2025 में RBI ने 100 बेसिस प्वाइंट से घटाया रेपो रेट, लेकिन होम लोन लेने वालों को राहत मिलने में लग सकता है समय

भारतीय रिज़र्व बैंक (RBI) ने वर्ष 2025 में अब तक तीन बार रेपो रेट में कटौती की है। पहले दो मौद्रिक नीति समिति (MPC) की बैठकों में 25-25 बेसिस प्वाइंट की कटौती की गई, जबकि हाल ही की नीति बैठक में एक बड़ा कदम उठाते हुए 50 बेसिस प्वाइंट की कटौती की गई..

2025 में RBI ने 100 बेसिस प्वाइंट से घटाया रेपो रेट, लेकिन होम लोन लेने वालों को राहत मिलने में लग सकता है समय
11-06-2025 - 11:14 AM
22-04-2026 - 05:53 PM

नयी दिल्ली। भारतीय रिज़र्व बैंक (RBI) ने वर्ष 2025 में अब तक तीन बार रेपो रेट में कटौती की है। पहले दो मौद्रिक नीति समिति (MPC) की बैठकों में 25-25 बेसिस प्वाइंट की कटौती की गई, जबकि हाल ही की नीति बैठक में एक बड़ा कदम उठाते हुए 50 बेसिस प्वाइंट की कटौती की गई। इस तरह कुल मिलाकर 100 बेसिस प्वाइंट की कटौती हो चुकी है, जो ऋण सस्ता कर क्रेडिट डिमांड बढ़ाने और आर्थिक गतिविधियों को पुनर्जीवित करने की दिशा में RBI के मजबूत इरादे को दर्शाता है।

यह फैसला विशेष रूप से उन होम लोन ग्राहकों के लिए राहत भरा माना जा रहा है जिनका लोन फ्लोटिंग रेट पर आधारित है, क्योंकि इससे उनकी EMI में कमी आ सकती है। हालांकि, इसका फायदा मिलने में देर हो सकती है क्योंकि बैंक आमतौर पर रेपो रेट में कटौती का पूरा लाभ तुरंत नहीं देते।

 नए होम लोन लेने वालों के लिए स्थिति

हालांकि RBI ने हाल ही में 50 bps की कटौती की है, लेकिन यह अभी तक नए लोन लेने वालों तक पूरी तरह नहीं पहुंची है। सरकारी बैंकों ने कुछ हद तक 40 bps तक की कटौती की है, लेकिन निजी बैंक अभी इंतजार कर रहे हैं।

BankBazaar के CEO अधिल शेठी कहते हैं, घटाए गए CRR लिमिट से उम्मीद है कि रेट ट्रांसमिशन बेहतर होगा और नए उधारकर्ताओं को जल्द ही कम दरों का लाभ मिलेगा।” हालांकि इसमें कुछ दिन या हफ्ते तक का समय लग सकता है।

रेट कट का लाभ तुरंत क्यों नहीं मिलता?

रेट ट्रांसमिशन में देरी की कई वजहें होती हैं। भारत में अब भी कई पुराने लोन MCLR (मार्जिनल कॉस्ट ऑफ फंड्स बेस्ड लेंडिंग रेट) से जुड़े हुए हैं।

Raoul Kapoor, Co-CEO, Andromeda के मुताबिक, “MCLR प्रणाली में बैंक की अपनी लागत, परिचालन खर्च और जोखिम प्रीमियम शामिल होते हैं। इसलिए RBI की रेपो रेट में कटौती के बावजूद बैंक तुरंत अपने MCLR को अपडेट नहीं करते।”

मौजूदा होम लोन धारकों के लिए क्या करें?

अगर आपका लोन अभी भी Base Rate या MCLR से जुड़ा है, तो आपको इस कटौती का फायदा जल्दी नहीं मिलेगा। इसके मुकाबले Repo Rate-Linked लोन, जो 2019 के बाद व्यापक रूप से प्रचलन में आए, RBI के रेपो रेट से सीधे जुड़े होते हैं और इनमें बदलाव अपेक्षाकृत जल्दी हो जाता है।

BankBazaar के CEO अधिल शेठी कहते हैं, अगर आप पुराने बेंचमार्क पर हैं, तो यह सही समय है जब आप लोन ट्रांसफर या रीफाइनेंसिंग पर विचार करें।
₹25 लाख के बकाया लोन पर 100 bps की दर में कटौती से आप लगभग ₹4 लाख तक की बचत कर सकते हैं। अगर आप EMI को समान बनाए रखते हैं, तो बचत और अधिक हो सकती है।”

पूरा लाभ समय के साथ मिलेगा

Raoul Kapoor का मानना है कि हालांकि शुरुआत में रेट ट्रांसमिशन में देरी हो सकती है, लेकिन 100 बेसिस प्वाइंट की कुल कटौती के बाद उम्मीद है कि बैंक यह लाभ धीरे-धीरे ग्राहकों तक पहुंचाएंगे—विशेषकर होम लोन के मामले में। यह RBI की मांग बढ़ाने और आर्थिक विकास को समर्थन देने की नीति का हिस्सा है।”

 निष्कर्ष

श्रेणी

लाभ मिलने की स्थिति

नये लोन लेने वाले

PSU बैंकों में आंशिक लाभ, बाकी में कुछ दिनों/हफ्तों में संभव

MCLR/Base Rate से जुड़े लोन

फायदा धीरे-धीरे मिलेगा, रीफाइनेंस करने पर तुरंत राहत

Repo Rate से जुड़े लोन

1-3 महीने में EMI में बदलाव संभव

RBI की यह मौद्रिक ढील अर्थव्यवस्था को गति देने की बड़ी कोशिश है, लेकिन होम लोन ग्राहकों को सतर्कता और सही रणनीति अपनाकर ही इसका पूरा फायदा उठाना होगा।

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THE NEWS THIKANA, संपादकीय डेस्क यह द न्यूजठिकाना डॉट कॉम की संपादकीय डेस्क है। डेस्क के संपादकीय सदस्यों का प्रयास रहता है कि अपने पाठकों को निष्पक्षता और निर्भीकता के साथ विभिन्न विषयों के सच्चे, सटीक, विश्वसनीय व सामयिक समाचारों के अलावाआवश्यक उल्लेखनीय विचारों को भी सही समय पर अवगत कराएं।