मोदी सरकार ने संसद में पेश किया इमिग्रेशन बिल, विपक्ष बोला – संविधान का उल्लंघन

विदेशियों और प्रवास से जुड़ी विभिन्न सेवाओं – जैसे देश में प्रवेश, ठहराव और बाहर निकलने को सुव्यवस्थित करने वाला एक बिल मंगलवार को लोकसभा में पेश किया गया। लेकिन विपक्ष ने इस विधेयक को संविधान के प्रावधानों का उल्लंघन बताया।

मोदी सरकार ने संसद में पेश किया इमिग्रेशन बिल, विपक्ष बोला – संविधान का उल्लंघन
12-03-2025 - 05:37 PM

नयी दिल्ली। विदेशियों और प्रवास से जुड़ी विभिन्न सेवाओं – जैसे देश में प्रवेश, ठहराव और बाहर निकलने को सुव्यवस्थित करने वाला एक बिल मंगलवार को लोकसभा में पेश किया गया। लेकिन विपक्ष ने इस विधेयक को संविधान के प्रावधानों का उल्लंघन बताया।

गृह राज्य मंत्री नित्यानंद राय ने इस दौरान यह साफ किया कि संसद को इमिग्रेशन एंड फॉरेनर्स बिल, 2025 लाने का पूरा संवैधानिक अधिकार है, क्योंकि यह विषय संघ सूची में आता है।

उन्होंने कहा, भारत में पर्यटकों का स्वागत है, लेकिन यह सरकार की ज़िम्मेदारी है कि देश की शांति और संप्रभुता बनी रहे।”

विपक्ष का विरोध: "बिल संविधान और मूल अधिकारों का उल्लंघन"

कांग्रेस सांसद मनीष तिवारी ने बिल के प्रस्तावित किए जाने के चरण में ही इसका विरोध करते हुए कहा कि यह कई संवैधानिक प्रावधानों और मौजूदा कानूनों का उल्लंघन करता है।

यह विधेयक मौलिक अधिकारों के सिद्धांत के खिलाफ है। सरकार इसका इस्तेमाल ऐसे लोगों को भारत में प्रवेश से रोकने के लिए कर सकती है जो सत्तारूढ़ विचारधारा से मेल नहीं खाते,” – मनीष तिवारी

टीएमसी सांसद सौगत रॉय ने भी इसका विरोध किया और कहा कि यह कानून विभिन्न क्षेत्रों में विदेशी प्रतिभाओं के भारत आने में बाधा बन सकता है।

सरकार की सफाई: पुराने कानूनों की जटिलता दूर करेगा नया बिल

बिल पेश करते हुए नित्यानंद राय ने कहा कि यह प्रस्तावित कानून विदेशियों और इमिग्रेशन से जुड़े पुराने कानूनों की आपसी ओवरलैपिंग और दोहराव को दूर करेगा और इन प्रक्रियाओं को सरल और सुव्यवस्थित बनाएगा।

इस समय भारत में विदेशी नागरिकों के प्रवेश, ठहराव और निकासी को नियंत्रित करने वाले मुख्य कानून हैं:

  • फॉरेनर्स एक्ट, 1946
  • रजिस्ट्रेशन ऑफ फॉरेनर्स एक्ट, 1939

विदेशियों के वीज़ा, पंजीकरण और अनुमति से जुड़े मौजूदा नियम

  • विदेशी नागरिकों को भारतीय वीज़ा विदेशों में भारतीय मिशनों से फिजिकल या स्टिकर फॉर्म में मिलता है।
  • 167 देशों के नागरिकों को सात श्रेणियों में ई-वीज़ा की सुविधा भारत की इमिग्रेशन ब्यूरो (BoI) द्वारा दी जाती है।
  • जापान, दक्षिण कोरिया और यूएई (उन नागरिकों के लिए जिन्होंने पहले भारत का वीज़ा लिया हो) को 6 हवाई अड्डों पर वीज़ा-ऑन-अराइवल की सुविधा मिलती है।
  • लंबी अवधि के वीज़ा (180 दिन से अधिक) जैसे स्टूडेंट, मेडिकल, रिसर्च, एम्प्लॉयमेंट आदि पर भारत आने वाले विदेशियों को 14 दिनों के भीतर FRRO या FRO में पंजीकरण कराना अनिवार्य है।
  • पाकिस्तानी नागरिकों को 24 घंटे में पंजीकरण कराना होता है।

भारत में विदेशियों से जुड़े अन्य कानून

  • नागरिकता अधिनियम, 1955 – भारतीय नागरिकता प्राप्त करने, समाप्त करने और OCI कार्ड देने से संबंधित।
  • पासपोर्ट अधिनियम, 1967 – पासपोर्ट और यात्रा दस्तावेज़ जारी करने के लिए।
  • इमिग्रेशन (कैरीयर्स लाइबिलिटी) एक्ट, 2000 – अगर कोई कैरियर बिना वैध दस्तावेज़ वाले व्यक्ति को भारत लाता है तो उसे उत्तरदायी ठहराया जाता है।

भारत में कुछ संरक्षित क्षेत्र जहाँ विशेष परमिट आवश्यक है:

  • पूर्वोत्तर के कई राज्य
  • अंडमान और निकोबार द्वीपसमूह
  • जम्मू-कश्मीर, उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश और राजस्थान के कुछ भाग

एक वर्ष में 98 लाख से अधिक विदेशी नागरिक भारत आए

गृह मंत्रालय के आंकड़ों के अनुसार, 1 अप्रैल 2023 से 31 मार्च 2024 के बीच कुल 98,40,321 (98.40 लाख) विदेशी नागरिकों ने भारत का दौरा किया।

What's Your Reaction?

like

dislike

love

funny

angry

sad

wow

THE NEWS THIKANA, संपादकीय डेस्क यह द न्यूजठिकाना डॉट कॉम की संपादकीय डेस्क है। डेस्क के संपादकीय सदस्यों का प्रयास रहता है कि अपने पाठकों को निष्पक्षता और निर्भीकता के साथ विभिन्न विषयों के सच्चे, सटीक, विश्वसनीय व सामयिक समाचारों के अलावाआवश्यक उल्लेखनीय विचारों को भी सही समय पर अवगत कराएं।