हिमाचल के CM सुखविंदर सुक्खू ने PM मोदी से की अपील: तुर्की और अज़रबैजान से सेब आयात पर रोक लगे.. जानें क्यों
हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने शनिवार को नीति आयोग की 10वीं गवर्निंग काउंसिल की बैठक में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से तुर्की और अज़रबैजान से सेब के आयात पर रोक लगाने की मांग की
नयी दिल्ली। हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने शनिवार को नीति आयोग की 10वीं गवर्निंग काउंसिल की बैठक में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से तुर्की और अज़रबैजान से सेब के आयात पर रोक लगाने की मांग की। उन्होंने कहा कि सस्ती दरों पर आयातित सेब की वजह से हिमाचल के बागवानों को भारी नुकसान उठाना पड़ रहा है।
मुख्य बातें:
सेब आयात पर रोक लगाने की मांग
- सुक्खू ने कहा, "मैंने प्रधानमंत्री से अनुरोध किया कि तुर्की और अज़रबैजान से आने वाले सेबों के कारण हमारे सेबों की कीमतें गिर रही हैं और इससे बागवानों को नुकसान हो रहा है। इसलिए इन देशों से सेब के आयात पर रोक लगे।"
- उन्होंने दावा किया कि PM मोदी ने आश्वासन दिया है कि वे इस मुद्दे को गंभीरता से लेंगे।
तुर्की-अज़रबैजान के खिलाफ रणनीतिक नाराजगी भी वजह
- दोनों देशों ने हाल के भारत-पाकिस्तान सैन्य टकराव के दौरान पाकिस्तान का सार्वजनिक समर्थन किया था।
- इसलिए हिमाचल सरकार के इस कदम के पीछे कूटनीतिक संदेश देने की मंशा भी मानी जा रही है।
कांगड़ा एयरपोर्ट के विस्तार में केंद्र की भागीदारी की मांग
- मुख्यमंत्री ने कांगड़ा हवाई अड्डे के विस्तार के लिए 50-50 खर्च का प्रस्ताव रखा:
"हम 50 प्रतिशत खर्च उठाएंगे और बाकी केंद्र सरकार से अपेक्षित है।"
पर्यावरणीय मुद्दे: हिमाचल को ‘वन राज्य’ के लाभ नहीं
- सुक्खू ने कहा कि हिमाचल का 68% क्षेत्र वन भूमि के अंतर्गत आता है, लेकिन केवल 28% ही ‘वन आवरण’ में गिना गया है।
- राज्य के ठंडे रेगिस्तान (cold deserts) को वन भूमि नहीं मानने पर भी आपत्ति जताई गई:
"इस कारण हमें फाइनेंस कमिशन के फॉर्मूले में पूरा लाभ नहीं मिलता।"
बिजली परियोजनाओं में रॉयल्टी और कर्ज माफी पर टिप्पणी
- मुख्यमंत्री ने सुझाव दिया कि जिन पावर प्रोजेक्ट्स को कर्जमाफी मिलती है, उन्हें राज्य को 50% रॉयल्टी देनी चाहिए।
- साथ ही राज्य की कमजोर आर्थिक स्थिति को ध्यान में रखते हुए केंद्र से वित्तीय सहायता की मांग भी रखी।
नीति आयोग की बैठक में PM मोदी का आह्वान
- प्रधानमंत्री ने सभी राज्यों से अपील की कि वे ‘विकसित भारत’ (Viksit Bharat) के लक्ष्य को ध्यान में रखते हुए अपने शहरों, गांवों और संस्थानों को विकसित बनाने पर जोर दें।
निष्कर्ष
हिमाचल सरकार की सेब आयात पर रोक की मांग सिर्फ आर्थिक ही नहीं, बल्कि रणनीतिक और पर्यावरणीय हितों से जुड़ी है। अब देखना होगा कि केंद्र सरकार इसपर क्या कदम उठाती है।
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