डी गुकेश फिर बने मैग्नस कार्लसन के निशाने पर- बोले, "गुकेश के लिए भी चुप ही रहता.."
दिसंबर में गुकेश के विश्व चैंपियन बनने के बाद से यह टकराव और तीखा होता जा रहा है। उस समय कार्लसन ने डिंग लिरेन के खिलाफ हुए फाइनल मैच की गुणवत्ता पर सवाल उठाए थे और कहा था कि भारी चूक के चलते गुकेश जीते..
नयी दिल्ली। भारतीय ग्रैंडमास्टर डी गुकेश और दिग्गज नॉर्वेजियन खिलाड़ी मैग्नस कार्लसन के बीच नई चेस प्रतिद्वंद्विता ने शतरंज जगत में खलबली मचा दी है। दिसंबर में गुकेश के विश्व चैंपियन बनने के बाद से यह टकराव और तीखा होता जा रहा है। उस समय कार्लसन ने डिंग लिरेन के खिलाफ हुए फाइनल मैच की गुणवत्ता पर सवाल उठाए थे और कहा था कि भारी चूक के चलते गुकेश जीते।
इसके बाद गुकेश ने नॉर्वे चेस टूर्नामेंट में कार्लसन को क्लासिकल फॉर्मेट में हराकर पहली बार मात दी। फिर ज़ाग्रेब रैपिड टूर्नामेंट में भी उन्होंने कार्लसन को हराकर सनसनी मचा दी।
कार्लसन का गुकेश पर तंज: "उसके लिए भी चुप ही रहता"
फिलहाल कार्लसन Esports World Cup में हिस्सा ले रहे हैं। इसी दौरान सोशल मीडिया टीम के साथ एक इंटरैक्टिव सेशन में उनसे कहा गया कि जब तक किसी ऐसे खिलाड़ी का नाम न लिया जाए जो उनसे बेहतर हो, तब तक वे चुप रहें।
सेशन में बॉबी फिशर तक का नाम लिया गया, लेकिन कार्लसन चुप ही रहे। जब गैरी कास्परोव का नाम लिया गया, तब जाकर उन्होंने प्रतिक्रिया दी।
इस वीडियो को इंस्टाग्राम पर साझा किया गया, जिस पर कार्लसन ने खुद प्रतिक्रिया दी और गुकेश पर फिर तंज कसा। उन्होंने कमेंट किया,"मैं गुकेश के लिए भी चुप ही रहता..।" यानी उनका इशारा था कि गुकेश भी उनके मुकाबले बेहतर नहीं हैं।
नॉर्वे चेस में हार के बाद कार्लसन ने खोया आपा
गुकेश ने नॉर्वे चेस में कार्लसन को हराया था, जिससे नाराज़ होकर कार्लसन ने टेबल पर हाथ मारा, जिससे सारे मोहरे गिर गए। यह वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया था।
मैच के बाद कार्लसन ने कहा
"सच कहूँ तो, इस समय मुझे शतरंज खेलने में मज़ा नहीं आ रहा है। मैं पूरी तरह हिचकिचाहट में खेल रहा हूँ और मेरे खेल का प्रवाह पूरी तरह बिगड़ गया है।"
गुकेश की प्रतिक्रिया: "मैग्नस को हराना हमेशा खास होता है"
वहीं गुकेश ने इस जीत को लेकर कहा, "मैग्नस को हराना हमेशा खास होता है। इससे आत्मविश्वास भी मिलता है, खासकर जब आप खराब पोजीशन में हों। इस टूर्नामेंट में मेरी शुरुआती स्थिति बहुत खराब थी लेकिन फिर भी लगातार दो खराब पोजीशन से मैच जीतना मेरे लिए अच्छा संकेत है।"
टिप्पणीः-
गुकेश और कार्लसन के बीच की यह तीखी प्रतिद्वंद्विता अब सिर्फ बोर्ड तक सीमित नहीं रह गई है, बल्कि सोशल मीडिया पर भी दोनों के बीच मनमुटाव और व्यंग्य देखने को मिल रहा है। जहां गुकेश मैदान में प्रदर्शन से जवाब दे रहे हैं, वहीं कार्लसन मनोवैज्ञानिक खेल खेल रहे हैं। अब तंज और टिप्पणियों के सहारे वापसी की कोशिश करते दिख रहे हैं।
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