भारत ने पाकिस्तान को 7 विकेट से हराया साथ ही टीम टीम से हाथ मिलाने से किया इनकार.. कप्तान सूर्या ने कहा, “ हम पहलगाम पीड़ितों के परिवारों के साथ खड़े हैं..”
एशिया कप ग्रुप-ए के लीग मैच में रविवार को भारत ने पाकिस्तान को सात विकेट से करारी शिकस्त दी। इस जीत में भारतीय स्पिनरों ने अहम भूमिका निभाई। कुलदीप यादव (3/18) और अक्षर पटेल (2/18) की धारदार गेंदबाज़ी ने पाकिस्तान को 127/9 तक सीमित कर दिया। लक्ष्य का पीछा करते हुए भारत ने मात्र 15.5 ओवर में जीत दर्ज कर ली..
दुबई। एशिया कप ग्रुप-ए के लीग मैच में रविवार को भारत ने पाकिस्तान को सात विकेट से करारी शिकस्त दी। इस जीत में भारतीय स्पिनरों ने अहम भूमिका निभाई। कुलदीप यादव (3/18) और अक्षर पटेल (2/18) की धारदार गेंदबाज़ी ने पाकिस्तान को 127/9 तक सीमित कर दिया।
लक्ष्य का पीछा करते हुए भारत ने मात्र 15.5 ओवर में जीत दर्ज कर ली। कप्तान सूर्यकुमार यादव (नाबाद 47, 37 गेंद), अभिषेक शर्मा (31, 13 गेंद) और तिलक वर्मा (31, 31 गेंद) ने महत्वपूर्ण योगदान दिया।
मैच की शुरुआत में ही हार्दिक पंड्या ने पहली ही वैध गेंद पर साइम अय्यूब को आउट कर पाकिस्तान पर दबाव बना दिया। अगले ओवर में जसप्रीत बुमराह ने मोहम्मद हारिस को चलता किया। इसके बाद स्पिनरों ने पाकिस्तानी मध्यक्रम को झकझोर दिया।
साहिबज़ादा फऱहान ने 44 गेंदों पर 40 रन बनाकर संघर्ष किया, जबकि आखिर में शाहीन अफरीदी (नाबाद 33, 16 गेंद) ने कुछ तगड़े शॉट लगाए और स्कोर 125 से आगे बढ़ाते हुए भारत को 128 रनों का लक्ष्य दिया।
मैच का अनोखा पहलू – बिना हैंडशेक के शुरू और खत्म
भारतीय कप्तान सूर्यकुमार यादव ने स्पिनर सुफियान मुकीम की गेंद पर विजयी छक्का जड़कर मैच खत्म किया। वह 47 रन पर नाबाद लौटे लेकिन उन्होंने पाकिस्तान खिलाड़ियों या कप्तान से हाथ नहीं मिलाया।
मैच की शुरुआत भी इसी तरह हुई थी, जब टॉस पर न तो सूर्यकुमार और न ही पाकिस्तानी कप्तान सलमान आगा ने हाथ मिलाने या अभिवादन की पहल की।
यह फैसला सूर्यकुमार ने मैच से पहले ही ले लिया था। उन्होंने टीम को बताया कि यह व्यक्तिगत पसंद होगी कि कोई हाथ मिलाना चाहे या नहीं। उन्होंने कहा,“बीसीसीआई और सरकार के बीच सहमति बनी थी कि मैच खेलना है, तो हमारे दिमाग में सिर्फ खेल था। हाथ न मिलाने का फैसला बाद में लिया गया।”
मैच के दौरान केवल एक बार पाकिस्तानी खिलाड़ी से शारीरिक संपर्क हुआ, जब मोहम्मद नवाज़ तिलक वर्मा का कैच लेने की कोशिश में सूर्यकुमार से टकरा गए। दोनों में से किसी ने माफी नहीं मांगी।
माहौल और भावनाएं
मैच में रोमांच चरम पर था। भारतीय खिलाड़ी हर अपील पर उत्साह से झूम उठते, विकेट गिरने पर उछलते और नज़दीकी फैसलों पर हैरान होते। हालांकि दो कैच (कुलदीप यादव और वरुण चक्रवर्ती) छूटे।
पाकिस्तानी दर्शकों का शोर तब ही सुनाई दिया जब बाउंड्री लगी या डीआरएस से राहत मिली। भारतीय दर्शकों के पास जश्न मनाने के ज्यादा मौके थे। फिर भी, स्टेडियम में कुछ खाली सीटें नज़र आईं, जबकि क्षमता केवल 25,000 की थी।
गैलरी में दर्शकों के बीच मेलजोल भी देखा गया। भारतीय जर्सी पहने एक फैन को पाकिस्तानी प्रशंसकों संग फोटो खिंचवाते और हाथ मिलाते देखा गया।
पाक टीम बोली – “स्पोर्ट्समैनशिप के विरुद्ध”
2013 से द्विपक्षीय सीरीज बंद होने के बाद दोनों टीमें सिर्फ टूर्नामेंट में भिड़ती हैं। पिछले दशक में ये मैच अक्सर एकतरफा रहे हैं। रविवार की रात भी इतिहास के पन्नों में खेल के लिए नहीं बल्कि उस ‘न हुए हैंडशेक’ के लिए दर्ज होगी।
पाकिस्तान के मुख्य कोच माइक हेसन ने इस घटना को “निराशाजनक” बताया। उन्होंने प्रेस से कहा, “हम हाथ मिलाने के लिए तैयार थे। हमें निराशा हुई कि विपक्षी टीम ने ऐसा नहीं किया। हम वहाँ गए तो देखा कि वे पहले ही अपने ड्रेसिंग रूम लौट चुके थे और दरवाज़ा बंद हो चुका था। इस तरह मैच का अंत होना वाकई निराशाजनक है।”
कुछ मिनट इंतज़ार के बाद पाकिस्तान टीम भी वापस लौट गई। इस बीच कोच हेसन भारतीय ड्रेसिंग रूम की ओर भागे लेकिन दरवाज़ा बंद पाकर उन्हें मैच रेफरी एंडी पाइक्रॉफ्ट से लंबी बातचीत करनी पड़ी।
इस विवाद ने और तूल तब पकड़ा जब पाकिस्तानी कप्तान सलमान अली आगा ने नाराज़गी में पोस्ट-मैच प्रेज़ेंटेशन तक छोड़ दिया। बाद में पाकिस्तान टीम ने आधिकारिक बयान जारी कर भारतीय खिलाड़ियों के व्यवहार को “खेल भावना के खिलाफ” करार दिया।
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