कर्नाटक के कलबुर्गी में बीजेपी का प्रदर्शन, मंत्री प्रियांक खड़गे पर गुण्डागर्दी और दलित नेता के अपमान का आरोप
कर्नाटक के कलबुर्गी में शनिवार को बीजेपी ने राज्य के मंत्री प्रियांक खड़गे के खिलाफ ज़बरदस्त प्रदर्शन किया। बीजेपी ने आरोप लगाया कि मंत्री खड़गे ने विधान परिषद में नेता प्रतिपक्ष चलवाड़ी नारायणस्वामी के साथ गुण्डागर्दी और असंवैधानिक व्यवहार किया।
कलबुर्गी (कर्नाटक)। कर्नाटक के कलबुर्गी में शनिवार को बीजेपी ने राज्य के मंत्री प्रियांक खड़गे के खिलाफ ज़बरदस्त प्रदर्शन किया। बीजेपी ने आरोप लगाया कि मंत्री खड़गे ने विधान परिषद में नेता प्रतिपक्ष चलवाड़ी नारायणस्वामी के साथ गुण्डागर्दी और असंवैधानिक व्यवहार किया।
प्रियांक खड़गे, कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे के बेटे हैं और दोनों का संबंध कलबुर्गी ज़िले से है। यह प्रदर्शन ‘कलबुर्गी चलो’ रैली के तहत डिप्टी कमिश्नर ऑफिस सर्कल के पास आयोजित किया गया, जिसका नेतृत्व BJP प्रदेश अध्यक्ष बी.वाई. विजयेंद्र ने किया।
विवाद की जड़: ‘कुत्ता’ कहे जाने के बाद 5 घंटे तक घेराबंदी का आरोप
- चलवाड़ी नारायणस्वामी ने मंत्री प्रियांक खड़गे की तुलना “कुत्ते” से कर दी थी।
- इसके बाद, खड़गे के समर्थकों ने नारायणस्वामी को कथित रूप से पांच घंटे तक रोके रखा और माफी की मांग की।
- BJP का आरोप है कि यह पूरी घटना प्रियांक खड़गे की सोची-समझी साजिश थी।
नारायणस्वामी बोले – “अगर कोई असली दलित है, तो वह मैं हूं”
बीजेपी के मंच से नारायणस्वामी ने तीखा भाषण दिया। उन्होंने कहा, “मैंने ज़मीन पर सोया है, तालाब से पानी पिया है, जो मिला वही खाया है। मैं चांदी का चम्मच लेकर पैदा नहीं हुआ था।"
उन्होंने प्रियांक खड़गे पर जातिगत राजनीति और अवसरों की लूट का आरोप लगाया। उन्होंने कहा, “मैंने कांग्रेस में 40 साल काम किया, लेकिन B-फॉर्म तक नहीं मिला।वहीं प्रियांक को सिर्फ अपने पिता के कारण चार बार टिकट मिला।" उन्होंने कहा, "अगर ‘खड़गे’ नाम न होता, तो प्रियांक मंडल पंचायत का चुनाव भी नहीं जीत पाते।”
“दलित नेताओं को कुचला जा रहा है” – नारायणस्वामी की व्यथा
उन्होंने कहा कि कांग्रेस में कई दलित नेता हैं जिन्होंने जीत हासिल की, लेकिन उन्हें मंत्री नहीं बनाया गया जैसे एसएम नारायणस्वामी (4 बार जीते), प्रसाद अब्बैया (3 बार) और शिवन्ना (3 बार)। उन्होंने आरोप लगाया कि खड़गे परिवार ने इन सभी को कुचल दिया। कांग्रेस में दलित अब मुंह भी नहीं खोल सकते। उन्होंने कांग्रेस पर डॉ. आंबेडकर को भी पराजित और अपमानित करने का आरोप लगाया।
बीजेपी नेताओं की मांगें और आरोप: N. रविकुमार (विपक्ष के मुख्य सचेतक): “न केवल नारायणस्वामी का अपमान हुआ, बल्कि उन्हें तिरंगा यात्रा भी नहीं निकालने दी गई। क्या कलबुर्गी भारत में है या पाकिस्तान में?”
गोविंद कारजोल (सांसद और पूर्व डिप्टी सीएम): “राहुल गांधी ने पीएम मोदी को ‘चौकीदार चोर’ कहा, मल्लिकार्जुन खड़गे ने उन्हें ‘ज़हरीला सांप’ बताया। अब कांग्रेस खुद डर के साये में है।”
बसवराज मट्टीमूड (BJP विधायक): “कलबुर्गी में सिर्फ प्रियांक खड़गे की सरकार चल रही है। अफसर काम नहीं कर पा रहे। ज़िले में अपराध बढ़ रहे हैं।”
पूर्व सांसद मुनिस्वामी: “कलबुर्गी को खड़गे परिवार का निजी ज़िला नहीं बनने देंगे। कांग्रेस अब विरोधी है, SC, ST और दलितों की।”
बीजेपी की मुख्य मांगें
- मंत्री प्रियांक खड़गे को मंत्रिमंडल से बर्खास्त किया जाए।
- घटना में शामिल पुलिस अफसरों को निलंबित किया जाए।
- सरकार संवैधानिक मर्यादा में काम करे, नहीं तो जनता सड़कों पर जवाब देगी।
यह घटना न सिर्फ राज्य की दलित राजनीति को झकझोर रही है, बल्कि कांग्रेस की आंतरिक गुटबाज़ी और परिवारवाद पर भी तीखे सवाल उठा रही है।
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