सुवेंदु अधिकारी ने चुनाव आयोग को लिखा पत्र, मतदाता सूची पुनरीक्षण में कड़ी निगरानी की मांग
पश्चिम बंगाल के नेता प्रतिपक्ष और भाजपा विधायक सुवेंदु अधिकारी ने राज्य में चल रहे विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) के दूसरे चरण को लेकर चुनाव आयोग (ECI) को एक महत्वपूर्ण पत्र लिखा है। उन्होंने मतदाता सूची के पुनरीक्षण को “पूरी तरह निष्पक्ष” बनाए रखने के लिए और अधिक सख्त निगरानी व्यवस्था लागू करने की मांग की..
कोलकाता। पश्चिम बंगाल के नेता प्रतिपक्ष और भाजपा विधायक सुवेंदु अधिकारी ने राज्य में चल रहे विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) के दूसरे चरण को लेकर चुनाव आयोग (ECI) को एक महत्वपूर्ण पत्र लिखा है। उन्होंने मतदाता सूची के पुनरीक्षण को “पूरी तरह निष्पक्ष” बनाए रखने के लिए और अधिक सख्त निगरानी व्यवस्था लागू करने की मांग की है।
कड़ी निगरानी की मांग
सुवेंदु अधिकारी ने अपने पत्र में आयोग से आग्रह किया कि SIR के दूसरे चरण जिसमें दावे, आपत्तियां व दस्तावेज़ जमा करना शामिल है, को..
1. माइक्रो ऑब्ज़र्वर्स के सख्त पर्यवेक्षण में रखा जाए
- उन्होंने मांग की कि ये माइक्रो ऑब्ज़र्वर केंद्र सरकार के कर्मचारी हों, ताकि पूरी प्रक्रिया की निष्पक्षता सुनिश्चित की जा सके।
2. जांच और सुनवाई पर 100% सीसीटीवी निगरानी
- अधिकारी ने कहा कि SIR के इस चरण में हर प्रक्रिया की CCTV रिकॉर्डिंग अनिवार्य होनी चाहिए और
- पूरी फुटेज SIR के अंत तक सुरक्षित रखी जाए।
- उनका कहना है कि इससे किसी भी तरह की हेरफेर की कोशिश रोकी जा सकेगी।
उन्होंने लिखा, “हमें लगातार गंभीर रिपोर्ट मिल रही हैं कि इस चरण में अनावश्यक प्रभाव डालकर हस्तक्षेप किया जा रहा है। यह SIR की निष्पक्षता और विश्वसनीयता के लिए खतरा है।”
अधिकारी ने चुनाव आयोग से “तत्काल हस्तक्षेप” की मांग करते हुए कहा कि इससे पारदर्शिता और निष्पक्षता सुनिश्चित हो सकेगी।
ब्रहद संदर्भ: पहले भी लगाए आरोप
सुवेंदु अधिकारी SIR की प्रक्रिया को लेकर पहले भी कई बार अनियमितताओं के आरोप लगा चुके हैं।
- पश्चिम बंगाल के साथ 11 अन्य राज्यों एवं केंद्रशासित प्रदेशों में यह SIR प्रक्रिया चल रही है।
- राज्य में विधानसभा चुनाव 2026 में होने हैं और इस कारण मतदाता सूची को लेकर निगरानी बढ़ गई है।
हाल ही में अधिकारी ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को पत्र लिखकर..
- तटस्थता के उल्लंघन,
- राज्य पुलिस के दुरुपयोग,
- और TMC के “राजनीतिक प्रभाव”
के आरोप लगाए थे।
महिला पुलिस सम्मेलन विवाद
उन्होंने शनिवार को हुए महिला पुलिस कर्मियों के दूसरे राज्य सम्मेलन को “शासन समर्थित राजनीतिक रैली” बताते हुए कहा कि:
- इसमें तृणमूल नेताओं व सेवा में लगे पुलिस अधिकारियों की भागीदारी SIR प्रक्रिया को प्रभावित कर सकती है।
- उन्होंने आरोप लगाया कि यह “चुनावी हेराफेरी” की तैयारी जैसा है।
अधिकारी ने चुनाव आयोग से 2026 विधानसभा चुनावों में राज्य पुलिस को प्राथमिक चुनावी ड्यूटी से हटाने और उसकी जगह केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल (CAPF) की तैनाती की मांग भी की।
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