मीरवाइज बोले कि वक्फ एक्ट पर घर पर बैठक ‘नहीं होने दी गई, अब मस्जिदों में पढ़ा जाएगा प्रस्ताव..

मीरवाइज उमर फारूक ने बुधवार को कहा कि श्रीनगर स्थित उनके निवास पर वक्फ एक्ट को लेकर धार्मिक नेताओं की एक बैठक को जम्मू-कश्मीर पुलिस ने रोक दिया। यह बैठक मुत्ताहिदा मजलिसे उलेमा (MMU) द्वारा बुलाई गई थी..

मीरवाइज बोले कि वक्फ एक्ट पर घर पर बैठक ‘नहीं होने दी गई, अब मस्जिदों में पढ़ा जाएगा प्रस्ताव..
11-04-2025 - 08:41 AM
22-04-2026 - 05:53 PM

श्रीनगर। मीरवाइज उमर फारूक ने बुधवार को कहा कि श्रीनगर स्थित उनके निवास पर वक्फ एक्ट को लेकर धार्मिक नेताओं की एक बैठक को जम्मू-कश्मीर पुलिस ने रोक दिया। यह बैठक मुत्ताहिदा मजलिसे उलेमा (MMU) द्वारा बुलाई गई थी, जिसका उद्देश्य वक्फ एक्ट पर चर्चा करना था।

मीरवाइज ने इस कदम को धार्मिक प्रतिनिधियों को शांतिपूर्वक विचार-विमर्श करने के अधिकार से वंचित करना बताया और इसे अनुचित ठहराया। उन्होंने कहा कि वक्फ एक्ट पर एक संयुक्त प्रस्ताव तैयार किया जाएगा जिसे शुक्रवार को सभी मस्जिदों और धार्मिक सभाओं में पढ़ा जाएगा। इसके साथ ही MMU ने ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड द्वारा वक्फ एक्ट के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान को समर्थन देने की बात भी कही।

MMU, जो घाटी की विभिन्न धार्मिक संस्थाओं का एक मंच है और मीरवाइज इसके प्रमुख हैं, ने बुधवार को एक्ट के प्रभावों पर चर्चा करने के लिए बैठक बुलाई थी, लेकिन मीरवाइज के निवास स्थान पर पुलिस तैनात कर दी गई और बैठक को अनुमति नहीं दी गई।

मीरवाइज ने X (पूर्व में ट्विटर) पर लिखा, हाल ही में लागू वक्फ संशोधन अधिनियम को लेकर आज मेरे निवास पर होने वाली महत्वपूर्ण MMU बैठक को प्रशासन ने अनुमति नहीं दी। जम्मू, लद्दाख, कारगिल सहित जम्मू-कश्मीर के विभिन्न धार्मिक प्रतिनिधि आज इस बैठक में भाग लेने के लिए घाटी पहुंचे थे।”

उन्होंने आगे कहा, यह अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण है कि इस गंभीर मुद्दे पर मुस्लिम विद्वानों और धार्मिक संस्थाओं को शांतिपूर्वक विचार-विमर्श करने की अनुमति भी नहीं दी जा रही है, जबकि हर राजनीतिक दल को भारतीय संसद में इस मुद्दे पर खुलकर अपनी राय रखने का अवसर मिला। यह अधिकार जम्मू-कश्मीर के मुस्लिम राजनीतिक और धार्मिक प्रतिनिधियों को भी मिलना चाहिए।”

मीरवाइज ने बताया कि MMU ने निर्णय लिया है कि इस मुद्दे पर सभी सदस्यों के परामर्श से तैयार संयुक्त प्रस्ताव  को शुक्रवार को मस्जिदों और धार्मिक सभाओं में सार्वजनिक रूप से पढ़ा जाएगा।

गौरतलब है कि सोमवार को मीरवाइज ने जम्मू-कश्मीर विधानसभा अध्यक्ष अब्दुल रहीम राठेर द्वारा इस एक्ट पर चर्चा की मांग को लेकर लाए गए स्थगन प्रस्ताव (adjournment motion) को नामंज़ूर किए जाने की भी कड़ी आलोचना की थी।

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THE NEWS THIKANA, संपादकीय डेस्क यह द न्यूजठिकाना डॉट कॉम की संपादकीय डेस्क है। डेस्क के संपादकीय सदस्यों का प्रयास रहता है कि अपने पाठकों को निष्पक्षता और निर्भीकता के साथ विभिन्न विषयों के सच्चे, सटीक, विश्वसनीय व सामयिक समाचारों के अलावाआवश्यक उल्लेखनीय विचारों को भी सही समय पर अवगत कराएं।