क्योंकि वह सिर्फ “एक ही रंग” देखती है यानी विपक्ष।
सिंघवी ने आगे कहा, “यह नेशनल हेराल्ड केस नहीं, यह नेशनल हैरेसमेंट (उत्पीड़न) केस है। अगर बदले की राजनीति एक विषय होती, तो बीजेपी इसमें सर्वोच्च डिग्री हासिल करती।”
बीजेपी का जवाब: “कांग्रेस घबराहट, हताशा और घोर चिंता में”
बीजेपी के राष्ट्रीय महासचिव तरुण चुग़ ने पलटवार करते हुए कहा कि कांग्रेस नेतृत्व “पैनिक, फ्रस्ट्रेशन और आउटक्राई” की स्थिति में है।
चुग़ का दावा था कि कांग्रेस ने आज़ादी के सेनानियों के पैसे और संस्थान को “लूट” कर निजी संपत्ति में बदला।
बीजेपी के मुख्य ‘X’ हैंडल पर एक 150-सेकंड का वीडियो भी जारी किया गया, जिसमें आरोप लगाया गया कि किसी कोर्ट ने अब तक गांधी परिवार को इस मामले में राहत नहीं दी। पोस्ट में लिखा गया:
“एक स्कैंडल जो मरने का नाम नहीं लेता…”
वीडियो में ईडी की कार्रवाई का हवाला देते हुए कहा गया कि AJL और यंग इंडियन की संपत्तियों की कुर्की “स्वतंत्रता सेनानियों द्वारा बनाए संस्थान को निजी रियल एस्टेट साम्राज्य में बदलने की कहानी उजागर करती है।”
सहयोगी दल भी मैदान में उतरे
उद्धव ठाकरे गुट की शिवसेना की सांसद प्रियंका चतुर्वेदी समेत कई सहयोगी दल कांग्रेस के समर्थन में उतर आए।
उन्होंने कहा, “नेशनल हेराल्ड मामला सिर्फ और सिर्फ राजनीतिक प्रतिशोध है… विपक्ष की आवाज़ दबाने का हथियार।”
मामला क्या है? – नेशनल हेराल्ड और आरोपों की पूरी कहानी..
नेशनल हेराल्ड क्या है?
- 1938 में जवाहरलाल नेहरू व अन्य नेताओं ने इसकी स्थापना की।
- यह AJL के स्वामित्व में था और कांग्रेस का वैचारिक अख़बार माना जाता था।
- 2008 में अख़बार बंद हो गया, लेकिन उसके पास ₹90.21 करोड़ कर्ज के बावजूद लगभग ₹2,000 करोड़ की संपत्तियाँ थीं (ईडी के अनुसार अब लगभग ₹5,000 करोड़ की कीमत)।
नेशनल हेराल्ड केस क्या है?
- 2012 में बीजेपी नेता सुब्रमण्यम स्वामी ने निजी शिकायत दायर की।
- आरोप: गांधी परिवार ने लगभग ₹2,000 करोड़ की AJL संपत्तियों को सिर्फ ₹50 लाख में हड़प लिया।
- इन संपत्तियों में दिल्ली का हेराल्ड हाउस, मुंबई के बांद्रा की प्रॉपर्टीज़ शामिल—जिनकी संयुक्त कीमत लगभग ₹661 करोड़ बताई जाती है।
- आरोप यह भी कि AJL ने सरकार से “सिर्फ अख़बार चलाने के लिए” दी गई इन संपत्तियों का व्यावसायिक उपयोग कर किराया कमाया।
- ईडी का दावा: किराया और अन्य स्रोतों से प्राप्त ये ₹998 करोड़ की राशि ‘proceeds of crime’ है।
इस मामले में दिल्ली पुलिस की आर्थिक अपराध शाखा (EOW) ने रविवार को सोनिया गांधी, राहुल गांधी और चार अन्य व्यक्तियों के खिलाफ नई FIR दर्ज कर दी।
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