मद्रास हाईकोर्ट का बड़ा फैसला: थिरुपरनकुंद्रम पहाड़ी का नाम बरकरार, दरगाह में पशु बलि पर रोक

मद्रास हाईकोर्ट की मदुरै पीठ ने मंगलवार को थिरुपरनकुंद्रम पहाड़ी से जुड़े लंबे समय से चल रहे विवाद को सुलझा लिया। अदालत ने पहाड़ी के नाम, सिकंदर बादूशा दरगाह में धार्मिक प्रथाओं और नेल्लीथोप्पु क्षेत्र में मुस्लिम समुदाय के नमाज के अधिकारों पर महत्वपूर्ण फैसला..

मद्रास हाईकोर्ट का बड़ा फैसला: थिरुपरनकुंद्रम पहाड़ी का नाम बरकरार, दरगाह में पशु बलि पर रोक
15-10-2025 - 09:25 AM
22-04-2026 - 05:53 PM

चेन्नई। मद्रास हाईकोर्ट की मदुरै पीठ ने मंगलवार को थिरुपरनकुंद्रम पहाड़ी से जुड़े लंबे समय से चल रहे विवाद को सुलझा लिया। अदालत ने पहाड़ी के नाम, सिकंदर बादूशा दरगाह में धार्मिक प्रथाओं और नेल्लीथोप्पु क्षेत्र में मुस्लिम समुदाय के नमाज के अधिकारों पर महत्वपूर्ण फैसला सुनाया।

न्यायमूर्ति विजयकुमार ने अपने निर्णय में कहा कि राजस्व और पुरातत्व अभिलेख, जिनमें 1908 और 1923 के राजपत्र अधिसूचनाएं (Ancient Monuments Preservation Act के तहत) शामिल हैं, इस स्थल को आधिकारिक रूप से थिरुपरनकुंद्रम रॉक’ के रूप में मान्यता देते हैं।
इन अभिलेखों के अनुसार, लगभग 172.2 एकड़ क्षेत्र को भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (ASI) के संरक्षण में रखा गया है।

अदालत ने यह भी कहा कि इस स्थल को सिकंदर मलाई’ कहना “भ्रामक” है और यह इसकी ऐतिहासिक पहचान को विकृत करने का प्रयास है।

 दरगाह में पशु बलि पर रोक

कोर्ट ने सिकंदर बादूशा दरगाह में पशु बलि (Animal Sacrifice) को प्रतिबंधित कर दिया।
न्यायालय ने कहा कि इसके धार्मिक परंपरा का हिस्सा होने का कोई दस्तावेजी प्रमाण नहीं है।
यदि दरगाह प्रशासन इसे अपनी धार्मिक परंपरा के रूप में मान्यता देना चाहता है, तो उसे सिविल कोर्ट में इसका प्रमाण प्रस्तुत करना होगा।

नेल्लीथोप्पु क्षेत्र में नमाज की अनुमति

न्यायमूर्ति विजयकुमार ने मुस्लिम समुदाय को रमज़ान और बकरीद के अवसर पर ही नेल्लीथोप्पु क्षेत्र में नमाज अदा करने की अनुमति दी है, वह भी कड़े नियमों के तहत।
कोर्ट ने स्पष्ट किया कि नेल्लीथोप्पु का 33 प्रतिशत क्षेत्र मुस्लिम समुदाय का है, लेकिन वहां तक जाने वाली सीढ़ियां और पहाड़ी के शीर्ष पर स्थित काशी विश्वनाथर मंदिर का मार्ग मंदिर क्षेत्र का हिस्सा है इसलिए उसमें कोई बाधा नहीं डाली जा सकती।

अदालत के इस फैसले से थिरुपरनकुंद्रम पहाड़ी की धार्मिक और ऐतिहासिक पहचान को लेकर दशकों से चल रहे विवाद पर अब कानूनी रूप से स्पष्टता आ गई है।

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THE NEWS THIKANA, संपादकीय डेस्क यह द न्यूजठिकाना डॉट कॉम की संपादकीय डेस्क है। डेस्क के संपादकीय सदस्यों का प्रयास रहता है कि अपने पाठकों को निष्पक्षता और निर्भीकता के साथ विभिन्न विषयों के सच्चे, सटीक, विश्वसनीय व सामयिक समाचारों के अलावाआवश्यक उल्लेखनीय विचारों को भी सही समय पर अवगत कराएं।