वक़्फ़ संशोधन कानून पर विरोध के बीच असम शांत: मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा बोले – “40% मुस्लिम आबादी के बावजूद प्रदेश में शांति”
असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा ने वक़्फ़ संशोधन कानून को लेकर देशभर में हो रहे विरोध प्रदर्शनों के बीच असम में शांति बनाए रखने के लिए राज्य की जनता और पुलिस बल की सराहना की है।
गुवाहाटी। असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा ने वक़्फ़ संशोधन कानून को लेकर देशभर में हो रहे विरोध प्रदर्शनों के बीच असम में शांति बनाए रखने के लिए राज्य की जनता और पुलिस बल की सराहना की है। उन्होंने कहा कि राज्य में लगभग 40% मुस्लिम आबादी होने के बावजूद कोई बड़ा विरोध या अशांति नहीं हुई।
मुख्यमंत्री ने सोशल मीडिया पर लिखा, “लगभग 40% मुस्लिम आबादी होने के बावजूद, असम आज शांत रहा। केवल तीन स्थानों पर छिटपुट विरोध प्रदर्शन हुए, जिनमें प्रत्येक में 150 से अधिक लोग शामिल नहीं थे।”
उन्होंने असम पुलिस की ‘सघन तैयारी’ की प्रशंसा की, जिसकी वजह से प्रदेश में शांति और कानून व्यवस्था बनी रही। साथ ही उन्होंने राज्यवासियों की एकता का उल्लेख करते हुए कहा, “असम के लोग—जाति, धर्म, समुदाय से ऊपर उठकर—एकजुट हैं और आनंद व सौहार्द के साथ हमारे प्रिय बोहाग बिहू का स्वागत करने की तैयारी कर रहे हैं।”
कहां हुए विरोध?
तीन स्थानों से कुछ शांतिपूर्ण विरोध प्रदर्शन दर्ज किए गए, जिन्हें प्रशासन ने पूरी तरह नियंत्रित और सुरक्षित ढंग से संपन्न कराया। हालांकि प्रशासन सतर्क है, लेकिन उम्मीद है कि आगामी बोहाग बिहू का पर्व प्रदेश में शांति और उल्लास के साथ मनाया जाएगा।
वक़्फ़ संशोधन कानून पर राष्ट्रीय बहस
हाल ही में संसद में पारित हुआ वक़्फ़ संशोधन अधिनियम देश के कई हिस्सों में बहस और प्रदर्शन का कारण बना हुआ है। कई राज्यों में इस कानून को लेकर टकराव और हिंसा की खबरें आई हैं। लेकिन, असम की शांत प्रतिक्रिया ने राष्ट्रीय स्तर पर ध्यान आकर्षित किया है। राज्य सरकार ने इसका श्रेय प्रभावी पुलिसिंग और समुदायों के सहयोग को दिया है।
मुख्यमंत्री सरमा का यह बयान ऐसे समय आया है जब देश में कई जगहों पर इस कानून को लेकर साम्प्रदायिक तनाव देखा जा रहा है। ऐसे में असम की स्थिति को मॉडल उदाहरण के रूप में पेश किया जा रहा है।
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