दीप जलाने के विवाद पर जज के खिलाफ INDI ब्लॉक सांसदों ने महाभियोग नोटिस सौंपा..!
डीएमके ने मंगलवार को लोकसभा अध्यक्ष को मद्रास हाईकोर्ट के जज जीआर स्वामीनाथन के खिलाफ महाभियोग कार्यवाही शुरू करने के लिए 120 सांसदों के हस्ताक्षरों वाला नोटिस..
नयी दिल्ली। डीएमके ने मंगलवार को लोकसभा अध्यक्ष को मद्रास हाईकोर्ट के जज जीआर स्वामीनाथन के खिलाफ महाभियोग कार्यवाही शुरू करने के लिए 120 सांसदों के हस्ताक्षरों वाला नोटिस सौंपा।
डीएमके की संसदीय दल की नेता कनीमोझी, लोकसभा नेता टी. आर. बालू, समाजवादी पार्टी नेता अखिलेश यादव और कांग्रेस की प्रियंका गांधी वाड्रा ने यह नोटिस स्पीकर ओम बिरलाको सौंपा।
यह कदम उस बढ़ते विवाद के बीच उठाया गया है, जो तिरुपरनकुंद्रम स्थित पहाड़ी पर स्थित मंदिर और पास की दरगाह के बीच पारंपरिक कार्तिगई दीपम दीप जलाने की अनुमति को लेकर पैदा हुआ।
जज स्वामीनाथन ने अपने आदेश में इस अनुष्ठान को करने की अनुमति दी थी।
जज का आदेश क्या था?
जज के फैसले के अनुसार, ‘दीपथून’ स्तंभ के ऊपर दीप को 4 दिसंबर तक जलाया जाना था।
इस निर्णय में मंदिर प्राधिकरणों और दरगाह प्रबंधन की आपत्तियों को खारिज करते हुए कहा गया कि यह मुस्लिम समुदाय के धार्मिक अधिकारों का उल्लंघन नहीं करता।
कोर्ट ने यह भी निर्देश दिया था कि सुरक्षा के बीच कुछ श्रद्धालुओं के छोटे समूह को यह अनुष्ठान करने की अनुमति दी जाए।
सरकार ने आदेश क्यों नहीं माना?
तमिलनाडु सरकार ने कानून-व्यवस्था की स्थिति का हवाला देते हुए इस आदेश को लागू करने से इंकार कर दिया।
इसके बाद pro-Hindu समूहों ने विरोध प्रदर्शन शुरू किए, पुलिस के साथ झड़पें हुईं और मामला बड़ा राजनीतिक व न्यायिक विवाद बन गया।
राजनीतिक प्रतिक्रिया
पूर्व भाजपा तमिलनाडु अध्यक्ष के. अन्नामलाई ने एक्स पर कहा कि INDIA ब्लॉक "अपने एंटी-हिंदू रुझान को गर्व की तरह दिखा रहा है"।
उन्होंने आरोप लगाया कि सुप्रीम कोर्ट में अपील लंबित होने के बावजूद महाभियोग लाना “अल्पसंख्यक तुष्टिकरण राजनीति” को उजागर करता है।
अन्नामलाई ने यह भी आरोप लगाया कि इस कदम से संदेश गया है कि फैसलों को “राजनीतिक दबाव” के जरिए चुनौती दी जा सकती है, जो संवैधानिक मूल्यों के लिए खतरा है।
मामला सुप्रीम कोर्ट में
इस बीच, सुप्रीम कोर्ट ने राज्य सरकार की उस अपील पर सुनवाई करने पर सहमति जताई है जिसमें हाईकोर्ट के उस आदेश को चुनौती दी गई है, जो अरुलमिघु सुब्रमणिया स्वामी मंदिर के श्रद्धालुओं को ‘दीपथून’ पर कार्तिगई दीपम जलाने की अनुमति देता है।
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