कर्नाटक: बेलगावी रैली में सीएम सिद्धारमैया से सार्वजनिक अपमान के बाद सीनियर पुलिस अफसर ने VRS मांगा, सरकार मनाने में जुटी
कर्नाटक के मुख्यमंत्री सिद्धारमैया द्वारा एक रैली में सार्वजनिक रूप से अपमानित किए जाने के बाद धारवाड़ के एडिशनल एसपी नारायण बर्मानी ने स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति (VRS) की मांग की है। इस घटना से राज्य सरकार को भारी शर्मिंदगी का सामना करना पड़ा है, वहीं बर्मानी के कदम से पुलिस विभाग में गहरी नाराजगी..
बेलगावी। कर्नाटक के मुख्यमंत्री सिद्धारमैया द्वारा एक रैली में सार्वजनिक रूप से अपमानित किए जाने के बाद धारवाड़ के एडिशनल एसपी नारायण बर्मानी ने स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति (VRS) की मांग की है। इस घटना से राज्य सरकार को भारी शर्मिंदगी का सामना करना पड़ा है, वहीं बर्मानी के कदम से पुलिस विभाग में गहरी नाराजगी और निराशा का माहौल बना है।
31 साल की सेवा, 4 साल बाकी, लेकिन आत्मसम्मान पर चोट
नारायण बर्मानी, जिनकी सेवा अवधि में अभी चार साल बचे हैं, ने 12 जून को गृह विभाग के अपर मुख्य सचिव को भेजे तीन पन्नों के VRS पत्र में लिखा, "माननीय मुख्यमंत्री द्वारा एक ऐसी गलती के लिए मुझे सार्वजनिक रूप से अपमानित किया गया, जो मैंने की ही नहीं। मुझे कोई और विकल्प नहीं सूझता, इसलिए स्वैच्छिक सेवा निवृत्ति चाहता हूँ। कृपया इसे स्वीकार करें।”
बर्मानी ने पत्र में यह भी कहा कि मुख्यमंत्री का व्यवहार “अशिष्ट और अपमानजनक” था, जो सिर्फ एक अधिकारी पर नहीं, बल्कि पूरे पुलिस बल की गरिमा पर आघात है।
क्या हुआ था बेलगावी में?
दो महीने पहले बेलगावी में कांग्रेस की महंगाई के खिलाफ एक जनसभा में कुछ लोगों ने काले झंडे दिखाए, जिससे मुख्यमंत्री सिद्धारमैया नाराज़ हो गए।
उन्होंने मंच पर मौजूद बर्मानी को लाइव कैमरों के सामने बुलाया और गुस्से में हाथ उठाया, मानो थप्पड़ मारने वाले हों। बर्मानी ने खुद को पीछे खींच लिया, जिससे थप्पड़ से बच गए लेकिन अपमान नहीं टाल पाए।
बर्मानी ने लिखा, “पूरा राज्य लाइव टीवी पर देख रहा था कि मुख्यमंत्री ने मुझे थप्पड़ मारने के लिए हाथ उठाया। मैं भले ही शारीरिक आघात से बच गया, पर मानसिक और सार्वजनिक अपमान से नहीं।”
घर लौटने पर परिवार भी सदमे में
बर्मानी ने लिखा कि जब वे उस दिन घर लौटे, तो उनका परिवार मानसिक रूप से टूट चुका था।
उन्होंने यह भी शिकायत की कि कोई वरिष्ठ अधिकारी या सहकर्मी उनके समर्थन में नहीं आया, जिससे उनकी पीड़ा और बढ़ गई।
कर्तव्यनिष्ठा पर आघात
31 वर्षों की सेवा में, बर्मानी ने सब-इंस्पेक्टर से अपनी शुरुआत की थी। उन्होंने कहा कि उन्होंने हमेशा जनता की सेवा भावना से काम किया, लेकिन मुख्यमंत्री ने ऐसे अधिकारियों का मनोबल तोड़ा, जिन्हें प्रोत्साहित किया जाना चाहिए था। उन्होंने कहा,“मैंने उस वक्त कोई प्रतिक्रिया नहीं दी क्योंकि मैंने मुख्यमंत्री के पद का सम्मान किया। चुपचाप मंच से उतर गया।”
सरकार का 'डैमेज कंट्रोल': पदोन्नति की पेशकश
सूत्रों के अनुसार, राज्य सरकार अब बर्मानी को मनाने की कोशिश कर रही है। उन्हें बेलगावी के डिप्टी कमिश्नर ऑफ पुलिस (लॉ एंड ऑर्डर) पद की पेशकश की जा रही है।
हालांकि, यह पद फिलहाल IPS अधिकारी रोहन जगदीश के पास है, इसलिए यह स्पष्ट नहीं है कि स्थानांतरण प्रशासनिक रूप से संभव होगा या नहीं।
बर्मानी ने मीडिया से बात करने से किया इनकार
धारवाड़ में द न्यू इंडियन एक्सप्रेस से बातचीत में बर्मानी ने पुष्टि की कि उन्होंने VRS की अर्जी दी है, लेकिन उन्होंने इस प्रकरण पर और कुछ कहने से इनकार किया।
What's Your Reaction?