बांग्लादेश चुनाव परिणाम 2026: तारिक रहमान के नेतृत्व वाला बीएनपी शुरुआती रुझानों में आगे
बांग्लादेश के राष्ट्रीय चुनावों के शुरुआती रुझानों से संकेत मिल रहे हैं कि तारिक रहमान के नेतृत्व वाला बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी (बीएनपी) गठबंधन बढ़त बनाए हुए है। मतगणना जारी रहने के बीच यह देखना अहम होगा कि क्या ये शुरुआती बढ़त आगे चलकर स्पष्ट जनादेश में बदलती है। कड़े सुरक्षा इंतज़ामों के बीच मतदान संपन्न हुआ था और अब अधिकारी धीरे-धीरे प्रारंभिक आंकड़े जारी..
बांग्लादेश के राष्ट्रीय चुनावों के शुरुआती रुझानों से संकेत मिल रहे हैं कि तारिक रहमान के नेतृत्व वाला बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी (बीएनपी) गठबंधन बढ़त बनाए हुए है। मतगणना जारी रहने के बीच यह देखना अहम होगा कि क्या ये शुरुआती बढ़त आगे चलकर स्पष्ट जनादेश में बदलती है। कड़े सुरक्षा इंतज़ामों के बीच मतदान संपन्न हुआ था और अब अधिकारी धीरे-धीरे प्रारंभिक आंकड़े जारी कर रहे हैं। हालांकि अंतिम नतीजे अभी स्पष्ट नहीं हैं, लेकिन शुरुआती रुझानों ने देश का राजनीतिक माहौल पहले ही गर्मा दिया है।
अंतरिम प्रशासन की जगह लेने के लिए हुए इन अहम आम चुनावों की मतगणना में बीएनपी अपने कभी के सहयोगी जमात-ए-इस्लामी से आगे निकलती दिखाई दे रही है। यह अंतरिम सरकार अगस्त 2024 में आवामी लीग शासन के पतन के बाद सत्ता में आई थी। शुक्रवार सुबह सामने आए अनौपचारिक नतीजों के अनुसार, बीएनपी लगभग 155 निर्वाचन क्षेत्रों में बढ़त बनाए हुए है और एक बड़ी जीत की ओर बढ़ती दिख रही है।
बीएनपी पहले ही घोषणा कर चुकी है कि सत्ता में आने पर तारिक रहमान बांग्लादेश के अगले प्रधानमंत्री होंगे, जिससे मोहम्मद यूनुस के नेतृत्व वाली अंतरिम सरकार का लगभग 18 महीनों का कार्यकाल समाप्त हो जाएगा।
स्थानीय मीडिया द्वारा अब तक संकलित अनौपचारिक परिणामों के अनुसार, बीएनपी ने 158 सीटें जीत ली हैं, जमात-ए-इस्लामी को 41 सीटें मिली हैं, जबकि अन्य दलों को 5 सीटें हासिल हुई हैं। जिन 299 निर्वाचन क्षेत्रों में मतदान हुआ था, उनमें से 204 सीटों की मतगणना पूरी हो चुकी है।
बीएनपी अध्यक्ष तारिक रहमान ने दो सीटों—ढाका और अपने गृह जिले बोगुरा—से चुनाव लड़ा था और दोनों पर जीत दर्ज की है। हालांकि निर्वाचन आयोग (ईसी) की ओर से अब तक औपचारिक घोषणा नहीं की गई है। ईसी के एक प्रवक्ता ने कहा कि कई सीटों के नतीजों की प्रक्रिया अभी जारी है और अगले कुछ घंटों में उन्हें घोषित किया जा सकता है।
तारिक रहमान दिसंबर में 17 वर्षों के निर्वासन के बाद बांग्लादेश लौटे थे। वह बांग्लादेश के पूर्व राष्ट्रपति दिवंगत जियाउर रहमान के सबसे बड़े बेटे और तीन बार प्रधानमंत्री रह चुकीं खालिदा जिया के पुत्र हैं। अपनी मां के शासनकाल के दौरान तारिक रहमान को अक्सर ‘डार्क प्रिंस’ कहा जाता था और उन्हें वास्तविक सत्ता केंद्र माना जाता था। कई आरोपों में यह भी कहा गया कि वह ‘हावा भवन’ से एक तरह का “शैडो पीएमओ” चलाते थे।
इस बीच बीएनपी ने एक ‘प्लान-बी’ भी तैयार रखा है। पार्टी के वरिष्ठ महासचिव मिर्ज़ा फखरुल इस्लाम आलमगीर को तारिक रहमान के विकल्प के तौर पर देखा जा रहा है। यदि कानूनी अड़चनें या प्रस्तावित ‘जुलाई चार्टर’ सुधार तारिक रहमान के लिए बाधा बनते हैं, तो फखरुल के शपथ लेने की संभावना सबसे अधिक मानी जा रही है।
13वें संसदीय चुनावों के साथ-साथ एक जनमत संग्रह भी कराया गया, जिसमें 84 बिंदुओं वाले जटिल सुधार पैकेज—जिसे ‘जुलाई नेशनल चार्टर’ कहा जा रहा है—को लागू करने पर मतदान हुआ। अपदस्थ प्रधानमंत्री शेख हसीना की अब भंग हो चुकी आवामी लीग के चुनावी मैदान से बाहर रहने के कारण मुख्य मुकाबला बीएनपी और जमात-ए-इस्लामी के बीच रहा।
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