बिहार में सियासी घमासान, पूर्व RJD विधायक का तेजस्वी यादव की पत्नी पर ‘जर्सी गाय’ वाला बयान विवादों में
चुनावी बिहार में रविवार को राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के पूर्व विधायक राज बल्लभ यादव ने पार्टी के डी-फैक्टो नेता तेजस्वी यादव की पत्नी को लेकर आपत्तिजनक टिप्पणी कर बड़ा विवाद खड़ा कर दिया। पूर्व राजद विधायक ने तेजस्वी यादव की जाति से बाहर हुई शादी पर सवाल उठाते हुए उनकी पत्नी को “जर्सी मवेशी (जर्सी गाय)”...
पटना। चुनावी बिहार में रविवार को राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के पूर्व विधायक राज बल्लभ यादव ने पार्टी के डी-फैक्टो नेता तेजस्वी यादव की पत्नी को लेकर आपत्तिजनक टिप्पणी कर बड़ा विवाद खड़ा कर दिया।
पूर्व राजद विधायक ने तेजस्वी यादव की जाति से बाहर हुई शादी पर सवाल उठाते हुए उनकी पत्नी को “जर्सी मवेशी (जर्सी गाय)” कहा।
राज बल्लभ यादव ने मीडिया से कहा, “जाति का इस्तेमाल केवल वोट के लिए होता है। जब शादी की बारी आई तो शादी कहाँ हुई? हरियाणा और पंजाब में शादी कराने की क्या ज़रूरत थी? तेजस्वी यादव बिहार के यादवों से वोट माँगते हैं, लेकिन अपनी पत्नी बनाने के लिए उन्होंने समुदाय की लड़की को योग्य नहीं समझा। शायद वे जर्सी मवेशी की तलाश में थे।”
यह वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है, हालांकि इसकी प्रामाणिकता स्वतंत्र रूप से सत्यापित नहीं की जा सकी है।
तेजस्वी यादव की शादी और परिवार
तेजस्वी यादव ने 2021 में रैचेल गोडिन्हो से शादी की थी, जो उनके डीपीएस आरके पुरम (दिल्ली) की सहपाठी थीं। रेवाड़ी (हरियाणा) की रहने वाली रैचेल ने बाद में अपना नाम बदलकर राजश्री यादव रख लिया।
मार्च 2023 में इस दंपति की पहली संतान कात्यायनी (पुत्री) का जन्म हुआ। इस साल मई में उन्होंने अपने दूसरे बच्चे, पुत्र का स्वागत किया।
पूर्व RJD विधायक की टिप्पणी से विवाद
राज बल्लभ यादव के इस बयान ने बिहार में बड़ा राजनीतिक बवाल खड़ा कर दिया। नवादा के सद्भावना चौक पर राजद महिला प्रकोष्ठ की कार्यकर्ताओं ने जिला अध्यक्ष रेणु सिंह के नेतृत्व में राज बल्लभ यादव का पुतला फूंका।
रेणु सिंह ने आरोप लगाया, “यह साफ है कि राज बल्लभ यादव नरेंद्र मोदी के नक्शेकदम पर चल रहे हैं, जिन्होंने कभी यूपीए अध्यक्ष सोनिया गांधी के खिलाफ अपमानजनक भाषा का इस्तेमाल किया था। राजश्री यादव एक सामान्य महिला हैं, जो राजनीति से दूर रहती हैं। फिर भी उन्हें सार्वजनिक भाषण में निशाना बनाया गया। पूर्व विधायक भले कभी राजद में रहे हों, पर अब लगता है कि वे भाजपा-आरएसएस की राह पकड़ चुके हैं। उन्हें वापस जेल भेजा जाना चाहिए। आने वाले दिनों में उनके खिलाफ हमारा आंदोलन और तेज होगा।”
राजद नेता कुशल यादव ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा, “यह टिप्पणी पूरे पिछड़ा और दलित समाज की भावनाओं पर हमला है। लालू प्रसाद यादव देश के शीर्ष नेताओं में हैं, पिछड़ों और दलितों के नेता हैं। उनकी बहू के खिलाफ ऐसी घटिया टिप्पणी पूरे समाज को आहत करती है। पूरा समाज आक्रोशित है।”
राज बल्लभ यादव और RJD नेतृत्व से नाराज़गी
लालू प्रसाद यादव के पुराने साथी रहे राज बल्लभ यादव पार्टी नेतृत्व से तब नाराज़ हो गए थे, जब पिछले लोकसभा चुनाव में उनके भाई बिनोद यादव को टिकट देने से इनकार कर दिया गया।
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