अमेरिका ने भारत के लिए भेजी पहली सैन्य विमान से अवैध प्रवासियों की उड़ान

अमेरिका ने पहली बार एक सैन्य परिवहन विमान के जरिए अवैध भारतीय प्रवासियों को भारत वापस भेजा है।

अमेरिका ने भारत के लिए भेजी पहली सैन्य विमान से अवैध प्रवासियों की उड़ान
04-02-2025 - 02:18 PM
04-02-2025 - 04:21 PM

वाशिंगटन। अमेरिका ने पहली बार एक सैन्य परिवहन विमान के जरिए अवैध भारतीय प्रवासियों को भारत वापस भेजा है। यह कदम राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की अवैध आव्रजन पर सख्त कार्रवाई की नीति के तहत उठाया गया है।

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, एक अमेरिकी अधिकारी ने सोमवार देर रात बताया कि एक C-17 सैन्य परिवहन विमान भारत के लिए रवाना हो चुका है, लेकिन इसके पहुंचने में कम से कम 24 घंटे लगेंगे। अधिकारी ने प्रवासियों की संख्या या अन्य विवरण साझा नहीं किए।

भारत-अमेरिका की प्रतिक्रिया

इस मामले पर नई दिल्ली में अमेरिकी दूतावास या भारतीय अधिकारियों की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है। C-17 भारी-भरकम परिवहन विमान एक बार में 130 यात्रियों तक को ले जाने में सक्षम है  लेकिन इस उड़ान में कितने लोग हैं, इसकी पुष्टि नहीं हो पाई है।

ट्रंप प्रशासन की आव्रजन नीति

ट्रंप प्रशासन ने अवैध प्रवासियों पर कार्रवाई तेज कर दी है। इसके तहत—
अमेरिकी सेना की भूमिका बढ़ाई गई है,
दक्षिणी मैक्सिको सीमा पर सैनिकों की संख्या बढ़ाई गई है,
सैन्य विमानों का उपयोग कर प्रवासियों को निर्वासित किया जा रहा है,
अमेरिकी सैन्य ठिकानों को प्रवासियों के अस्थायी निवास के रूप में इस्तेमाल किया जा रहा है।

अमेरिकी रक्षा विभाग (पेंटागन) अब तक 5,000 से अधिक प्रवासियों को टेक्सास के एल पासो और कैलिफोर्निया के सैन डिएगो से बाहर भेज चुका है। ग्वाटेमाला, पेरू और होंडुरास तक सैन्य उड़ानों से प्रवासियों को भेजा जा चुका है।

भारत से जुड़े आंकड़े

अक्टूबर 2023 से सितंबर 2024 के बीच अमेरिका ने 1,100 से अधिक भारतीय प्रवासियों को निर्वासित किया।
पिछली बार सार्वजनिक रूप से 22 अक्टूबर को एक चार्टर फ्लाइट से 100 भारतीय प्रवासियों को वापस भेजा गया था।
अमेरिकी गृह सुरक्षा विभाग (DHS) के अनुसार, अमेरिका में 18,000 अवैध भारतीय प्रवासी हो सकते हैं।

भारत का रुख

भारत ने ट्रंप प्रशासन के साथ अवैध प्रवास के मुद्दे पर सहयोग करने की प्रतिबद्धता जताई है
भारतीय विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जैसवाल ने पिछले महीने कहा था कि..
भारत अवैध प्रवासियों का समर्थन नहीं करता, क्योंकि यह संगठित अपराध से जुड़ा होता है।
भारत केवल राष्ट्रता की पुष्टि के बाद ऐसे प्रवासियों को वापस लेगा।
इस पर अभी कोई आधिकारिक आंकड़ा जारी करना जल्दबाजी होगी, लेकिन सरकार इस दिशा में आगे बढ़ने के लिए तैयार है।

वैश्विक स्तर पर प्रतिक्रियाएं

कोलंबिया के राष्ट्रपति गुस्तावो पेट्रो ने शुरू में अमेरिकी सैन्य विमानों को कोलंबिया में उतरने से रोक दिया था, लेकिन ट्रंप द्वारा आर्थिक प्रतिबंधों की धमकी देने के बाद यह प्रतिबंध हटा लिया गया।

अमेरिका द्वारा भारत के लिए सैन्य उड़ान के जरिए पहली बार अवैध प्रवासियों को भेजना दोनों देशों के संबंधों के लिए एक महत्वपूर्ण घटनाक्रम है। भारत ने संकेत दिया है कि वह ऐसे प्रवासियों को वापस लेने के लिए तैयार है, लेकिन यह प्रक्रिया राष्ट्रीयता की पुष्टि के बाद ही पूरी होगी।

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