"हमारे दर्द के साथ राजनीति न करें": पहलगाम आतंकी हमले में मारे गए पर्यटक की पत्नी की अपील
जम्मू-कश्मीर के पहलगाम आतंकी हमले में मारे गए सैलानी संतोष जगदाले की पत्नी प्रगति जगदाले ने राजनीतिक नेताओं से अपील की कि वे इस त्रासदी का राजनीतिक लाभ के लिए इस्तेमाल न करें..
पुणे। जम्मू-कश्मीर के पहलगाम आतंकी हमले में मारे गए सैलानी संतोष जगदाले की पत्नी प्रगति जगदाले ने राजनीतिक नेताओं से अपील की कि वे इस त्रासदी का राजनीतिक लाभ के लिए इस्तेमाल न करें।
उन्होंने कहा कि इस हमले के जीवित बचे लोग खुद गवाही दे सकते हैं कि आतंकियों ने क्या कहा था और उन्होंने किस तरह जानबूझकर हमला किया।
उनकी यह अपील ऐसे समय आई है जब महाराष्ट्र कांग्रेस नेता विजय वडेट्टीवार ने दावा किया कि यह कहना संदिग्ध है कि हमलावरों ने धर्म पूछकर गोली चलाई। उन्होंने कहा था कि आतंकियों का न कोई धर्म होता है और न जाति, इसलिए ऐसी खबरों पर कार्रवाई का आधार नहीं बनाना चाहिए।
वडेट्टीवार के बयान की भाजपा और सत्ताधारी गठबंधन ने तीखी आलोचना की। महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने इसे पीड़ित परिवारों के लिए असंवेदनशील और अपमानजनक बताया।
22 अप्रैल को अनंतनाग जिले के पहलगाम में हुए इस आतंकी हमले में 26 लोगों की मौत हो गई थी, जिनमें अधिकांश पर्यटक थे। चश्मदीदों और बचे लोगों ने मीडिया को बताया था कि हमलावरों ने गैर-मुसलमानों को पहचान कर निशाना बनाया।
पुणे में पत्रकारों से बात करते हुए प्रगति जगदाले ने कहा,
उन्होंने कहा कि उन्हें उम्मीद है सरकार की मदद से उनकी बेटी असावरी की जिंदगी फिर से पटरी पर आ पाएगी।
प्रगति ने भावुक होकर कहा, “हम हाथ जोड़कर कह रहे हैं—जो कुछ हुआ उसे राजनीति का मुद्दा न बनाएं। हमारे दर्द के साथ मत खेलिए। हम वहां मौजूद थे, हमने खुद आतंकियों को बोलते सुना है। हमने जो सुना, वह हम पहले ही बता चुके हैं।”
उन्होंने कहा कि हमलावर पूरी तैयारी और नफरत के साथ आए थे। उन्होंने कहा,
इससे पहले सोमवार को वडेट्टीवार ने बयान दिया था, “कहा जा रहा है कि धर्म पूछकर हमला हुआ। पर क्या आतंकियों के पास किसी के कान में फुसफुसा कर धर्म पूछने का समय होता है?”
इस बयान के बाद सत्तापक्ष ने तीखी प्रतिक्रिया दी। मुख्यमंत्री फडणवीस ने कहा कि वडेट्टीवार का बयान उन परिवारों के जख्मों पर नमक छिड़कने जैसा है, जो अपने प्रियजनों को खो चुके हैं।
What's Your Reaction?