‘वन वॉयस, वन पार्टी’: बेंगलुरु भगदड़ के बाद सिद्धारमैया, शिवकुमार ने कांग्रेस नेतृत्व से की मुलाकात
कर्नाटक के उपमुख्यमंत्री डीके शिवकुमार ने मंगलवार को राज्य सरकार में नेतृत्व परिवर्तन की अटकलों को खारिज करते हुए कहा कि “ऐसा कुछ भी विचाराधीन नहीं है..
नयी दिल्ली। कर्नाटक के उपमुख्यमंत्री डीके शिवकुमार ने मंगलवार को राज्य सरकार में नेतृत्व परिवर्तन की अटकलों को खारिज करते हुए कहा कि “ऐसा कुछ भी विचाराधीन नहीं है।”
उन्होंने कहा, “कुछ भी विचाराधीन नहीं है। महासचिव ने बोल दिया है। यह एक आवाज़, एक पार्टी है।”
शिवकुमार और मुख्यमंत्री सिद्धारमैया ने कांग्रेस के नए मुख्यालय, इंदिरा भवन, दिल्ली में शीर्ष नेतृत्व से मुलाकात की।
आईपीएल जश्न के दौरान हुई भगदड़ को लेकर चर्चा
सूत्रों के अनुसार, दोनों नेताओं ने कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे और विपक्ष के नेता राहुल गांधी से मुलाकात कर कई मुद्दों पर बातचीत की, जिनमें 4 जून को बेंगलुरु में रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु (RCB) की आईपीएल जीत के जश्न के दौरान हुई भगदड़ की घटना भी शामिल थी।
बताया गया कि खड़गे और राहुल गांधी ने राज्य सरकार की इस कार्यक्रम में भागीदारी पर असंतोष जताया, क्योंकि इस भगदड़ में 11 लोगों की जान चली गई थी।
इस बैठक में पार्टी महासचिव (संगठन) केसी वेणुगोपाल और कर्नाटक प्रभारी रणदीप सुरजेवाला भी शामिल रहे। करीब तीन घंटे चली इस बैठक में पार्टी नेतृत्व ने मुख्यमंत्री सिद्धारमैया से कहा कि राज्य की कांग्रेस सरकार को “जनहितकारी दृष्टिकोण” अपनाना चाहिए।
एक सूत्र के अनुसार, राहुल गांधी ने स्पष्ट रूप से कहा कि कांग्रेस पार्टी के लिए हर इंसानी जीवन की कीमत होती है और राज्य सरकार को आम जनता के प्रति संवेदनशील रहना चाहिए।
केसी वेणुगोपाल ने क्या कहा?
बैठक के बाद पत्रकारों से बात करते हुए वेणुगोपाल ने कहा, “हमने बेंगलुरु में हुई दुर्भाग्यपूर्ण घटना और सरकार द्वारा उठाए गए कदमों पर चर्चा की। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष (शिवकुमार) ने पार्टी नेतृत्व को स्थिति की पूरी जानकारी दी।”
उन्होंने कहा, “हम हर इंसानी जीवन की अहमियत को समझते हैं, और हमारी पार्टी भी। यह एक दुखद घटना थी और कर्नाटक सरकार ने इसकी जांच के लिए न्यायिक जांच आयोग का गठन किया है, ताकि सच्चाई सामने आ सके।”
वेणुगोपाल ने यह भी कहा कि पार्टी चाहती है कि इस मामले में सरकार की सोच पूरी तरह जनपक्षीय हो। कांग्रेस नेतृत्व ने मुख्यमंत्री से इस पर विस्तृत रिपोर्ट भी मांगी है।
विपक्ष के निशाने पर सरकार
भगदड़ की इस घटना को लेकर भाजपा और जेडी(एस) ने मुख्यमंत्री और उपमुख्यमंत्री को सीधे जिम्मेदार ठहराते हुए उनके इस्तीफे की मांग की है। इसके साथ ही दोनों दलों ने इस विषय पर चर्चा के लिए विशेष विधानसभा सत्र बुलाने की भी मांग की है।
यह भगदड़ 4 जून को चिन्नास्वामी स्टेडियम के बाहर हुई थी, जहाँ बड़ी संख्या में लोग आरसीबी की जीत के जश्न में भाग लेने जुटे थे।
सीएम सिद्धारमैया का पक्ष
सिद्धारमैया ने भगदड़ की घटना से दूरी बनाते हुए कहा था कि उन्हें देर से जानकारी मिली और यह कार्यक्रम सरकार द्वारा आयोजित नहीं किया गया था। लेकिन, कांग्रेस नेतृत्व से मुलाकात के बाद उन्होंने कहा, “हमने इस घटना को लेकर सरकार की तरफ से उठाए गए कदमों की जानकारी दी है। मजिस्ट्रेट जांच जारी है और सेवानिवृत्त जस्टिस माइकल कुन्हा की अध्यक्षता में एक न्यायिक आयोग भी गठित किया गया है। पांच पुलिस अधिकारियों को निलंबित किया गया है, खुफिया अधिकारियों का तबादला किया गया है और राजनीतिक सचिव को हटा दिया गया है।”
सिद्धारमैया ने आगे कहा, “हमने इन सभी कार्रवाइयों को स्पष्ट किया, और नेतृत्व में सहमति है कि यह कदम सही दिशा में हैं... मैंने यह भी कहा कि इस घटना के साथ-साथ कुंभ मेले की घटना पर भी चर्चा होनी चाहिए। मैं इस घटना को बचाने के लिए कुंभ मेले का हवाला नहीं दे रहा। जब लोग मरते हैं, तो दुःख होना स्वाभाविक है। इस मुद्दे का राजनीतिकरण नहीं होना चाहिए।”
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