डोनाल्ड ट्रंप ने दीवाली पर पीएम मोदी से बातचीत का दावा दोहराया, फिर उठाया रूसी तेल आयात का मुद्दा
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने दावा किया है कि उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से सोमवार को दीवाली के अवसर पर फोन पर बातचीत की और मोदी ने उन्हें आश्वासन दिया कि भारत अपने रूसी तेल आयात में कमी..
वॉशिंगटन। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने दावा किया है कि उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से सोमवार को दीवाली के अवसर पर फोन पर बातचीत की और मोदी ने उन्हें आश्वासन दिया कि भारत अपने रूसी तेल आयात में कमी करेगा। ट्रंप पिछले एक सप्ताह से इस दावे को दोहरा रहे हैं और मानते हैं कि भारत द्वारा यह कदम उठाने से यूक्रेन में शांति बहाल करने में मदद मिलेगी।
उन्होंने यह भी कहा कि उन्होंने भारत-पाकिस्तान विवाद को सुलझाने में अहम भूमिका निभाई थी, हालांकि भारत पहले ही उनके इस दावे को खारिज कर चुका है।
ट्रंप ने यह बयान मंगलवार को व्हाइट हाउस में आयोजित विशेष दीवाली कार्यक्रम के दौरान दिया, जिसमें उन्होंने अपने ओवल ऑफिस में दीया जलाया। इस कार्यक्रम में अमेरिका में भारत के राजदूत विनय क्वात्रा, ट्रंप प्रशासन के भारतीय मूल के शीर्ष अधिकारी — एफबीआई प्रमुख काश पटेल, इंटेलिजेंस हेड तुलसी गैबार्ड, भारत में नए अमेरिकी राजदूत सर्जियो गोर और कई भारतीय-अमेरिकी व्यावसायिक नेता उपस्थित थे।
कार्यक्रम के दौरान ट्रंप ने प्रधानमंत्री मोदी की प्रशंसा करते हुए उन्हें “महान मित्र” (great friend) बताया और कहा कि उन्होंने मंगलवार को फोन पर बातचीत की। ट्रंप ने कहा, “भारत और अमेरिका के बीच व्यापार और क्षेत्रीय शांति को लेकर कुछ शानदार समझौते हो रहे हैं। हमने कई मुद्दों पर चर्चा की, विशेष रूप से व्यापार पर। प्रधानमंत्री इस विषय में काफी रुचि रखते हैं।”
ट्रंप ने दोहराया कि मोदी ने उन्हें भरोसा दिलाया कि भारत रूस से अधिक तेल नहीं खरीदेगा, और दोनों देश चाहते हैं कि रूस-यूक्रेन युद्ध समाप्त हो।
उन्होंने कहा, “हमारे बीच बहुत अच्छे संबंध हैं। वे रूस से बहुत अधिक तेल नहीं खरीदने वाले हैं। वे भी चाहते हैं कि यह युद्ध खत्म हो। उन्होंने पहले ही तेल की खरीद में भारी कटौती की है और इसे और कम कर रहे हैं।”
हालांकि, भारत सरकार ने ट्रंप के इस दावे को खारिज किया है। ऊर्जा आयात को लेकर जारी एक अलग बयान में सरकार ने कहा कि भारत की प्राथमिकता अपने उपभोक्ताओं के हितों की रक्षा करना है, विशेषकर जब वैश्विक ऊर्जा बाजार अस्थिर है।
ट्रंप के ये दावे उनके दुनिया भर में युद्ध रोकने के स्वघोषित अभियान का हिस्सा हैं। उनका मानना है कि रूस के खिलाफ युद्ध को तेल के पैसे से वित्तीय समर्थन मिलता है, और यदि भारत मॉस्को से तेल खरीद बंद करता है, तो यह रूस की युद्ध क्षमता को कमजोर करेगा।
ट्रंप ने इससे पहले भी दावा किया था कि उन्होंने मई में भारत और पाकिस्तान के बीच संघर्ष को रोकने में मदद की थी। उस समय भी भारत ने इस दावे को सिरे से खारिज करते हुए कहा था कि सीजफायर पाकिस्तान की ओर से अनुरोध के बाद हुआ था।
दीवाली कार्यक्रम में ट्रंप ने फिर उसी विषय का ज़िक्र करते हुए कहा, “हमने कुछ समय पहले इस बारे में बात की थी कि पाकिस्तान से कोई युद्ध न हो। व्यापार के मुद्दे पर भी बातचीत हुई, और अब हमारे बीच कोई युद्ध नहीं है। यह बहुत अच्छी बात है।”
ट्रंप का दीवाली संदेश
ट्रंप ने अपने ओवल ऑफिस में दीया जलाकर भारतवासियों को दीवाली की हार्दिक शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि यह दीपक “प्रकाश की अंधकार पर, अच्छाई की बुराई पर, और ज्ञान की अज्ञान पर विजय का प्रतीक” है।
उन्होंने कहा, “दीवाली के दौरान लोग उन प्राचीन कथाओं को याद करते हैं जिनमें शत्रु पराजित हुए, बाधाएँ दूर हुईं और बंदी मुक्त हुए। दीये की लौ हमें बुद्धि का मार्ग अपनाने, मेहनत से कार्य करने और अपने अनेक आशीर्वादों के लिए आभार व्यक्त करने की याद दिलाती है।”
भारतीय राजदूत विनय क्वात्रा ने कहा कि राष्ट्रपति ट्रंप ने इस उत्सव के माध्यम से विविधता की शक्ति को प्रदर्शित किया है। वहीं एफबीआई प्रमुख काश पटेल ने कहा कि दुनिया भर के भारतीय-अमेरिकी इस बात से गर्व महसूस कर रहे हैं कि उनके पास “ऐसे महान नेता” हैं जो भारतीय संस्कृति को सम्मान देते हैं।
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