तमिलनाडु के भारतीय वैज्ञानिक डॉ. अशोककुमार वीरमुथु लगातार तीसरे वर्ष बने विश्व के शीर्ष वैज्ञानिकों में शामिल

तमिलनाडु के नीलगिरि ज़िले में कार्यरत वैज्ञानिक डॉ. अशोककुमार वीरमुथु को लगातार तीसरे वर्ष विश्व के शीर्ष वैज्ञानिकों की सूची में शामिल किया गया है। यह सूची प्रतिवर्ष अमेरिका की स्टैनफोर्ड यूनिवर्सिटी और एल्सेवियर पब्लिशर्स द्वारा जारी की..

तमिलनाडु के भारतीय वैज्ञानिक डॉ. अशोककुमार वीरमुथु लगातार तीसरे वर्ष बने विश्व के शीर्ष वैज्ञानिकों में शामिल
22-10-2025 - 09:47 AM
22-04-2026 - 05:53 PM

चेन्नई। तमिलनाडु के नीलगिरि ज़िले में कार्यरत वैज्ञानिक डॉ. अशोककुमार वीरमुथु को लगातार तीसरे वर्ष विश्व के शीर्ष वैज्ञानिकों की सूची में शामिल किया गया है। यह सूची प्रतिवर्ष अमेरिका की स्टैनफोर्ड यूनिवर्सिटी और एल्सेवियर पब्लिशर्स द्वारा जारी की जाती है।

डॉ. वीरमुथु का शोध मुख्य रूप से पर्यावरण और स्वास्थ्य संबंधी विषयों पर केंद्रित है। वे विशेष रूप से कचरा प्रबंधन, प्रदूषण नियंत्रण और सतत ऊर्जा समाधान विकसित करने पर कार्य कर रहे हैं। उनके शोध में प्लास्टिक प्रदूषण को कम करने, कचरा प्रबंधन तकनीकों के विकास और सूक्ष्म शैवाल (माइक्रोएल्गी) के माध्यम से स्वच्छ ऊर्जा और जैव-उत्पाद तैयार करने जैसे विषय शामिल हैं।

उन्हें यह सम्मान वर्ष 2023, 2024 और 2025 में प्राप्त हुआ है, जो इन क्षेत्रों में उनके निरंतर योगदान को दर्शाता है। डॉ. अशोककुमार ने अब तक 130 से अधिक शोध लेख अंतरराष्ट्रीय पत्रिकाओं में प्रकाशित किए हैं और दुनिया भर के 18 से अधिक विश्वविद्यालयों के साथ सहयोग कर रहे हैं।

वर्तमान में वे चेन्नई स्थित सवीता यूनिवर्सिटी (SIMATS) में कचरा प्रबंधन और नवीकरणीय ऊर्जा केंद्र (Centre for Waste Management and Renewable Energy) के प्रोफेसर और प्रमुख के रूप में कार्यरत हैं। इसके अतिरिक्त वे थाईलैंड, मलेशिया और दक्षिण कोरिया की कई विश्वविद्यालयों में विज़िटिंग प्रोफेसर भी हैं।

उनकी शैक्षणिक पृष्ठभूमि में यूनिवर्सिटी ऑफ मद्रास, चेन्नई से पीएचडी (2013) शामिल है। पीएचडी के दौरान उन्हें इंडो-ऑस्ट्रेलियन फैलोशिप प्राप्त हुई थी, जिसके तहत उन्होंने ऑस्ट्रेलिया की एडिलेड यूनिवर्सिटी में शोध कार्य किया। इससे पहले उन्होंने एमफिल और एमएससी (प्लांट बायोटेक्नोलॉजी) की डिग्रियाँ प्राप्त कीं।

डॉ. वीरमुथु वैज्ञानिक प्रकाशन क्षेत्र में भी सक्रिय भूमिका निभाते हैं। वे कई अंतरराष्ट्रीय जर्नलों के अतिथि संपादक और समीक्षक हैं। इसके अलावा वे वर्ल्ड बायोएनर्जी एसोसिएशन और अन्य कई वैज्ञानिक संस्थाओं के सदस्य भी हैं।

स्टैनफोर्ड-एल्सेवियर सूची वैज्ञानिकों को उनके उद्धरण प्रभाव (Citation Impact) और शोध प्रभाव (Influence) के आधार पर रैंक करती है।

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THE NEWS THIKANA, संपादकीय डेस्क यह द न्यूजठिकाना डॉट कॉम की संपादकीय डेस्क है। डेस्क के संपादकीय सदस्यों का प्रयास रहता है कि अपने पाठकों को निष्पक्षता और निर्भीकता के साथ विभिन्न विषयों के सच्चे, सटीक, विश्वसनीय व सामयिक समाचारों के अलावाआवश्यक उल्लेखनीय विचारों को भी सही समय पर अवगत कराएं।