"भारत अब केवल पीछे नहीं है बल्कि आगे निकल रहा है": रणनीतिकार ने जापान की तुलना में भारत की प्रति व्यक्ति आय को लेकर चल रही बहस को खारिज किया

जैसे ही भारत अमेरिका, चीन और जर्मनी के बाद दुनिया की चौथी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बन गया है, देश में लोगों की संपन्नता को लेकर एक बड़ी बहस छिड़ गई है। जहां अधिकांश विशेषज्ञ मानते हैं कि प्रति व्यक्ति GDP (सकल घरेलू उत्पाद) किसी देश की प्रगति का सबसे उपयुक्त पैमाना है, वहीं कुछ इसका विरोध करते हैं..

"भारत अब केवल पीछे नहीं है बल्कि आगे निकल रहा है": रणनीतिकार ने जापान की तुलना में भारत की प्रति व्यक्ति आय को लेकर चल रही बहस को खारिज किया
27-05-2025 - 09:24 AM
27-05-2025 - 09:26 AM

नयी दिल्ली। जैसे ही भारत अमेरिका, चीन और जर्मनी के बाद दुनिया की चौथी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बन गया है, देश में लोगों की संपन्नता को लेकर एक बड़ी बहस छिड़ गई है। जहां अधिकांश विशेषज्ञ मानते हैं कि प्रति व्यक्ति GDP (सकल घरेलू उत्पाद) किसी देश की प्रगति का सबसे उपयुक्त पैमाना है, वहीं कुछ इसका विरोध करते हैं।

नीति और भू-राजनीतिक रणनीतिकार सिद्धार्थ ने इस बहस को चुनौती देते हुए कहा कि भारत सिर्फ पकड़ नहीं रहा, बल्कि आगे निकल रहा है। उनके अनुसार भारत की प्रति व्यक्ति आय में वृद्धि यूरोप के अधिकतर देशों से तेज रही है।

उन्होंने कहा, "हर बार जब भारत की अर्थव्यवस्था ऊपर जाती है, कोई न कोई दोहराता है: 'लेकिन प्रति व्यक्ति GDP तो कम है!' भारत मोनाको नहीं है। यह 1.4 अरब लोगों का देश है जो तेज़ी से आगे बढ़ रहा है। 2023 में प्रति व्यक्ति GDP में 9.2% की वृद्धि हुई, जो यूरोप के अधिकांश देशों से तेज़ है। आप किसी बड़े देश को छोटी-छोटी 'बुटीक मेट्रिक' से नहीं आंक सकते। आपको इसे गति, आकार और रणनीतिक प्रभाव से मापना होता है। भारत सिर्फ पकड़ नहीं रहा, यह आगे निकल रहा हैइसे स्वीकार करना होगा।

एक अन्य पोस्ट के जवाब में उन्होंने कहा कि भारत सही रास्ते पर है और उसकी प्रति व्यक्ति आय बढ़ रही है, न कि रुकी हुई है। " उन्होंने यह भी कहा, इतनी बड़ी जनसंख्या होना बहुत मायने रखता है"

तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनने में अब कुछ ही साल बचे हैं: नीति आयोग प्रमुख

नीति आयोग के सीईओ बीवीआर सुब्रह्मण्यम ने कहा कि यदि भारत वही करता रहा जो अभी योजनाबद्ध और सोचा-समझा जा रहा है, तो अगले 2-3 वर्षों में भारत तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बन जाएगा।

अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (IMF) द्वारा जारी वर्ल्ड इकोनॉमिक आउटलुक रिपोर्ट के अनुसार, भारत का GDP अब $4.187 ट्रिलियन हो गया है, जिससे भारत ने जापान को पीछे छोड़ दिया है जिसका GDP अब $4.186 ट्रिलियन है। अनुमान है कि 2028 तक भारत $5.584 ट्रिलियन की अर्थव्यवस्था बन जाएगा और जर्मनी को भी पीछे छोड़ देगा।

वहीं, चीन $19.231 ट्रिलियन की अर्थव्यवस्था के साथ दूसरे और अमेरिका $30.507 ट्रिलियन GDP के साथ पहले स्थान पर है।

भारत की प्रगति, जापान की गिरावट

विशेषज्ञों का कहना है कि यह सिर्फ भारत की तरक्की की कहानी नहीं है बल्कि जापान की गिरती अर्थव्यवस्था की भी कहानी है। 2010 में जापान की अर्थव्यवस्था करीब $6 ट्रिलियन थी, जो अब घटकर लगभग $4.18 ट्रिलियन रह गई है। इसका कारण है बुजुर्ग होती जनसंख्या, स्थिर उत्पादकता और लंबे समय से चल रही मंदी (deflation)

वहीं भारत ने पिछले एक दशक में अपना GDP दोगुना कर लिया है और यह दुनिया की सबसे तेजी से बढ़ती अर्थव्यवस्था बन गया है।

IMF के अनुसार, 2025 में भारत की अनुमानित विकास दर 6.2% से 6.5% के बीच हो सकती है, लेकिन भारत को अपने सच्चे आर्थिक सामर्थ्य को पाने के लिए लगातार 8% की विकास दर बनाए रखनी होगी — जैसे कि चीन और जापान ने अपने उत्कर्ष के वर्षों में किया था। इसके अलावा पूंजी निर्माण (capital formation) को भी 32% तक पहुंचाना होगा, जो अभी 24% है।

प्रति व्यक्ति GDP की चुनौती

कई विशेषज्ञों ने यह भी कहा है कि भारत की मौजूदा प्रति व्यक्ति GDP आज भी जापान की 1950 के दशक की GDP के बराबर है। अगर जापान अब और नहीं बढ़ता, तब भी भारत को उस स्तर तक पहुंचने में लगभग 22 साल

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THE NEWS THIKANA, संपादकीय डेस्क यह द न्यूजठिकाना डॉट कॉम की संपादकीय डेस्क है। डेस्क के संपादकीय सदस्यों का प्रयास रहता है कि अपने पाठकों को निष्पक्षता और निर्भीकता के साथ विभिन्न विषयों के सच्चे, सटीक, विश्वसनीय व सामयिक समाचारों के अलावाआवश्यक उल्लेखनीय विचारों को भी सही समय पर अवगत कराएं।