केरल को मिली पहली जेन ज़ी नगर पालिका अध्यक्ष, दीया बिनु बनीं देश की सबसे युवा चेयरपर्सन; जानिए कौन हैं वो..
केरल में हाल ही में संपन्न स्थानीय निकाय चुनावों में कोट्टायम जिले की पाला नगर पालिका ने एक ऐतिहासिक रिकॉर्ड बनाया है। यहां 21 वर्षीय जेन ज़ी नेता दीया बिनु पुलिक्ककंडम को नगर पालिका अध्यक्ष चुना..
केरल में हाल ही में संपन्न स्थानीय निकाय चुनावों में कोट्टायम जिले की पाला नगर पालिका ने एक ऐतिहासिक रिकॉर्ड बनाया है। यहां 21 वर्षीय जेन ज़ी नेता दीया बिनु पुलिक्ककंडम को नगर पालिका अध्यक्ष चुना गया है।
उनके इस चुनाव के साथ ही दीया देश की सबसे कम उम्र की नगर पालिका अध्यक्ष बन गई हैं। पाला नगर परिषद में कुल 26 सदस्य हैं। चुनाव में किसी भी गठबंधन को स्पष्ट बहुमत नहीं मिला। वाम लोकतांत्रिक मोर्चा (एलडीएफ) को 12 सीटें, कांग्रेस के नेतृत्व वाले संयुक्त लोकतांत्रिक मोर्चा (यूडीएफ) को 10 सीटें मिलीं, जबकि शेष चार सीटें निर्दलीय उम्मीदवारों के खाते में गईं।
निर्दलीय उम्मीदवार के तौर पर मैदान में उतरीं दीया को अध्यक्ष पद के चुनाव में 14 वोट मिले। उन्हें यूडीएफ का समर्थन प्राप्त था। इस जीत में उनके परिवार की भूमिका भी निर्णायक रही।
कौन हैं दीया बिनु?
दीया बिनु मद्रास क्रिश्चियन कॉलेज से बीए (अर्थशास्त्र) स्नातक हैं। उन्होंने अपने पिता के आग्रह पर राजनीति में कदम रखा। चुनाव में उन्होंने 131 मतों के अंतर से जीत दर्ज की।
दीया का परिवार राजनीति में मजबूत पृष्ठभूमि रखता है। वह पाला नगर पालिका के पूर्व अध्यक्ष बिनु पुलिक्ककंडम की बेटी हैं। हालिया चुनावों में दीया, उनके पिता और उनके चाचा बिजू पुलिक्ककंडम—तीनों ने निर्दलीय उम्मीदवार के रूप में जीत हासिल कर तीन सीटें जीतीं।
दीया का कहना है, “मैं समझती हूं कि यह एक बड़ी जिम्मेदारी है। मैं अपनी पूरी क्षमता के साथ पाला नगर पालिका के विकास और प्रगति के लिए काम करूंगी। मुझे उम्मीद है कि मेरे सभी 25 सह पार्षदों का मुझे पूरा सहयोग मिलेगा। नगर पालिका के संचालन में मैं उनके अनुभव और सलाह को महत्व दूंगी।”
गौरतलब है कि वर्ष 2023 में दीया के पिता बिनु पुलिक्ककंडम को केरल कांग्रेस (एम) के प्रमुख जोस के. मणि द्वारा नगर पालिका अध्यक्ष पद से हटा दिया गया था। इसके अलावा, सीपीएम के नेतृत्व वाले एलडीएफ ने भी उन्हें वह पद नहीं दिया, जिसका वादा किया गया था, जिससे उन्हें पार्टी स्तर पर अपमान का सामना करना पड़ा।
दीया की जीत को उनके पिता के लिए “मीठा बदला” माना जा रहा है। पाला में शीर्ष नगर पालिका पद पर उनकी ताजपोशी को उनके परिवार की राजनीतिक वापसी के रूप में देखा जा रहा है क्योंकि अब नगर पालिका की कमान दीया के हाथ में है और उनके पिता व चाचा पार्षद के रूप में परिषद का हिस्सा हैं।
इसके साथ ही, दीया की जीत ने सत्तारूढ़ एलडीएफ के तीसरे सबसे बड़े सहयोगी केरल कांग्रेस (एम) और उसके नेता जोस के. मणि को भी एक बड़ा राजनीतिक झटका दिया है।
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