ठाणे ट्रेन हादसे के बाद रेल मंत्री के इस्तीफे की मांग तेज, विपक्ष हमलावर
महाराष्ट्र के ठाणे जिले में दो लोकल ट्रेनों की टक्कर के बाद हुई दर्दनाक घटना को लेकर विपक्षी दलों ने केंद्र और राज्य में सत्तारूढ़ बीजेपी सरकार पर जोरदार हमला बोला है..
मुंबई। महाराष्ट्र के ठाणे जिले में दो लोकल ट्रेनों की टक्कर के बाद हुई दर्दनाक घटना को लेकर विपक्षी दलों ने केंद्र और राज्य में सत्तारूढ़ बीजेपी सरकार पर जोरदार हमला बोला है। इस हादसे के बाद महाविकास अघाड़ी (MVA) के नेताओं ने रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव से इस्तीफे की मांग की है।
विपक्षी दलों का आरोप है कि रेलवे मंत्रालय केवल इमेज बिल्डिंग और सोशल मीडिया प्रचार में व्यस्त है, जबकि जमीनी स्तर पर सुरक्षा और सुविधा की भारी कमी है। यही वजह है कि इन दलों ने रेल मंत्री से नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए इस्तीफा देने की मांग की है। साथ ही रेलवे से भीड़ प्रबंधन, तकनीकी सुधार और सुरक्षा उपायों को प्राथमिकता देने की मांग की जा रही है।
क्या है मामला?
ठाणे में दो लोकल ट्रेनों की टक्कर के चलते कई यात्री चलती ट्रेन से गिर पड़े। इस घटना में कुछ यात्रियों की मौत और कई के घायल होने की खबर है। हादसे ने एक बार फिर रेलवे सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
विपक्ष के तीखे सवाल और टिप्पणियाँ
शिवसेना (उद्धव ठाकरे गुट)
- आदित्य ठाकरे (विधायक):
“यह घटना दुर्भाग्यपूर्ण है, लेकिन पहली बार नहीं हुई है। हम नहीं जानते कि वे रेल मंत्री हैं या सिर्फ 'रील मंत्री'। वे रेलवे के असली मुद्दों से ध्यान भटका रहे हैं।” - किशोरी पेडणेकर (पूर्व मुंबई महापौर):
“रेल मंत्री को नैतिकता के आधार पर तुरंत इस्तीफा देना चाहिए।”
कांग्रेस
- वरिष्ठ नेता वर्षा गायकवाड़:
“मुंबई की ट्रेनों में सुरक्षा की भारी कमी फिर उजागर हुई है। संसद में भी कई बार यह मुद्दा उठाया गया है। हमें ‘इमेज मैनेजमेंट’ नहीं, ‘एक्चुअल मैनेजमेंट’ चाहिए। हम जांच की मांग करते हैं।”
राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (शरद पवार गुट)
- सांसद सुप्रिया सुले:
“ट्रेन में भारी भीड़ के कारण यात्री दरवाजों पर लटके हुए थे। यह अत्यंत खतरनाक है। नागरिकों से अनुरोध है कि खतरनाक तरीके से यात्रा न करें, और रेलवे प्रशासन को भीड़ प्रबंधन के पुख्ता उपाय करने चाहिए।”
वंचित बहुजन आघाड़ी (प्रकाश आंबेडकर)
- प्रकाश आंबेडकर:
“यदि रेलवे सोशल मीडिया की बजाय यात्रियों की सुरक्षा पर ध्यान देता तो यह हादसा टल सकता था। निष्पक्ष और पारदर्शी जांच की आवश्यकता है।”
आम आदमी पार्टी (AAP)
- मुंबई अध्यक्ष रूबेन मास्कारेन्हास:
“मुंबई लोकल नेटवर्क में हर दिन औसतन सात मौतें होती हैं। यह राष्ट्रीय शर्म की बात है। रेल मंत्री सिर्फ रील्स में व्यस्त हैं।”
महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (MNS)
- राज ठाकरे:
“मैं वर्षों से कहता आ रहा हूं कि रेलवे की हालत बाहरी लोगों के अत्यधिक आगमन से खराब हो चुकी है। सिर्फ मेट्रो शुरू कर देने से समस्याएं नहीं सुलझेंगी।
अगर रेलवे मंत्री इस्तीफा नहीं देते तो उन्हें खुद जाकर स्टेशन और डिब्बों की हालत देखनी चाहिए। दरवाजे लगाओगे तो लोग अंदर घुटकर मरेंगे।
हमारे देश में लोगों की कोई कीमत नहीं है। अगर ऐसी घटना विदेश में होती तो सरकार का रवैया अलग होता।”
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