ईरानी हमलों के बीच अमेरिका ने होरमुज़ जलडमरूमध्य में नौवहन मार्ग खोला, तनाव बढ़ा
मध्य पूर्व में बढ़ते तनाव के बीच अमेरिकी सेना ने रणनीतिक रूप से बेहद महत्वपूर्ण होरमुज़ जलडमरूमध्य में जहाजों के लिए सुरक्षित मार्ग (नेविगेशन लेन) खोलने की घोषणा की है। यह कदम ऐसे समय उठाया गया है जब ईरान पर नागरिक जहाजों पर हमले करने के आरोप लग..
मध्य पूर्व में बढ़ते तनाव के बीच अमेरिकी सेना ने रणनीतिक रूप से बेहद महत्वपूर्ण होरमुज़ जलडमरूमध्य में जहाजों के लिए सुरक्षित मार्ग (नेविगेशन लेन) खोलने की घोषणा की है। यह कदम ऐसे समय उठाया गया है जब ईरान पर नागरिक जहाजों पर हमले करने के आरोप लग रहे हैं।
अमेरिकी कार्रवाई: ईरानी नौकाएं डुबोईं
एडमिरल ब्रैड कूपर, जो यूएस सेंट्रल कमांड के कमांडर हैं, ने बताया कि अमेरिकी हेलीकॉप्टरों ने छह ईरानी छोटी नौकाओं को नष्ट कर दिया, जो कथित तौर पर व्यापारिक जहाजों के लिए खतरा बन रही थीं।
यह घटना अमेरिका और ईरान के बीच जारी संघर्षविराम (सीज़फायर) की बड़ी परीक्षा मानी जा रही है।
यूएई पर ईरानी हमला
सोमवार को संयुक्त अरब अमीरात ने ईरान की ओर से हमले की पुष्टि की, जो अप्रैल की शुरुआत में हुए संघर्षविराम के बाद पहली बड़ी घटना है।
- ईरान ने 4 क्रूज मिसाइल दागीं
- 3 को इंटरसेप्ट कर लिया गया
- 1 समुद्र में गिर गई
इसके अलावा, एक ईरानी ड्रोन ने फुजैरा के एक तेल संयंत्र में आग लगा दी, जिसमें तीन भारतीय नागरिक घायल हुए। ब्रिटिश सेना के अनुसार, यूएई तट के पास दो कार्गो जहाजों में भी आग लग गई।
समुद्री मार्ग बहाल करने की कोशिश
अमेरिका ने बताया कि दो अमेरिकी झंडे वाले व्यापारी जहाज सुरक्षित रूप से इस जलडमरूमध्य से गुजर चुके हैं। इसके लिए मिसाइल-गाइडेड डेस्ट्रॉयर जहाजों को तैनात किया गया है।
डोनाल्ड ट्रंप ने चेतावनी दी कि यदि ईरान ने जहाजों को रोकने की कोशिश की तो कड़ा जवाब दिया जाएगा। उन्होंने इस मिशन को “प्रोजेक्ट फ्रीडम” बताया, जिसका उद्देश्य फंसे जहाजों को सुरक्षित निकालना है।
ईरान की प्रतिक्रिया
ईरान ने स्पष्ट किया कि जलडमरूमध्य से गुजरने वाले सभी जहाजों को उसके अधिकारियों से समन्वय करना होगा।
अली अब्दोल्लाही (मेजर जनरल) ने चेतावनी दी कि यदि विदेशी, विशेषकर अमेरिकी सेना, जलडमरूमध्य के पास आई तो उन्हें निशाना बनाया जाएगा।
रणनीतिक महत्व और नुकसान
फुजैरा पर हमला खासा अहम माना जा रहा है क्योंकि यह यूएई के तेल निर्यात का प्रमुख केंद्र है, जो होरमुज़ जलडमरूमध्य को बायपास करने में मदद करता है।
साथ ही, एक दक्षिण कोरियाई जहाज में विस्फोट की भी खबर है, हालांकि उसमें कोई घायल नहीं हुआ।
वैश्विक असर: ईंधन कीमतों में उछाल
इस संघर्ष के कारण वैश्विक स्तर पर तेल और गैस की कीमतों में बढ़ोतरी देखी जा रही है। जॉइंट मैरीटाइम इंफॉर्मेशन सेंटर ने जहाजों को ओमान के समुद्री क्षेत्र से गुजरने की सलाह दी है, क्योंकि पारंपरिक मार्गों पर बारूदी सुरंगों का खतरा बना हुआ है।
अमेरिका ने शिपिंग कंपनियों को चेतावनी दी है कि ईरान को भुगतान करने पर प्रतिबंध (सैंक्शन) लगाया जा सकता है।
कूटनीतिक प्रयास जारी
तनाव के बीच ईरान ने संघर्ष समाप्त करने के लिए कुछ शर्तें रखी हैं, जिनमें अमेरिकी प्रतिबंध हटाना और सैन्य कार्रवाई रोकना शामिल है।
हालांकि, अमेरिका इन प्रस्तावों को लेकर सशंकित है, खासकर ईरान के परमाणु कार्यक्रम को लेकर।
ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने कहा कि अमेरिका की प्रतिक्रिया आगे की बातचीत तय करेगी, लेकिन बदलती मांगों के कारण समाधान मुश्किल होता जा रहा है।
निष्कर्ष
होरमुज़ जलडमरूमध्य, जो वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति की जीवनरेखा माना जाता है, एक बार फिर भू-राजनीतिक तनाव का केंद्र बन गया है।
अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ती तनातनी न केवल क्षेत्रीय सुरक्षा बल्कि वैश्विक अर्थव्यवस्था पर भी गहरा असर डाल सकती है।
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