'क्रेडिट लेना बंद करें': जाति जनगणना को लेकर BJP का राहुल गांधी पर हमला, अमित शाह के 2024 के बयान का हवाला
आगामी जनगणना में जातिगत गणना को शामिल करने के केंद्र सरकार के निर्णय पर कांग्रेस नेता राहुल गांधी द्वारा श्रेय लेने को लेकर भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने बुधवार को कड़ा प्रहार किया..
नयी दिल्ली। आगामी जनगणना में जातिगत गणना को शामिल करने के केंद्र सरकार के निर्णय पर कांग्रेस नेता राहुल गांधी द्वारा श्रेय लेने को लेकर भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने बुधवार को कड़ा प्रहार किया।
BJP ने कहा कि राहुल गांधी सरकार के फैसले का झूठा श्रेय ले रहे हैं, जबकि गृह मंत्री अमित शाह पहले ही 18 सितंबर 2024 को इस आशय के संकेत दे चुके थे।
BJP के आईटी सेल प्रमुख अमित मालवीय ने सोशल मीडिया पर कहा:
Rahul Gandhi must stop taking credit for the government’s decision on the caste census. Union Home Minister Amit Shah had already indicated on September 18, 2024, that the announcement was forthcoming.
In 2011, the Congress-led UPA government initiated the Socio-Economic and… pic.twitter.com/CaQhAoDnzo — Amit Malviya (@amitmalviya) April 30, 2025
उन्होंने यह भी याद दिलाया कि 2011 में कांग्रेस नेतृत्व वाली UPA सरकार ने सामाजिक-आर्थिक और जातिगत जनगणना शुरू की थी, जो 1931 के बाद पहली बार हुआ था।
लेकिन मालवीय ने आरोप लगाया कि कांग्रेस सरकार उस डेटा को जारी करने में विफल रही, क्योंकि उसमें कई गंभीर विसंगतियां और वर्गीकरण संबंधी समस्याएं थीं।
उन्होंने लिखा,
'द इंडियन एक्सप्रेस' की रिपोर्ट के अनुसार, जब अमित शाह से पूछा गया था कि क्या सरकार जातिगत जनगणना कराएगी, तो उन्होंने कहा था:
बुधवार को इस फैसले का स्वागत करते हुए गृह मंत्री शाह ने X (पूर्व ट्विटर) पर हिंदी में लिखा, “प्रधानमंत्री श्री @narendramodi जी की अध्यक्षता में आज हुई CCPA की बैठक में आगामी जनगणना में जातिगत गणना को शामिल करने का निर्णय लेकर, हर वर्ग के अधिकार और सामाजिक समरसता के प्रति सरकार की मजबूत प्रतिबद्धता का संदेश दिया गया है।”
उन्होंने कांग्रेस पर आरोप लगाया कि वह सत्ता में रहते हुए जातिगत जनगणना का विरोध करती रही, और विपक्ष में रहते हुए सिर्फ राजनीति करती है। उन्होंने कहा,
गौरतलब है कि कांग्रेस और विपक्षी INDI गठबंधन ने जातिगत जनगणना को एक प्रमुख चुनावी मुद्दा बनाया था। बिहार, कर्नाटक और तेलंगाना जैसे राज्यों ने पहले ही ऐसी गणनाएं कर ली हैं।
कोविड महामारी के कारण 2020 में शुरू होने वाली जनगणना में देरी हुई थी। राहुल गांधी ने चुनाव प्रचार के दौरान वादा किया था कि जनसंख्या के अनुपात में प्रतिनिधित्व सुनिश्चित किया जाएगा।
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