"अगर आप विपक्ष को छोटा समझेंगे तो जनता सहन नहीं करेगी": पीएम मोदी को मल्लिकार्जुन खड़गे की चेतावनी
कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने सोमवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर विपक्ष को "तुच्छ" समझने का आरोप लगाते हुए निशाना साधा और पहलगाम आतंकी हमले के बाद बुलाई गई सर्वदलीय बैठकों से प्रधानमंत्री की गैर-मौजूदगी की कड़ी आलोचना ..
नयी दिल्ली। कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने सोमवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर विपक्ष को "तुच्छ" समझने का आरोप लगाते हुए निशाना साधा और पहलगाम आतंकी हमले के बाद बुलाई गई सर्वदलीय बैठकों से प्रधानमंत्री की गैर-मौजूदगी की कड़ी आलोचना की।
खड़गे ने कहा कि प्रधानमंत्री की अनुपस्थिति यह दर्शाती है कि उन्हें विपक्ष के प्रति कोई सम्मान नहीं है। यहां एक जनसभा को संबोधित करते हुए खड़गे ने कहा कि देश एक कठिन दौर से गुजर रहा है। उन्होंने कहा, “हाल ही में पाकिस्तानी आतंकवादियों ने पहलगाम में 26 लोगों की हत्या कर दी। इसके जवाब में भारतीय सशस्त्र बलों ने पाकिस्तान के अंदर आतंकियों के ठिकानों पर हमले किए और उन्हें समाप्त किया।”
उन्होंने आरोप लगाया कि जब पूरा देश और सेना एकजुट होकर देश की रक्षा में लगे थे, तब कुछ लोग इसका व्यक्तिगत श्रेय लेने की कोशिश कर रहे थे। खड़गे ने कहा, “अगर वे सेना में कैप्टन, कर्नल या लेफ्टिनेंट कर्नल के तौर पर सेवा कर चुके होते और देश के लिए लड़े होते, तो हम उनकी सराहना करते। लेकिन ऐसा नहीं है।” हालांकि खड़गे ने किसी का नाम नहीं लिया।
खड़गे कर्नाटक के रायचूर में मुख्यमंत्री सिद्धारमैया, कांग्रेस मंत्रियों और विधायकों के साथ मौजूद थे। उन्होंने वहां कई परियोजनाओं का शिलान्यास किया और रायचूर विश्वविद्यालय के नामकरण समारोह की अध्यक्षता की। राज्यसभा में नेता प्रतिपक्ष खड़गे ने कहा कि कांग्रेस ने सबसे पहले पहलगाम आतंकी हमले पर सर्वदलीय बैठक की मांग की थी। “जब दो बार बैठकें बुलाई गईं, तब प्रधानमंत्री दोनों अवसरों पर उपस्थित नहीं हुए। मैं उनसे पूछना चाहता हूं कि वे क्यों नहीं आए?”
उन्होंने बताया कि कन्याकुमारी से कश्मीर तक के नेता अपने महत्वपूर्ण कार्यक्रम छोड़कर बैठक में शामिल हुए, लेकिन प्रधानमंत्री, जो देश में ही मौजूद थे, फिर भी नहीं आए। खड़गे ने कहा, “इसके बजाय वे बिहार चुनाव प्रचार में व्यस्त थे। इसका क्या अर्थ है? जब देश और सेना एक ओर संघर्ष कर रही थी, तब प्रधानमंत्री ने दूसरी ओर चुनाव प्रचार को प्राथमिकता दी, जबकि उन्हीं के निमंत्रण पर सर्वदलीय बैठक बुलाई गई थी। यह पूरी तरह से अनुचित है।”
उन्होंने चेताया कि यह रवैया भविष्य के लिए ठीक नहीं है, “अगर आप विपक्ष को नीचा दिखाने की कोशिश करेंगे तो देश के नेता, जनता और विशेषकर युवा इसे सहन नहीं करेंगे।”
उन्होंने यह भी कहा कि कांग्रेस की गारंटी योजनाएं देशभर में प्रभावी ढंग से लागू हो रही हैं। लेकिन, “कुछ ईर्ष्यालु नेता और राजनीतिक दल हमारी गारंटी योजनाओं को कमजोर करने की कोशिश कर रहे हैं, लेकिन वे सफल नहीं होंगे।”
खड़गे ने कहा कि जो कल्याणकारी योजनाएं सीधे तौर पर महिलाओं और अन्य नागरिकों को लाभ पहुंचा रही हैं, उनकी आलोचना और बदनाम करने से जनता प्रभावित नहीं होगी।
What's Your Reaction?