राज्यों को गर चाहिए मनरेगा फंड तो करने होंगे ये कामः केंद्र सरकार ने लिखा पत्र
केंद्र सरकार और राज्य सरकारों के बीच एक बार फिर टकराव की स्थिति बन रही है। केंद्रीय ग्रामीण विकास मंत्रालय ने सभी राज्यों को पत्र लिखकर कहा है कि उन्हें महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम, 2005 (मनरेगा) के तहत यदि धन प्राप्त करना है तो इसके लिए उन्हें मंत्रालय द्वारा निर्धारित संकेतकों के अनुपालन को दर्शाने वाली कार्रवाई रिपोर्ट प्रस्तुत करनी होगी।
केंद्रीय ग्रामीण विकास मंत्री गिरिराज सिंह ने कहा, ‘मनरेगा फंड के इस्तेमाल में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करने के लिए लाये गए संकेतकों के अनुपालन का आकलन अक्टूबर में किया जाएगा।’ मंत्रालय के इस कदम से केंद्र और राज्यों के बीच तवाल बढ़ने की प्रबल आशंका है क्योंकि बहुत से राज्यों ने अभी भी निर्धारित संकेतकों का पालन नहीं किया है।
उल्लेखनीय है कि पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने जुलाई 2022 में केंद्र सरकार पर मनरेगा के फंड को रोकने का आरोप लगाया था। केंद्र सरकार ने उस वक्त कहा था कि राज्यों को फंड जारी करने के लिए मानकों का पालन करने की जरूरत है। केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह ने कहा, ‘मैंने राज्यों को लिखा है कि हमारे पास धन की कोई कमी नहीं है लेकिन उन्हें पारदर्शिता सुनिश्चित करने की जरूरत है और यह भी कि कोई वित्तीय अनियमितता नहीं होनी चाहिए। हम अक्टूबर में राज्यों द्वारा की गई कार्रवाई की रिपोर्ट देखेंगे और अनुपालन का आकलन करेंगे।’
गिरिराज सिंह ने कहा, ‘मैंने राज्यों से मनरेगा में अधिक पारदर्शिता लाने के लिए कहा है और इसके लिए हमें कुछ संकेतकों का पालन करने की आवश्यकता है जैसे कि आयुक्तों का दौरा, वास्तविक समय उपस्थिति, एक सक्रिय लोकपाल, सामाजिक लेखा परीक्षा, एक राष्ट्रीय मोबाइल निगरानी। यह सिस्टम एक ऐप से जुड़ा है जो सुनिश्चित करता है कि कर्मचारी साइट पर पहुंचें और काम को जियोटैग किया जा रहा है और व्हाट्सएप ग्रुप बनाया जा रहा है। गिरिराज सिंह ने कहा, ‘व्हाट्सएप समूहों में से एक अधिकारियों और दूसरा ग्राम पंचायतों एवं अन्य जन प्रतिनिधियों का होना चाहिए। इस ग्रुप में जॉब कार्ड का विवरण होगा। सभी को पता चल जाएगा कि क्या हो रहा है।’
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