राहुल गांधी द्वारा भगवान राम को 'मिथकीय' कहने पर बीजेपी का पलटवार, लगाया 'हिंदू विरोधी' होने का आरोप

कांग्रेस नेता राहुल गांधी द्वारा भगवान राम समेत भारतीय देवताओं को 'मिथकीय पात्र' कहे जाने पर विवाद खड़ा हो गया है। यह टिप्पणी उन्होंने अमेरिका की ब्राउन यूनिवर्सिटी में एक कार्यक्रम के दौरान दी थी।

राहुल गांधी द्वारा भगवान राम को 'मिथकीय' कहने पर बीजेपी का पलटवार, लगाया 'हिंदू विरोधी' होने का आरोप
04-05-2025 - 01:50 PM
22-04-2026 - 05:53 PM

नयी दिल्ली। कांग्रेस नेता राहुल गांधी द्वारा भगवान राम समेत भारतीय देवताओं को 'मिथकीय पात्र' कहे जाने पर विवाद खड़ा हो गया है। यह टिप्पणी उन्होंने अमेरिका की ब्राउन यूनिवर्सिटी में एक कार्यक्रम के दौरान दी थी।

वायरल हो रहे वीडियो क्लिप में राहुल गांधी कहते सुनाई दे रहे हैं: “…सभी मिथकीय पात्र हैं; भगवान राम उसी प्रकार के थे, वे क्षमाशील थे, वे करुणामय थे।”

जैसे ही यह वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ, कई भाजपा नेताओं ने राहुल गांधी की इस टिप्पणी की तीखी आलोचना की। भाजपा प्रवक्ता शहजाद पूनावाला ने वीडियो का एक अंश साझा करते हुए कहा कि देश राहुल गांधी को भगवान राम के अस्तित्व पर संदेह करने के लिए कभी माफ नहीं करेगा।

पूनावाला ने कहा, राष्ट्रद्रोही कांग्रेस अब रामद्रोही कांग्रेस बन गई है। राहुल गांधी कहते हैं कि प्रभु श्रीराम कल्पनिक हैं। यही कारण है कि उन्होंने राम मंदिर का विरोध किया और प्रभु श्रीराम के अस्तित्व पर सवाल उठाए…”

उन्होंने कहा कि यह बयान कांग्रेस की मानसिकता को उजागर करता है, जो ‘राम विरोधी’ और ‘हिंदू विरोधी’ है। पूनावाला के अनुसार, हिंदुओं और भगवान श्रीराम का अपमान अब कांग्रेस की पहचान बन चुका है।

उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि कांग्रेस हमेशा से भगवान राम पर सवाल उठाती रही है, राम मंदिर का विरोध करती रही है, और ‘हिंदू आतंकवाद’ जैसे शब्दों का इस्तेमाल करती रही है।

पूनावाला ने आगे कहा, अब एक और बयान आया है जिसमें राहुल गांधी कहते हैं कि भगवान राम एक मिथक हैं। यह वही भाषा है जो यूपीए सरकार के समय सोनिया गांधी ने रामसेतु को तोड़ने के लिए इस्तेमाल की थी। यह कांग्रेस के हिंदी और भारत विरोधी होने का सबसे बड़ा उदाहरण है और देश की जनता उन्हें इसके लिए कभी माफ नहीं करेगी।”

भाजपा प्रवक्ता सीआर केसवन ने भी राहुल गांधी की टिप्पणी का वीडियो सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'X' पर साझा किया और लिखा, राहुल गांधी की अगुवाई वाली कांग्रेस की यूपीए सरकार ने 2007 में सुप्रीम कोर्ट में एक हलफनामा दायर कर कहा था कि भगवान राम का कोई ऐतिहासिक प्रमाण नहीं है। उनकी सहयोगी पार्टी डीएमके ने तो यहां तक कहा था कि कोई इतिहास नहीं बताता कि भगवान राम ने कौन-से इंजीनियरिंग कॉलेज से पढ़ाई की थी या कौन-सा पुल बनाया था।”

इस विवाद ने चुनावी माहौल में एक नई राजनीतिक बहस को जन्म दे दिया है, और दोनों दलों के बीच धार्मिक मुद्दों पर बयानबाज़ी और तीव्र हो गई है।

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THE NEWS THIKANA, संपादकीय डेस्क यह द न्यूजठिकाना डॉट कॉम की संपादकीय डेस्क है। डेस्क के संपादकीय सदस्यों का प्रयास रहता है कि अपने पाठकों को निष्पक्षता और निर्भीकता के साथ विभिन्न विषयों के सच्चे, सटीक, विश्वसनीय व सामयिक समाचारों के अलावाआवश्यक उल्लेखनीय विचारों को भी सही समय पर अवगत कराएं।