राजस्थान में कसेगा निजी फिटनेस सेंटर्स पर शिकंजा, परिवहन विभाग ने की तैयारी
<p><em><strong>राजस्थान के निजी वाहन फिटनेस सेंटर्स पर अब शिकंजा कसने की तैयारी हो चुकी है। बस संचालकों की ओर से मुख्यमंत्री अशोक गहलोत को लिखे पत्र और पिछले दिनों हुई सीआईडी सीबी की कार्रवाई के बाद परिवहन विभाग ने सख्ती दिखाना शुरू कर दिया है।</strong></em></p>
राजस्थान में निजी वाहन फिटनेस सेंटर्स पर अब शिकंजा कसने की तैयारी हो चुकी है। बस संचालकों की ओर से मुख्यमंत्री अशोक गहलोत को लिखे पत्र और पिछले दिनों हुई सीआईडी सीबी की कार्रवाई के बाद परिवहन विभाग ने सख्ती दिखाना शुरू कर दिया है। हालांकि इस सख्ती का असर तभी दिखेगा, जब परिवहन विभाग के आला अधिकारी फील्ड में पहुंचेंगे और इन फिटनेस सेंटर्स पर छापा मारेंगे। फिलहाल, अपर परिवहन आयुक्त ने एक आदेश जारी किया है, जिसमें यह कहा गया है कि प्रदेश के सभी आरटीओ एवं डीटीओ फिटनेस सेंटर्स की जांच करें और इसकी एक रिपोर्ट मुख्यालय को भेजें। रिपोर्ट में कोताही बरतने वाले अधिकारी के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
निजी वाहन फिटनेस सेंटर पर हो रहा ‘खेल’...!
राजस्थान बस ऑपरेटर सोसाइटी के उपाध्यक्ष कैलाश चंद्र शर्मा ने सीएम को लिखे पत्र में बताया कि देशभर में सबसे ज्यादा निजी फिटनेस सेंटर्स राजस्थान में हैं। यहां पर बस या अन्य कॉमर्शियल वाहन का फिटनेस कराने पर ज्यादा रुपए वसूले जाते हैं। बिना वाहन गए भी फिटनेस कर दी जाती है। ऐसे में अनफिट वाहन जब सड़कों पर दौड़ेंगे तो दुर्घटनाओं का अंदेशा भी बना रहता है। उन्होंने फिर से परिवहन विभाग के फिटनेस सेंटर्स खोलने की मांग उठाई है।
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