मोदी 3.0 सरकार में जल्द हो सकता है पहला बड़ा मंत्रिमंडल विस्तार, कई मंत्रालयों में फेरबदल की अटकलें; नये चेहरों को मिल सकती है जगह
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के तीसरे कार्यकाल (मोदी 3.0) में जल्द ही पहला बड़ा मंत्रिमंडल विस्तार और फेरबदल होने की संभावना जताई जा रही है। भाजपा सूत्रों के मुताबिक, प्रस्तावित बदलाव केवल मंत्रियों की अदला-बदली तक सीमित नहीं होंगे बल्कि आने वाले वर्षों के लिए केंद्र सरकार की राजनीतिक दिशा और शासन..
नयी दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के तीसरे कार्यकाल (मोदी 3.0) में जल्द ही पहला बड़ा मंत्रिमंडल विस्तार और फेरबदल होने की संभावना जताई जा रही है। भाजपा सूत्रों के मुताबिक, प्रस्तावित बदलाव केवल मंत्रियों की अदला-बदली तक सीमित नहीं होंगे बल्कि आने वाले वर्षों के लिए केंद्र सरकार की राजनीतिक दिशा और शासन की प्राथमिकताओं को भी तय करेंगे।
सूत्रों का कहना है कि इस फेरबदल में प्रधानमंत्री मोदी के लोकप्रिय नारे "सबका साथ, सबका विकास, सबका प्रयास" की झलक देखने को मिल सकती है। बताया जा रहा है कि मंत्रिमंडल का पुनर्गठन इसी सोच को ध्यान में रखकर तैयार किया जा रहा है।
यूपी संगठन में बदलाव को माना जा रहा संकेत
भाजपा के हालिया उत्तर प्रदेश संगठनात्मक फेरबदल को भी इसी रणनीति का हिस्सा माना जा रहा है। पार्टी नेताओं के अनुसार, नई प्रदेश टीम में विभिन्न सामाजिक वर्गों को प्रतिनिधित्व देने की कोशिश की गई है, ताकि 2027 के उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव से पहले अलग-अलग समुदायों में पार्टी की पकड़ और मजबूत हो सके।
रविवार या सोमवार को हो सकता है ऐलान?
राजनीतिक गलियारों में चर्चा है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी रविवार या सोमवार को मंत्रिपरिषद में बदलाव कर सकते हैं। हालांकि, इस संबंध में अभी तक सरकार या भाजपा की ओर से कोई आधिकारिक घोषणा नहीं की गई है।
किन मंत्रियों को लेकर चल रही हैं चर्चाएं?
सूत्रों के अनुसार, कई वरिष्ठ मंत्रियों के विभागों में बदलाव की संभावना जताई जा रही है।
- शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का नाम NEET प्रश्नपत्र लीक विवाद के बाद चर्चाओं में है और उनके विभाग में बदलाव की अटकलें लगाई जा रही हैं।
- निर्मला सीतारमण, नितिन गडकरी और मनोहर लाल खट्टर के मंत्रालयों में भी फेरबदल होने की संभावना जताई जा रही है।
- जदयू प्रमुख और बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को भी केंद्रीय मंत्रिमंडल में शामिल किए जाने की अटकलें हैं।
हालांकि, इन सभी नामों को लेकर अब तक कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।
पंजाब को मिल सकता है अधिक प्रतिनिधित्व
सूत्रों का कहना है कि पेट्रोलियम मंत्री हरदीप सिंह पुरी की जगह किसी अन्य सिख नेता या पंजाब से आने वाले नेता को जिम्मेदारी दी जा सकती है।
इसी बीच राघव चड्ढा का नाम भी राजनीतिक चर्चाओं में सामने आया है। माना जा रहा है कि आगामी पंजाब विधानसभा चुनावों को देखते हुए राज्य को केंद्र सरकार में अधिक प्रतिनिधित्व दिया जा सकता है।
गौरतलब है कि नरेंद्र मोदी के प्रधानमंत्री बनने के बाद से पंजाब का प्रतिनिधित्व केंद्रीय मंत्रिमंडल में अपेक्षाकृत सीमित रहा है।
शक्तिकांत दास का नाम भी चर्चा में
सूत्रों के अनुसार, पूर्व आरबीआई गवर्नर और प्रधानमंत्री के पूर्व प्रधान सचिव शक्तिकांत दास का नाम भी पूर्ण कैबिनेट मंत्री के रूप में संभावित उम्मीदवारों की सूची में चर्चा का विषय बना हुआ है।
नए चेहरों को मिल सकती है जगह
मंत्रिमंडल विस्तार में कुछ नए नेताओं को भी शामिल किए जाने की संभावना जताई जा रही है।
- लोकसभा सांसद श्रीकांत शिंदे, जो महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के पुत्र हैं, को मंत्रिमंडल में जगह मिलने की चर्चा है। बताया जाता है कि शिवसेना (यूबीटी) के छह सांसदों को एनडीए में लाने में उनकी महत्वपूर्ण भूमिका रही थी।
- इसके अलावा नीतीश कुमार तथा तृणमूल कांग्रेस छोड़ने वाले सुखेंदु शेखर रॉय के नाम भी संभावित नए चेहरों में शामिल बताए जा रहे हैं।
आधिकारिक पुष्टि का इंतजार
फिलहाल यह पूरा घटनाक्रम राजनीतिक सूत्रों और मीडिया रिपोर्टों पर आधारित है। केंद्र सरकार या भारतीय जनता पार्टी की ओर से मंत्रिमंडल विस्तार, किसी मंत्री के विभाग में बदलाव या नए चेहरों को शामिल किए जाने संबंधी किसी भी नाम की आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है। इसलिए इन अटकलों को अंतिम निर्णय नहीं माना जाना चाहिए।
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