न्यायमूर्ति बेला एम त्रिवेदी सुप्रीम कोर्ट से सेवानिवृत्त...CJI और सिब्बल ने दी भावभीनी विदाई, SCBA पर निशाना
सुप्रीम कोर्ट की ग्यारहवीं महिला न्यायाधीश, न्यायमूर्ति बेला एम त्रिवेदी ने शुक्रवार को अपने पद से इस्तीफा दे दिया। सुप्रीम कोर्ट में साढ़े तीन साल तक सेवा देने के बाद उनके लिए आयोजित औपचारिक विदाई समारोह में कोर्टरूम में तो सराहना मिली, लेकिन सुप्रीम कोर्ट बार एसोसिएशन (SCBA) की ओर से कोई विदाई नहीं दी
नयी दिल्ली। सुप्रीम कोर्ट की ग्यारहवीं महिला न्यायाधीश, न्यायमूर्ति बेला एम त्रिवेदी ने शुक्रवार को अपने पद से इस्तीफा दे दिया। सुप्रीम कोर्ट में साढ़े तीन साल तक सेवा देने के बाद उनके लिए आयोजित औपचारिक विदाई समारोह में कोर्टरूम में तो सराहना मिली, लेकिन सुप्रीम कोर्ट बार एसोसिएशन (SCBA) की ओर से कोई विदाई नहीं दी गई। इस असाधारण रवैये की CJI डी वाई चंद्रचूड़ के स्थान पर CJI बी आर गवई ने खुलकर आलोचना की।
CJI का कड़ा संदेश: "यह रवैया निंदनीय"
मुख्य न्यायाधीश बी आर गवई ने कोर्ट में कहा, "मुझे खुलकर कहना होगा... इस अवसर पर ऐसा रुख नहीं अपनाया जाना चाहिए था।"
उन्होंने वरिष्ठ अधिवक्ता कपिल सिब्बल और SCBA की उपाध्यक्ष रचना श्रीवास्तव को कार्यक्रम में शामिल होने के लिए विशेष धन्यवाद भी दिया, जबकि SCBA ने विदाई का आयोजन नहीं करने का प्रस्ताव पास किया था।
कपिल सिब्बल का सम्मानजनक संदेश: "आप इस न्यायालय की एक सितारा हैं।"
SCBA अध्यक्ष कपिल सिब्बल ने एक भावुक भाषण में न्यायमूर्ति त्रिवेदी की न्यायिक सोच की प्रशंसा करते हुए कहा, “यह अदालत सितारों का समूह है, और आप उनमें से एक हैं।”
उन्होंने यह भी याद दिलाया कि “75 वर्षों में अब तक केवल 11 महिला न्यायाधीश नियुक्त हुईं — औसतन हर सात साल में एक। यह स्वयं में एक बड़ी उपलब्धि है।”
सिब्बल ने UAPA से जुड़े एक मामले का किस्सा सुनाते हुए कहा, “मैंने कहा, ‘मुझे उम्मीद है कि आपकी अदालत थोड़ी सहानुभूति रखेगी।’ आपने जवाब दिया, ‘आप मुझे नहीं जानते।’ पर हम जानते हैं — पहले भी और अब भी। आपने न्याय के लिए जो किया, वह अविस्मरणीय है।”
एक विशिष्ट करियर की झलक
- जन्म: 10 जून 1960, पाटन (गुजरात)
- वकालत की शुरुआत: गुजरात हाईकोर्ट में 10 वर्षों तक अभ्यास
- न्यायिक सेवा में प्रवेश: 1995 में अहमदाबाद ट्रायल कोर्ट जज के रूप में
- लिम्का बुक रिकॉर्ड: पिता के साथ एक ही बेंच में बैठी थीं
- उच्च न्यायालयों में सेवा: गुजरात व राजस्थान हाईकोर्ट
- सुप्रीम कोर्ट में नियुक्ति: 31 अगस्त 2021, ऐतिहासिक नौ न्यायाधीशों की नियुक्ति में शामिल, जिनमें तीन महिलाएं थीं
चर्चित फैसले और उपलब्धियाँ
- क्रॉस-बॉर्डर आतंकवाद और ऑपरेशन सिंदूर जैसे अहम मामलों में न्यायमूर्ति त्रिवेदी की टिप्पणियों और फैसलों को निर्णायक माना गया।
- सहयोगियों ने उनकी "सटीक और विवेकपूर्ण" निर्णय प्रक्रिया की सराहना की।
SCBA की चुप्पी पर सवाल
SCBA की तरफ से विदाई न देने का कोई आधिकारिक कारण नहीं बताया गया लेकिन CJI ने यह स्पष्ट कर दिया कि “विभिन्न प्रकार के न्यायाधीश होने को उस सम्मान से वंचित करने का कारण नहीं बनाना चाहिए, जो उन्हें मिलना ही चाहिए था।”
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