राज्यसभा में बोले अमित शाह – “अब आतंकियों की महिमा नहीं गाई जाती, जम्मू-कश्मीर में आतंकी घटनाओं में 70% की गिरावट”
गृह मंत्री अमित शाह ने शुक्रवार को राज्यसभा में गृह मंत्रालय (MHA) की कार्यप्रणाली पर हुई चर्चा का जवाब देते हुए कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में पिछले 10 वर्षों में देश की आंतरिक सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने के लिए बड़े सुधार किए गए हैं।
नयी दिल्ली। गृह मंत्री अमित शाह ने शुक्रवार को राज्यसभा में गृह मंत्रालय (MHA) की कार्यप्रणाली पर हुई चर्चा का जवाब देते हुए कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में पिछले 10 वर्षों में देश की आंतरिक सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने के लिए बड़े सुधार किए गए हैं।
सुरक्षा बलों को दी श्रद्धांजलि
शाह ने कहा, “सबसे पहले, मैं उन सभी राज्य पुलिस और केंद्रीय अर्धसैनिक बलों को नमन करता हूँ जिन्होंने देश की सुरक्षा के लिए अपने प्राणों की आहुति दी। उन्हीं के बलिदानों के कारण आज भारत वैश्विक स्तर पर नेतृत्व कर रहा है।”
कानून-व्यवस्था में सुधार की ज़रूरत क्यों पड़ी?
- उन्होंने बताया कि कई अपराध जैसे नशा तस्करी, साइबर क्राइम, हवाला, संगठित अपराध अब राज्य की सीमाओं से बाहर हो चुके हैं, इसलिए MHA में बदलाव आवश्यक थे।
- शाह ने कहा, “इन अंतर-राज्यीय और अंतर्राष्ट्रीय अपराधों से निपटने के लिए मोदी सरकार ने गृह मंत्रालय में जरूरी और बहुप्रतीक्षित बदलाव किए हैं।”
2014 से पहले की स्थिति: जम्मू-कश्मीर, नक्सलवाद और पूर्वोत्तर क्षेत्र
- चार दशकों में 92,000 लोगों की जान आतंकवाद, उग्रवाद और नक्सलवाद के कारण गई।
- जम्मू-कश्मीर में त्योहार भी डर के साये में मनते थे।
- शाह बोले, “पहले की सरकारें आतंकियों के डर से चुप रहती थीं, वोट बैंक के कारण बोलती नहीं थीं।”
अब नहीं होता आतंकियों का ‘महिमा मंडन’
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कहा, पहले आतंकियों के जनाजों में भारी भीड़ होती थी, उनके परिजनों को सरकारी नौकरियां मिलती थीं।
शाह ने कहा, “अब हालात बदल चुके हैं। आतंकवादियों को खत्म किया जाता है, कोई जनाजे में नहीं आता। उनके परिवारों से सरकारी नौकरियाँ छीनी गईं और आतंक के नेटवर्क खत्म किए गए।”
आतंकी घटनाओं में भारी गिरावट
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वर्ष |
घटनाएं |
नागरिक मौतें |
सुरक्षा बलों की मौतें |
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2004-2014 |
7,217 |
-- |
-- |
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2014-2024 |
2,242 |
नागरिक मौतें में 81% कमी, सुरक्षा बलों की मौतें में 50% कमी |
- पत्थरबाजी की घटनाएं:
2010-14 के बीच औसतन 2,654 घटनाएं प्रतिवर्ष होती थीं, 2024 में एक भी नहीं हुई।
सर्जिकल स्ट्राइक और एयर स्ट्राइक का जिक्र
- उरी और पुलवामा हमले के बाद 10 दिन में पाकिस्तान में घुसकर जवाबी कार्रवाई की गई।
- शाह ने कहा, “यहीं से हमारी ज़ीरो टॉलरेंस नीति की शुरुआत हुई।”
अनुच्छेद 370 हटाना – ‘एक राष्ट्र, एक संविधान, एक प्रधानमंत्री’ की दिशा में कदम
शाह बोले, “अनुच्छेद 370 अलगाववाद का प्रतीक था। हमारे संविधान निर्माताओं का सपना था – एक देश, एक झंडा, एक प्रधानमंत्री – जिसे मोदी सरकार ने पूरा किया।”
जम्मू-कश्मीर में विकास कार्य
- 2019-2024 के बीच:
- 40,000
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