हर भूल को न लें हल्के में,अल्ज़ाइमर हो सकता है वजह : विश्व अल्ज़ाइमर दिवस पर जागरूकता का आह्वान

हर साल 21 सितम्बर को विश्व अल्ज़ाइमर दिवस मनाया जाता है। इसका उद्देश्य अल्ज़ाइमर और डिमेंशिया जैसे मानसिक रोगों के प्रति लोगों में जागरूकता बढ़ाना और समय रहते इनके निदान और इलाज की ओर ध्यान आकर्षित

हर भूल को न लें हल्के में,अल्ज़ाइमर हो सकता है वजह : विश्व अल्ज़ाइमर दिवस पर जागरूकता का आह्वान
22-09-2025 - 11:50 AM
22-04-2026 - 05:53 PM

नयी दिल्ली। हर साल 21 सितम्बर को विश्व अल्ज़ाइमर दिवस मनाया जाता है। इसका उद्देश्य अल्ज़ाइमर और डिमेंशिया जैसे मानसिक रोगों के प्रति लोगों में जागरूकता बढ़ाना और समय रहते इनके निदान और इलाज की ओर ध्यान आकर्षित करना है।

अल्ज़ाइमर रोग मुख्य रूप से स्मृति, सोचने और समझने की क्षमता को प्रभावित करता है। यह डिमेंशिया का सबसे आम रूप है, जो खासतौर पर बुजुर्गों में देखा जाता है। विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) के अनुसार दुनियाभर में 5 करोड़ से अधिक लोग डिमेंशिया से प्रभावित हैं, जिनमें से अधिकांश अल्ज़ाइमर के मरीज हैं।

डॉक्टरों के मुताबिक शुरुआती लक्षणों में बातों को भूलना, रोज़मर्रा के कामों को करने में कठिनाई, भाषा और निर्णय क्षमता में कमी देखी जाती है। अगर समय रहते इसका पता चल जाए तो दवाओं, परामर्श और जीवनशैली में बदलाव से रोग की प्रगति को धीमा किया जा सकता है।

विशेषज्ञों का कहना है कि परिवार और समाज का सहयोग अल्ज़ाइमर रोगियों के लिए बेहद महत्वपूर्ण है। यही कारण है कि इस दिवस पर विभिन्न संस्थाएं और स्वास्थ्य संगठन जागरूकता अभियान चलाते हैं और लोगों को मानसिक स्वास्थ्य को लेकर सतर्क रहने की अपील करते हैं।

क्या है अल्ज़ाइमर?

अल्ज़ाइमर डिमेंशिया का सबसे सामान्य रूप है।

इसमें मस्तिष्क की कोशिकाएँ धीरे-धीरे नष्ट होती जाती हैं।

रोगी की स्मरण शक्ति कमजोर हो जाती है और सामान्य गतिविधियाँ प्रभावित होती हैं।

आमतौर पर यह समस्या 65 वर्ष से अधिक उम्र के लोगों में देखने को मिलती है, लेकिन कभी-कभी पहले भी हो सकती है।

अब तक इसका पूर्ण इलाज उपलब्ध नहीं है, लेकिन दवाइयाँ और देखभाल रोग की गति को धीमा कर सकती हैं।

कैसे बचें इस खतरनाक बीमारी से ?

-नियमित व्यायाम करें और शरीर को सक्रिय रखें।

-संतुलित आहार लें जिसमें हरी सब्ज़ियाँ, फल, अनाज और मेवे शामिल हों।

-मानसिक गतिविधियाँ जैसे पढ़ना, पहेलियाँ हल करना या नई चीज़ें सीखना जारी रखें।

-पर्याप्त नींद लें और तनाव कम करें।

-शुगर और ब्लड प्रेशर को नियंत्रित रखें, क्योंकि ये मस्तिष्क स्वास्थ्य पर असर डालते हैं।

-सामाजिक रूप से सक्रिय रहें और परिवार-समाज से जुड़ाव बनाए रखें।

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THE NEWS THIKANA, संपादकीय डेस्क यह द न्यूजठिकाना डॉट कॉम की संपादकीय डेस्क है। डेस्क के संपादकीय सदस्यों का प्रयास रहता है कि अपने पाठकों को निष्पक्षता और निर्भीकता के साथ विभिन्न विषयों के सच्चे, सटीक, विश्वसनीय व सामयिक समाचारों के अलावाआवश्यक उल्लेखनीय विचारों को भी सही समय पर अवगत कराएं।