कुमारस्वामी ने कर्नाटक सरकार के खिलाफ ‘युद्ध’ की घोषणा की, शिवकुमार पर ‘लूट’ का आरोप लगाया
जनता दल (सेक्युलर) के नेता और केंद्रीय मंत्री एच. डी. कुमारस्वामी ने कर्नाटक के मुख्यमंत्री सिद्धारमैया और उपमुख्यमंत्री डी. के. शिवकुमार पर सत्ता का दुरुपयोग कर उन्हें “परेशान करने” की कोशिश का आरोप लगाते हुए राज्य सरकार के खिलाफ “युद्ध की घोषणा” कर दी।
बेंगलुरु। जनता दल (सेक्युलर) के नेता और केंद्रीय मंत्री एच. डी. कुमारस्वामी ने कर्नाटक के मुख्यमंत्री सिद्धारमैया और उपमुख्यमंत्री डी. के. शिवकुमार पर सत्ता का दुरुपयोग कर उन्हें “परेशान करने” की कोशिश का आरोप लगाते हुए राज्य सरकार के खिलाफ “युद्ध की घोषणा” कर दी।
उन्होंने कांग्रेस सरकार को चेतावनी देते हुए कहा कि उसे उकसाने की गलती न करे, क्योंकि उनके पास सरकार और उसके नेताओं के खिलाफ पर्याप्त सबूत मौजूद हैं।
कुमारस्वामी ने बिदादी के पास केठगनहल्ली में अपनी पारिवारिक जमीन पर हुए अतिक्रमण हटाने की सरकारी कार्रवाई को “राजनीतिक प्रतिशोध” करार देते हुए शिवकुमार पर “लूट” का आरोप लगाया।
शिवकुमार ने पलटवार करते हुए कुमारस्वामी को चुनौती दी कि वे अपने पास मौजूद सभी सबूत सार्वजनिक करें और अगर वे गलत साबित हुए तो वह किसी भी सजा को भुगतने को तैयार हैं। उन्होंने कहा, “मैं कुमारस्वामी या किसी से नहीं डरता।”
यहां पत्रकारों से बात करते हुए केंद्रीय मंत्री कुमारस्वामी ने कहा, “मैं मीडिया के माध्यम से इस सरकार को चुनौती देने आया हूं। 40 साल पहले मैंने 46 एकड़ जमीन खरीदी थी और एक किसान की तरह ईमानदारी से उससे कमाई कर रहा था। इन 40 वर्षों में मैंने कभी ऐसा राजनीतिक प्रतिशोध नहीं देखा...”
सिद्धारमैया और शिवकुमार पर सत्ता का दुरुपयोग कर उन्हें परेशान करने का आरोप लगाते हुए उन्होंने कहा, “मैं इस सरकार के खिलाफ युद्ध की घोषणा करता हूं।”
उन्होंने कहा, “पहले कांग्रेस नेताओं ने कहा था कि वे देवेगौड़ा परिवार को खत्म कर देंगे। इसके बाद कई घटनाएं हुई हैं, जिन्हें अभी दोहराने की जरूरत नहीं है। हमारे परिवार ने देवेगौड़ा के समय से ही ऐसे उत्पीड़न का सामना किया है।”
कुमारस्वामी ने हाल ही में अपनी जमीन पर अतिक्रमण हटाने के नाम पर 4-5 जेसीबी मशीनों और 25-30 अधिकारियों की भारी सुरक्षा के साथ हुई कार्रवाई की मीडिया कवरेज का जिक्र करते हुए पूछा, “मैं एक पूर्व प्रधानमंत्री का बेटा और पूर्व मुख्यमंत्री हूं, क्या मुझे 4 एकड़ जमीन पर अतिक्रमण करने की जरूरत है?”
उन्होंने उन सामाजिक कार्यकर्ताओं पर भी हमला बोला जो उन पर जमीन कब्जाने का आरोप लगा रहे हैं। उन्होंने कहा, “किसी को भी इतनी नीचता पर नहीं उतरना चाहिए कि किसी के चरित्र की हत्या करे। अगर कोई गैरकानूनी काम हुआ है तो रिकॉर्ड सार्वजनिक करें और कार्रवाई करें।”
पूर्व मुख्यमंत्री ने याद दिलाया कि उन्होंने यह जमीन उस समय खरीदी थी जब वे एक फिल्म वितरक के रूप में काम कर रहे थे, राजनीति में आने से पहले। उन्होंने कहा कि तब उन्हें राजनीति में आने का कोई विचार नहीं था।
उन्होंने आरोप लगाया कि जब उन्होंने इस सरकार की गड़बड़ियों को सबूतों के साथ उजागर करना शुरू किया, तभी से यह जमीन का मामला जानबूझकर उछाला गया ताकि उन्हें चुप कराया जा सके। उन्होंने कहा, “ऐसी कोशिशें होती रही हैं, लेकिन अब तक सफल नहीं हुई हैं। इस मामले में भी मैं कानून के दायरे में रहकर लड़ाई लड़ूंगा।”
उन्होंने कहा कि वे दो बार मुख्यमंत्री रह चुके हैं और यदि उन्होंने कभी कोई अवैध कब्जा किया होता, तो उसे 5 मिनट में ठीक कर सकते थे। उन्होंने जनता से साफ कहा कि उन्होंने कभी किसी जमीन पर अवैध कब्जा नहीं किया और उनके सभी लेनदेन कानूनी हैं।
2006 से 2008 के बीच मुख्यमंत्री रहते हुए बेंगलुरु जिले में श्री साई वेंकटेश्वरा मिनरल्स (SSVM) को 550 एकड़ खनन पट्टा अवैध रूप से मंजूर करने के आरोप पर उन्होंने कहा कि उन्होंने कभी भी किसी संवैधानिक पद का दुरुपयोग नहीं किया।
उन्होंने कहा, “जब मैं 2018 से 2019 में दूसरी बार मुख्यमंत्री बना, तो अधिकारियों को निर्देश देकर अपने खिलाफ केस बंद करवा सकता था, लेकिन मैंने ऐसा नहीं किया।”
पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा, “मैंने कभी भी व्यक्तिगत दुश्मनी के कारण राजनीतिक लड़ाई नहीं लड़ी। मैं इस सरकार को कहना चाहता हूं कि मेरे पास टनों सबूत हैं, मुझे उकसाइए मत।”
उन्होंने आरोप लगाया कि 2003-04 में जब शिवकुमार शहरी विकास मंत्री थे, तब उन्होंने “लूट” की थी। उन्होंने कहा कि 65 ग्रेड का लौह अयस्क, जिसे ‘आयरन मड’ के नाम पर दिखाया गया, को लूटा गया और इसके दस्तावेजी सबूत मौजूद हैं।
कुमारस्वामी ने कहा कि “विधान सौध की तीसरी मंजिल पर मुहम्मद गौरी, मुहम्मद गजनवी और मलिक काफूर जैसे लोग बैठे हैं और राज्य को लूट रहे हैं।” उन्होंने तंज कसते हुए कहा, “अब तो अपने घर के सामने गाड़ी खड़ी करने के लिए भी टैक्स देना पड़ेगा।”
उन्होंने कहा, “अगर लोग सतर्क नहीं हुए तो सरकार आपके बेडरूम में आकर कहेगी – टैक्स दो और बेडरूम का उपयोग करो। ऐसी है यह सरकार।”
उन्होंने 1 अप्रैल को मूर्ख दिवस बताते हुए आरोप लगाया कि सरकार ने उसी दिन से दूध, बिजली, डीजल जैसी आवश्यक वस्तुओं पर दाम बढ़ाकर राज्य की जनता को मूर्ख बनाना शुरू कर दिया।
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