भारत-नेपाल ने द्विपक्षीय संबंधों और विकास सहयोग को नई गति देने पर की चर्चा, नेपाल ने जताई ‘परिवर्तनकारी साझेदारी’ की इच्छा
भारत और नेपाल ने शनिवार को काठमांडू में नई सरकार बनने के बाद द्विपक्षीय संबंधों और विकास सहयोग को आगे बढ़ाने के तरीकों पर व्यापक चर्चा की। भारत दौरे पर आए नेपाल के विदेश मंत्री शिशिर खनाल ने दोनों देशों के बीच आर्थिक परिवर्तन और परिणामोन्मुख कूटनीति पर..
भारत और नेपाल ने शनिवार को काठमांडू में नई सरकार बनने के बाद द्विपक्षीय संबंधों और विकास सहयोग को आगे बढ़ाने के तरीकों पर व्यापक चर्चा की। भारत दौरे पर आए नेपाल के विदेश मंत्री शिशिर खनाल ने दोनों देशों के बीच आर्थिक परिवर्तन और परिणामोन्मुख कूटनीति पर आधारित "वास्तविक परिवर्तनकारी संबंध" बनाने की आवश्यकता पर जोर दिया।
नई सरकार बनने के बाद पहला महत्वपूर्ण दौरा
शिशिर खनाल शुक्रवार को नई दिल्ली पहुंचे। उनका यह दौरा ऐसे समय हुआ है जब कुछ दिन पहले नेपाल की सत्तारूढ़ राष्ट्रीय स्वतंत्र पार्टी (आरएसपी) के प्रमुख रवि लामिछाने भी भारत आए थे। इससे स्पष्ट संकेत मिलता है कि काठमांडू की नई सरकार भारत के साथ संबंधों को नई दिशा देना चाहती है।
मार्च में हुए आम चुनाव में आरएसपी ने बड़ी जीत हासिल की थी। यह चुनाव उस जन आंदोलन के बाद हुए थे, जिसे "जेनरेशन जेड (Gen Z) विद्रोह" कहा गया और जिसके परिणामस्वरूप पूर्व प्रधानमंत्री केपी शर्मा ओली की सरकार सत्ता से बाहर हो गई थी।
जयशंकर और खनाल के बीच व्यापक बातचीत
भारत के विदेश मंत्री एस. जयशंकर और नेपाल के विदेश मंत्री शिशिर खनाल के बीच शनिवार को द्विपक्षीय संबंधों की समीक्षा हुई।
बैठक में निम्न प्रमुख विषयों पर चर्चा की गई..
- विकास सहयोग
- कनेक्टिविटी परियोजनाएं
- व्यापार एवं पारगमन व्यवस्था
- ऊर्जा सहयोग
- लोगों के बीच संपर्क (People-to-People Ties)
- क्षेत्रीय एवं बहुपक्षीय मुद्दे
जयशंकर बोले- हमारी साझेदारी बेहद विशेष
बैठक के बाद एस. जयशंकर ने सोशल मीडिया पर कहा कि दोनों देशों के बीच "हमारी विशिष्ट साझेदारी" पर विस्तृत चर्चा हुई।
उन्होंने भारत की ओर से नेपाल के साथ आपसी प्रगति और समृद्धि के लिए मिलकर काम करने की प्रतिबद्धता दोहराई।
नेपाल की नई सरकार का स्पष्ट संदेश
बैठक की शुरुआत में अपने संबोधन में विदेश मंत्री शिशिर खनाल ने कहा कि नेपाल की नई सरकार को "सुशासन, आर्थिक परिवर्तन और परिणामोन्मुख कूटनीति के लिए स्पष्ट और निर्णायक जनादेश मिला है।"
उन्होंने कहा, "हम अपने साथ कोई पुराना बोझ नहीं लाए हैं, बल्कि अपने सबसे करीबी पड़ोसी और सबसे महत्वपूर्ण साझेदार भारत के साथ एक वास्तविक परिवर्तनकारी संबंध बनाने का दृढ़ संकल्प लेकर आए हैं।"
भारत-नेपाल संबंधों को सर्वोच्च प्राथमिकता
खनाल ने आरएसपी प्रमुख रवि लामिछाने द्वारा हिंदुस्तान टाइम्स में लिखे गए लेख का भी उल्लेख किया, जिसमें भारत और नेपाल को एक गौरवशाली एवं प्राचीन सभ्यता के साझेदार बताया गया था।
उन्होंने कहा कि नेपाल सरकार नई दिल्ली के साथ अपने संबंधों को "सर्वोच्च प्राथमिकता" देती है।
स्टार्टअप, AI और IT जैसे नए क्षेत्रों में सहयोग पर जोर
अपने उद्घाटन संबोधन में एस. जयशंकर ने कहा कि भारत और नेपाल के संबंध लोगों के बीच गहरे जुड़ाव, सीमा पार संपर्क तथा साझा सांस्कृतिक और धार्मिक परंपराओं की मजबूत नींव पर आधारित हैं।
उन्होंने कहा, "आज हमारे पास इन संबंधों को स्टार्टअप, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), सूचना प्रौद्योगिकी (IT) जैसे नए क्षेत्रों तक आगे बढ़ाने का अवसर है।"
आर्थिक और रणनीतिक सहयोग को मिलेगी नई दिशा
विशेषज्ञों का मानना है कि नेपाल में नई सरकार बनने के बाद भारत-नेपाल संबंधों में नई ऊर्जा देखने को मिल सकती है। दोनों देश पहले से ही ऊर्जा, जल संसाधन, व्यापार, सीमा पार कनेक्टिविटी और सांस्कृतिक सहयोग जैसे क्षेत्रों में मिलकर काम कर रहे हैं।
अब स्टार्टअप, डिजिटल तकनीक, कृत्रिम बुद्धिमत्ता और नवाचार जैसे नए क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने की पहल दोनों देशों के संबंधों को और मजबूत बना सकती है।
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