कड़ी जांच और इंटरव्यू में देरी के बीच अमेरिकी दूतावास का ‘H-1B, H-4 वीज़ा अलर्ट’

संयुक्त राज्य अमेरिका ने घोषणा की है कि मानक वीज़ा जांच प्रक्रिया के तहत अब सभी H-1B और H-4 वीज़ा आवेदकों के लिए ऑनलाइन उपस्थिति (सोशल मीडिया) की समीक्षा को “विस्तारित” किया जा रहा है। यह सोशल मीडिया वेटिंग अब वैश्विक स्तर पर H-1B और H-4 वीज़ा की सभी श्रेणियों में, सभी राष्ट्रीयताओं के आवेदकों पर..

कड़ी जांच और इंटरव्यू में देरी के बीच अमेरिकी दूतावास का ‘H-1B, H-4 वीज़ा अलर्ट’
23-12-2025 - 09:43 AM
22-04-2026 - 05:53 PM

वॉशिंगटन। संयुक्त राज्य अमेरिका ने घोषणा की है कि मानक वीज़ा जांच प्रक्रिया के तहत अब सभी H-1B और H-4 वीज़ा आवेदकों के लिए ऑनलाइन उपस्थिति (सोशल मीडिया) की समीक्षा को “विस्तारित” किया जा रहा है। यह सोशल मीडिया वेटिंग अब वैश्विक स्तर पर H-1B और H-4 वीज़ा की सभी श्रेणियों में, सभी राष्ट्रीयताओं के आवेदकों पर लागू होगी।

एक संक्षिप्त बयान में भारत स्थित अमेरिकी दूतावास ने आवेदकों से कहा है कि वे “जितनी जल्दी संभव हो, आवेदन करें” और इन वीज़ा श्रेणियों में अतिरिक्त प्रोसेसिंग समय के लिए तैयार रहें।

यह बयान ऐसे समय आया है, जब भारत में इस महीने के अंत में निर्धारित हजारों H-1B वीज़ा आवेदकों के पहले से तय इंटरव्यू अचानक कई महीनों के लिए टाल दिए गए हैं।

अमेरिकी दूतावास ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर पोस्ट में कहा, “H-1B और H-4 वीज़ा आवेदकों के लिए वैश्विक अलर्ट। 15 दिसंबर से विदेश विभाग ने मानक वीज़ा जांच के तहत सभी H-1B और H-4 आवेदकों के लिए ऑनलाइन उपस्थिति की समीक्षा का विस्तार किया है। यह जांच H-1B और H-4 वीज़ा के लिए सभी राष्ट्रीयताओं के सभी आवेदकों पर वैश्विक स्तर पर की जा रही है (sic)

इन वीज़ा आवेदकों को हो रही कठिनाइयों के बीच दूतावास ने कहा कि यह कदम H-1B कार्यक्रम के दुरुपयोग को रोकने के प्रयास के तहत उठाया गया है, जबकि साथ ही कंपनियों को अस्थायी विदेशी श्रमिकों में से सर्वश्रेष्ठ प्रतिभाओं को नियुक्त करने की अनुमति भी दी जा रही है।

दूतावास ने आगे कहा, अमेरिकी दूतावास और वाणिज्य दूतावास H-1B और H-4 गैर-आप्रवासी वीज़ा आवेदनों को स्वीकार और प्रोसेस करना जारी रखे हुए हैं। हम आवेदकों को प्रोत्साहित करते हैं कि वे यथासंभव जल्दी आवेदन करें और इन वीज़ा श्रेणियों में अतिरिक्त प्रोसेसिंग समय को ध्यान में रखें।”

भारतीय पेशेवरों के लिए H-1B वीज़ा का महत्व
H-1B वीज़ा कार्यक्रम का उपयोग अमेरिकी तकनीकी कंपनियां विदेशी कर्मचारियों को नियुक्त करने के लिए बड़े पैमाने पर करती हैं। भारतीय पेशेवर—विशेषकर तकनीकी क्षेत्र के कर्मचारी और चिकित्सक—H-1B वीज़ा धारकों के सबसे बड़े समूहों में से एक हैं।

यह बयान ऐसे समय में आया है, जब अमेरिका H-1B वीज़ा कार्यक्रम के दुरुपयोग और अवैध आव्रजन पर सख्ती कर रहा है।

नई अमेरिकी नीतियों के कारण सैकड़ों भारतीय प्रवासी वीज़ा में देरी का सामना कर रहे हैं। इंटरव्यू का पुनर्निर्धारण उन सभी आवेदकों के लिए किया गया है, जिनके इंटरव्यू 15 दिसंबर के बाद तय थे। कड़ी जांच के चलते H-1B वीज़ा आवेदकों के पहले से तय इंटरव्यू बड़े पैमाने पर रद्द किए जाने से अमेरिका लौटने में भारी देरी होने की आशंका है।

कई आवेदक पहले ही भारत आ चुके हैं और अब अमेरिका वापस नहीं जा पा रहे हैं, क्योंकि उनके पास नौकरी पर लौटने के लिए वैध H-1B वीज़ा नहीं है। उदाहरण के तौर पर, जिनके इंटरव्यू 15 दिसंबर को तय थे, उन्हें ई-मेल के जरिए बताया गया कि उनकी तारीख मार्च में किसी समय के लिए टाल दी गई है। वहीं 19 दिसंबर को जिनके अपॉइंटमेंट थे, उन्हें नई तारीखें मई के अंत में दी गई हैं।

अमेरिका की वीज़ा संबंधी चेतावनियां
अमेरिकी दूतावास ने पिछले कुछ महीनों में ‘एक्स’ पर कई पोस्ट के जरिए यह स्पष्ट किया है कि अमेरिकी वीज़ा “एक विशेषाधिकार है, अधिकार नहीं।”

19 जून को दूतावास ने पोस्ट किया था, अमेरिकी वीज़ा एक विशेषाधिकार है, अधिकार नहीं। वीज़ा जारी होने के बाद भी अमेरिकी वीज़ा जांच समाप्त नहीं होती—और यदि आप कानून तोड़ते हैं, तो हम आपका वीज़ा रद्द कर सकते हैं।”

23 जून को अमेरिकी दूतावास ने F, M या J गैर-आप्रवासी वीज़ा के लिए आवेदन करने वालों से कहा था कि वे जांच को आसान बनाने के लिए अपने सोशल मीडिया अकाउंट्स की प्राइवेसी सेटिंग ‘पब्लिक’ करें, ताकि कानून के तहत अमेरिका में प्रवेश की पात्रता और पहचान स्थापित की जा सके।

राज्यसभा में एक प्रश्न के लिखित उत्तर में विदेश राज्य मंत्री कीर्ति वर्धन सिंह ने 18 दिसंबर को कहा था कि अमेरिकी प्रशासन ने हाल ही में यह घोषणा की है कि हर वीज़ा निर्णय राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़ा फैसला होता है। अमेरिका ने यह भी स्पष्ट किया है कि अमेरिकी वीज़ा अधिकार नहीं बल्कि एक विशेषाधिकार है।

उन्होंने कहा, अनुवर्ती कदमों के तहत अमेरिकी प्रशासन ने (18 जून और 3 दिसंबर की अधिसूचनाओं के माध्यम से) वीज़ा आवेदकों की स्क्रीनिंग और वेटिंग का दायरा बढ़ाया है  ताकि उन लोगों की पहचान की जा सके, जो अमेरिका में प्रवेश के लिए अयोग्य हैं।

यह छात्र और एक्सचेंज विज़िटर श्रेणियों—F, M और J गैर-आप्रवासी वीज़ा—के साथ-साथ H-1B आवेदकों और उनके आश्रितों (H-4 वीज़ा आवेदकों) पर भी लागू होता है, जिससे वीज़ा अपॉइंटमेंट शेड्यूल और अधिक प्रभावित हो रहे हैं।”

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THE NEWS THIKANA, संपादकीय डेस्क यह द न्यूजठिकाना डॉट कॉम की संपादकीय डेस्क है। डेस्क के संपादकीय सदस्यों का प्रयास रहता है कि अपने पाठकों को निष्पक्षता और निर्भीकता के साथ विभिन्न विषयों के सच्चे, सटीक, विश्वसनीय व सामयिक समाचारों के अलावाआवश्यक उल्लेखनीय विचारों को भी सही समय पर अवगत कराएं।