लोकसभा में सरकार–विपक्ष आमने-सामने, सदन दिन भर के लिए स्थगित..स्पीकर बिरला के विरुद्ध अविश्वास प्रस्चाव की तैयारी..!

केंद्रीय बजट पर चर्चा शुरू होने से पहले राहुल गांधी को बोलने की अनुमति देने की मांग को लेकर सरकार और विपक्ष के बीच गतिरोध के चलते सोमवार को लोकसभा को पूरे दिन के लिए स्थगित कर दिया गया। सूत्रों के अनुसार, विपक्षी सांसदों ने लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव लाने की योजना बना..

लोकसभा में सरकार–विपक्ष आमने-सामने, सदन दिन भर के लिए स्थगित..स्पीकर बिरला के विरुद्ध अविश्वास प्रस्चाव की तैयारी..!
09-02-2026 - 08:39 PM
09-02-2026 - 08:40 PM

नयी दिल्ली। केंद्रीय बजट पर चर्चा शुरू होने से पहले राहुल गांधी को बोलने की अनुमति देने की मांग को लेकर सरकार और विपक्ष के बीच गतिरोध के चलते सोमवार को लोकसभा को पूरे दिन के लिए स्थगित कर दिया गया। सूत्रों के अनुसार, विपक्षी सांसदों ने लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव लाने की योजना बना ली है। यह कदम ऐसे समय में उठाया जा रहा है, जब विपक्ष का आरोप है कि लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी को राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव की चर्चा के दौरान सदन में बोलने की अनुमति नहीं दी गई।

उल्लेखनीय है कि पिछले सप्ताह संसद के निचले सदन में उस समय भारी हंगामा और नारेबाजी देखने को मिली थी, जब राहुल गांधी ने वर्ष 2020 के भारत–चीन गतिरोध पर चर्चा करते हुए पूर्व थलसेना प्रमुख जनरल एम. एम. नरवणे की “अप्रकाशित” आत्मकथा का हवाला दिया। इस पर लोकसभा अध्यक्ष ने निर्णय सुनाते हुए राहुल गांधी को ऐसी “अप्रकाशित” सामग्री का उल्लेख करने से रोका और आगे पढ़ने की अनुमति नहीं दी।

आज, यानी सोमवार को दो बार स्थगन के बाद जब दोपहर 2 बजे सदन की कार्यवाही शुरू हुई, तो आसन पर बैठीं संध्या राय ने कांग्रेस सदस्य शशि थरूर से बजट पर बहस की शुरुआत करने को कहा।
इस पर थरूर ने कहा कि विपक्ष के नेता (LoP) होने के नाते राहुल गांधी को उनके भाषण से पहले कुछ बिंदु रखने की अनुमति दी जानी चाहिए।

संध्या राय ने कहा कि अगर गांधी बजट पर बोलना चाहते हैं तो उन्हें कोई आपत्ति नहीं है और उन्होंने उनसे शुरुआत करने को कहा।
हालांकि, गांधी ने कहा कि लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला और कुछ विपक्षी सांसदों के बीच हुई एक बैठक में यह सहमति बनी थी कि बजट चर्चा से पहले उन्हें कुछ मुद्दे उठाने की अनुमति दी जाएगी, लेकिन अब पीठ अपने वचन से पीछे हट रही है।

इस पर राय ने कहा कि उन्हें किसी ऐसी सहमति की जानकारी नहीं है और बिना नोटिस किसी को कोई मुद्दा उठाने की अनुमति नहीं दी जा सकती।

इसी दौरान संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने हस्तक्षेप करते हुए कहा कि ऐसी कोई सहमति नहीं थी। उन्होंने कहा कि यदि विपक्ष के नेता को अध्यक्ष के बारे में कुछ कहना है, तो ओम बिरला को भी सदन में मौजूद रहकर जवाब देना चाहिए।
रिजिजू ने यह भी कहा कि इस विषय पर सदन के अन्य सदस्य भी बोलेंगे और व्यापक चर्चा होगी।

जब दोनों पक्ष अपने-अपने रुख पर अड़े रहे, तो संध्या राय ने सदन को दिन भर के लिए स्थगित कर दिया। इससे पहले भी लोकसभा की कार्यवाही दो बार स्थगित हुई थी, पहली बार सुबह 11 बजे, जब दिन की कार्यसूची शुरू हुई  और दूसरी बार दोपहर 12 बजे, कुछ ही मिनट की कार्यवाही के बाद।

सुबह 11 बजे प्रश्नकाल शुरू होते ही विपक्षी सदस्यों ने कई मुद्दे उठाने शुरू कर दिए, जिन पर वे तत्काल चर्चा की मांग कर रहे थे। आसन पर बैठे ओम बिरला ने कहा कि ये मुद्दे केंद्रीय बजट पर चर्चा के दौरान उठाए जा सकते हैं। उन्होंने कहा कि विपक्ष के नेता सहित सभी सदस्य बहस के दौरान बोलने के लिए स्वतंत्र हैं।

विपक्ष के सदस्य जब नहीं माने, तो बिरला ने “पूर्व-नियोजित” व्यवधानों के लिए उन्हें आड़े हाथों लिया और नियमों के अनुसार सदन चलने देने की अपील की। विरोध जारी रहने पर उन्होंने थोड़ी देर के लिए कार्यवाही स्थगित कर दी।

दोपहर 12 बजे जब सदन फिर से बैठा, तो विपक्षी दलों ने फिर मांग की कि बजट चर्चा शुरू होने से पहले राहुल गांधी को बोलने दिया जाए। आसन पर बैठे कृष्ण प्रसाद तेनेटी ने जब थरूर को बहस शुरू करने के लिए बुलाया, तो विपक्षी सदस्य अड़े रहे और पहले गांधी को बोलने देने की मांग दोहराई।

तेनेटी ने रेखांकित किया कि चर्चा बजट पर है और कांग्रेस ने अपने प्रमुख वक्ता के रूप में थरूर का नाम दिया है। उन्होंने कहा कि यह स्पष्ट करना होगा कि क्या विपक्ष के नेता को पहले बोलने की अनुमति दी जा सकती है। उन्होंने गांधी से यह भी पूछा कि क्या वे बजट पर बोलना चाहते हैं।

इस बीच, थरूर ने कहा कि वे विपक्ष के नेता को प्राथमिकता देने के लिए अपनी बारी छोड़ने को तैयार हैं। गतिरोध जारी रहने पर तेनेटी ने सदन की कार्यवाही दोपहर 2 बजे तक स्थगित कर दी।

दिन भर के लिए सदन स्थगित होने के बाद, थरूर ने संसद परिसर में पत्रकारों से कहा कि गांधी उन आरोपों का जवाब देना चाहते थे, जिनमें कहा गया था कि कांग्रेस सांसदों ने पिछले सप्ताह प्रधानमंत्री के सदन में आने पर “अप्रत्याशित कदम” उठाने की योजना बनाई थी।
यह आरोप तब लगा था, जब प्रधानमंत्री को 28 जनवरी को राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव पर हुई बहस का जवाब देना था। थरूर ने कहा कि इस पर विपक्ष के नेता की ओर से स्पष्टीकरण जरूरी था।

बता दें कि लोकसभा में 3 फरवरी से लगातार व्यवधान देखने को मिल रहे हैं। यह तब शुरू हुआ, जब आसन ने राहुल गांधी को पूर्व थलसेना प्रमुख एम. एम. नरवणे की “अप्रकाशित आत्मकथा” के अंशों पर आधारित एक लेख से उद्धरण देने की अनुमति नहीं दी थी, जिसमें 2020 के भारत–चीन संघर्ष का उल्लेख था।

4 फरवरी को विपक्ष के विरोध के कारण प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी धन्यवाद प्रस्ताव पर बहस का जवाब नहीं दे सके। एक अभूतपूर्व कदम के तहत, 5 फरवरी को धन्यवाद प्रस्ताव प्रधानमंत्री के पारंपरिक भाषण के बिना ही पारित कर दिया गया। अध्यक्ष ने राष्ट्रपति के अभिभाषण के लिए धन्यवाद प्रस्ताव पढ़कर सुनाया और विपक्ष के नारेबाजी के बीच इसे ध्वनिमत से पारित कर दिया गया।

ओम बिरला ने यह भी कहा था कि उन्हें ठोस जानकारी मिली है कि कई कांग्रेस सांसद प्रधानमंत्री मोदी के बैठने की जगह तक पहुंचकर कोई “अप्रत्याशित कदम” उठा सकते हैं, इसलिए उन्होंने प्रधानमंत्री से सदन में आकर भाषण न देने को कहा था।

कांग्रेस नेता प्रियंका गांधी वाड्रा ने इस आरोप का खंडन किया। उन्होंने सदन के बाहर कहा, “यह पूरी तरह झूठ है। किसी के भी प्रधानमंत्री पर हाथ उठाने, उन्हें नुकसान पहुंचाने या ऐसा कोई कदम उठाने का सवाल ही नहीं है। ऐसा कोई प्लान नहीं था। इसलिए किसी का भी ऐसा कहना बिल्कुल गलत है।”

केंद्रीय बजट पर चर्चा 5 फरवरी के लिए सूचीबद्ध थी लेकिन सरकार और विपक्ष के बीच टकराव के कारण शुरू नहीं हो सकी। यह गतिरोध अगले दिन भी जारी रहा। सप्ताहांत अवकाश के बाद सोमवार को सदन की बैठक हुई लेकिन स्थिति में कोई समाधान नहीं निकल सका।

निर्धारित बजट चर्चा भी प्रभावित

Tags:

What's Your Reaction?

like

dislike

love

funny

angry

sad

wow

THE NEWS THIKANA, संपादकीय डेस्क यह द न्यूजठिकाना डॉट कॉम की संपादकीय डेस्क है। डेस्क के संपादकीय सदस्यों का प्रयास रहता है कि अपने पाठकों को निष्पक्षता और निर्भीकता के साथ विभिन्न विषयों के सच्चे, सटीक, विश्वसनीय व सामयिक समाचारों के अलावाआवश्यक उल्लेखनीय विचारों को भी सही समय पर अवगत कराएं।