मेरी ज़िंदगी का सबसे अंधकारमय दिन’: वेदांता चेयरमैन अनिल अग्रवाल के बेटे का हार्ट अटैक से निधन

वेदांता समूह के चेयरमैन अनिल अग्रवाल ने अपने बेटे अग्निवेश अग्रवाल के अचानक निधन पर गहरा शोक व्यक्त किया है। 49 वर्षीय अग्निवेश अग्रवाल का न्यूयॉर्क में कार्डियक अरेस्ट के कारण निधन हो गया..

मेरी ज़िंदगी का सबसे अंधकारमय दिन’: वेदांता चेयरमैन अनिल अग्रवाल के बेटे का हार्ट अटैक से निधन
09-01-2026 - 09:51 AM
22-04-2026 - 05:53 PM

मेरी ज़िंदगी का सबसे अंधकारमय दिन’: वेदांता चेयरमैन अनिल अग्रवाल के बेटे का हार्ट अटैक से निधन

लंदन। वेदांता समूह के चेयरमैन अनिल अग्रवाल ने अपने बेटे अग्निवेश अग्रवाल के अचानक निधन पर गहरा शोक व्यक्त किया है। 49 वर्षीय अग्निवेश अग्रवाल का न्यूयॉर्क में कार्डियक अरेस्ट के कारण निधन हो गया। वह वहां माउंट सीनाई अस्पताल में इलाज के दौरान स्वास्थ्य लाभ कर रहे थे।

बताया गया है कि अग्निवेश अमेरिका में स्कीइंग के दौरान हुए एक हादसे में घायल हो गए थे, जिसके बाद उन्हें न्यूयॉर्क के माउंट सीनाई अस्पताल में भर्ती कराया गया था। उनकी हालत में सुधार हो रहा था, लेकिन इसी दौरान अचानक दिल का दौरा पड़ने से उनका निधन हो गया।

अपने बेटे के निधन को जीवन का “सबसे अंधकारमय दिन” बताते हुए अनिल अग्रवाल ने कहा,
मेरा प्रिय बेटा अग्निवेश हमें बहुत जल्दी छोड़कर चला गया। वह सिर्फ 49 साल का था, पूरी तरह स्वस्थ, जीवन और सपनों से भरा हुआ। अमेरिका में स्कीइंग दुर्घटना के बाद वह न्यूयॉर्क के माउंट सीनाई अस्पताल में अच्छी तरह से ठीक हो रहा था। हमें लगा था कि सबसे बुरा वक्त गुजर चुका है, लेकिन किस्मत को कुछ और ही मंजूर था। एक अचानक आए कार्डियक अरेस्ट ने हमारे बेटे को हमसे छीन लिया।”

अनिल अग्रवाल ने अग्निवेश की जीवन यात्रा को भी याद किया—पटना में 3 जून 1976 को जन्म से लेकर एक सफल उद्योगपति बनने तक का सफर। उन्होंने एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर लिखा,
एक मध्यमवर्गीय बिहारी परिवार में जन्म लेकर वह शक्ति, करुणा और उद्देश्य से भरा इंसान बना। वह अपनी मां की जिंदगी की रोशनी था, एक जिम्मेदार भाई, एक सच्चा दोस्त और ऐसा सौम्य व्यक्ति जिसने जिससे भी मुलाकात की, उसके जीवन को छू लिया।”

अग्निवेश अग्रवाल ने अजमेर के मेयो कॉलेज से पढ़ाई की थी। इसके बाद उन्होंने फुजैराह गोल्ड की स्थापना की और आगे चलकर हिंदुस्तान जिंक के चेयरमैन बने। इतनी उपलब्धियों के बावजूद, अनिल अग्रवाल के अनुसार उनका बेटा हमेशा “सरल, आत्मीय और पूरी तरह मानवीय” बना रहा।
उन्होंने कहा, “मेरे लिए वह सिर्फ मेरा बेटा नहीं था। वह मेरा दोस्त था, मेरा गर्व था, मेरी पूरी दुनिया था।”

अनिल अग्रवाल ने अपने बेटे के साथ साझा किए गए सपने को भी याद किया—एक आत्मनिर्भर भारत के निर्माण और समाज के उत्थान का सपना। उन्होंने कहा,
अग्नि आत्मनिर्भर भारत के निर्माण में गहरी आस्था रखता था। वह अक्सर कहता था, ‘पापा, एक देश के रूप में हमारे पास किसी चीज़ की कमी नहीं है। फिर हम पीछे क्यों रहें?’ मैंने अग्नि से वादा किया था कि हम जो भी कमाएंगे, उसका 75 प्रतिशत से अधिक समाज को लौटाएंगे। आज मैं उस वादे को फिर से दोहराता हूं और और भी सरल जीवन जीने का संकल्प लेता हूं।”

अपने भावुक संदेश के अंत में उन्होंने लिखा, बेटा, तुम हमारे दिलों में, हमारे काम में और उन सभी ज़िंदगियों में जीवित रहोगे जिन्हें तुमने छुआ। मुझे नहीं पता कि तुम्हारे बिना इस रास्ते पर कैसे चलूं, लेकिन मैं तुम्हारी रोशनी को आगे बढ़ाने की कोशिश जरूर करूंगा।”

अनिल अग्रवाल के दो बच्चे थे—दिवंगत बेटे अग्निवेश और बेटी प्रिया अग्रवाल। प्रिया वेदांता लिमिटेड के बोर्ड की सदस्य हैं और हिंदुस्तान जिंक लिमिटेड की चेयरपर्सन भी हैं। अग्निवेश अग्रवाल वेदांता की सहायक कंपनी तलवंडी साबो पावर लिमिटेड के चेयरपर्सन थे।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी अग्निवेश अग्रवाल के असामयिक निधन पर शोक व्यक्त किया है। एक्स पर पोस्ट करते हुए उन्होंने लिखा, श्री अग्निवेश अग्रवाल का असमय निधन बेहद चौंकाने वाला और दुखद है। इस मार्मिक श्रद्धांजलि से आपके दुख की गहराई साफ झलकती है। ईश्वर से प्रार्थना है कि आपको और आपके परिवार को इस कठिन समय में शक्ति और साहस मिले।”

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THE NEWS THIKANA, संपादकीय डेस्क यह द न्यूजठिकाना डॉट कॉम की संपादकीय डेस्क है। डेस्क के संपादकीय सदस्यों का प्रयास रहता है कि अपने पाठकों को निष्पक्षता और निर्भीकता के साथ विभिन्न विषयों के सच्चे, सटीक, विश्वसनीय व सामयिक समाचारों के अलावाआवश्यक उल्लेखनीय विचारों को भी सही समय पर अवगत कराएं।