बजट 2025 के बाद पूंजीगत लाभ कर (LTCG, STCG) पर नया नियम

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने बजट 2025 में पूंजीगत लाभ कर (Capital Gains Tax) ढांचे में कुछ बदलाव किए, हालांकि कर दरें और होल्डिंग पीरियड पूर्ववत् रखे गए हैं। इसका असर वित्तीय वर्ष 2025-26 (असेसमेंट ईयर 2026-27) से लागू होगा।

बजट 2025 के बाद पूंजीगत लाभ कर (LTCG, STCG) पर नया नियम
04-02-2025 - 04:25 PM
04-02-2025 - 04:51 PM

नयी दिल्ली। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने बजट 2025 में पूंजीगत लाभ कर (Capital Gains Tax) ढांचे में कुछ बदलाव किए, हालांकि कर दरें और होल्डिंग पीरियड पूर्ववत् रखे गए हैं। इसका असर वित्तीय वर्ष 2025-26 (असेसमेंट ईयर 2026-27) से लागू होगा।

नए संशोधनों में यूनिट लिंक्ड इंश्योरेंस प्लान (ULIPs), विदेशी संस्थागत निवेशकों (FIIs) और वैकल्पिक निवेश कोष (AIFs) पर कर नीति को स्पष्ट किया गया है।

ULIPs पर नया कर नियम

प्रभावी तिथि: 1 अप्रैल 2026
नया LTCG कर: 12.5% (यदि वार्षिक प्रीमियम ₹2.5 लाख से अधिक है)
पहले ULIPs को बीमा उत्पाद मानकर कर-मुक्त रखा जाता था, लेकिन इनकी इक्विटी निवेश प्रकृति को देखते हुए इन्हें कैपिटल गेन टैक्स के तहत लाया गया है।
यह इक्विटी म्यूचुअल फंड के समान कर योग्य होंगे।
पहले इस कर को आय के अन्य स्रोत (Income from Other Sources) में वर्गीकृत करने को लेकर असमंजस था, जिसे अब पूंजीगत लाभ (Capital Gains) माना जाएगा।
विदेशी संस्थागत निवेशकों (FIIs) के लिए LTCG दर में वृद्धि
प्रभावी तिथि: 1 अप्रैल 2026
नया LTCG कर: 12.5% (पहले 10% था)
FIIs द्वारा सूचीबद्ध शेयरों, इक्विटी म्यूचुअल फंड्स और बिजनेस ट्रस्ट्स की बिक्री पर कर बढ़ाकर 12.5% कर दिया गया है।
अन्य प्रतिभूतियों (जैसे G-secs, बॉन्ड, NCDs) पर LTCG अब भी 10% रहेगा।
FII गतिविधियों में भारी गिरावट:
•    2024 में मात्र ₹1,600 करोड़ का निवेश हुआ, जो 2023 में ₹1.71 लाख करोड़ था।
•    अक्टूबर 2024 के बाद ₹2.63 लाख करोड़ के शेयर बेचे गए (आर्थिक मंदी और कम कॉर्पोरेट लाभ के कारण)।
वैकल्पिक निवेश कोष (AIFs) पर नया कर नियम
प्रभावी तिथि: 1 अप्रैल 2026
नया LTCG कर: 12.5%
कैटेगरी I और II AIFs की आय अब पूंजीगत लाभ कर के तहत आएगी।
पहले इनकी कर स्थिति स्पष्ट नहीं थी, अब इन्हें कैपिटल एसेट की परिभाषा में शामिल किया गया है।
यदि इसे व्यवसाय आय माना जाता, तो कर दर 30% (रहवासियों के लिए) और 39% (गैर-रहवासियों के लिए) हो सकती थी।
कैटेगरी I और II AIFs: अनलिस्टेड कंपनियों, डेट इंस्ट्रूमेंट्स और इंफ्रास्ट्रक्चर में निवेश करते हैं।
कैटेगरी III AIFs: लिस्टेड कंपनियों में निवेश करते हैं और उन्हें पास-थ्रू टैक्स बेनिफिट नहीं मिलता।
निष्कर्ष
ULIPs, FIIs, और AIFs पर कर नियमों में बदलाव हुए हैं, लेकिन कैपिटल गेन टैक्स की मौजूदा दरें और होल्डिंग अवधि अपरिवर्तित है।
ये बदलाव 2026-27 के असेसमेंट ईयर से लागू होंगे।
ULIPs पर LTCG कर लागू कर इन्हें इक्विटी निवेश के समान कर-योग्य बनाया गया।
FIIs पर कर दर बढ़ाकर 12.5% कर दिया गया, जिससे विदेशी निवेश पर असर पड़ सकता है।
AIFs को कैपिटल गेन टैक्स के दायरे में लाकर कर अनुपालन में स्पष्टता लाई गई है।

What's Your Reaction?

like

dislike

love

funny

angry

sad

wow

THE NEWS THIKANA, संपादकीय डेस्क यह द न्यूजठिकाना डॉट कॉम की संपादकीय डेस्क है। डेस्क के संपादकीय सदस्यों का प्रयास रहता है कि अपने पाठकों को निष्पक्षता और निर्भीकता के साथ विभिन्न विषयों के सच्चे, सटीक, विश्वसनीय व सामयिक समाचारों के अलावाआवश्यक उल्लेखनीय विचारों को भी सही समय पर अवगत कराएं।