'राम-राम': अयोध्या मंदिर चंदा विवाद पर आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत की संक्षिप्त और सटीक पहली प्रतिक्रिया
राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के प्रमुख मोहन भागवत ने शनिवार को एक संक्षिप्त लेकिन सटीक प्रतिक्रिया दी, जब उनसे उन आरोपों के बारे में पूछा गया कि अयोध्या में राम मंदिर के लिए दिए गए चंदे के कथित गबन विवाद के बीच कुछ लोग भगवान राम में आस्था को कमजोर करने..
राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के प्रमुख मोहन भागवत ने शनिवार को एक संक्षिप्त लेकिन सटीक प्रतिक्रिया दी, जब उनसे उन आरोपों के बारे में पूछा गया कि अयोध्या में राम मंदिर के लिए दिए गए चंदे के कथित गबन विवाद के बीच कुछ लोग भगवान राम में आस्था को कमजोर करने की कोशिश कर रहे हैं।
जब नागपुर में पत्रकारों ने भागवत से उन दावों पर प्रतिक्रिया मांगी कि भगवान राम में भक्तों की आस्था को कमजोर करने के प्रयास किए जा रहे हैं, तो आरएसएस प्रमुख ने आगे बढ़ने से पहले केवल "राम-राम" कहा।
आरएसएस की पहली प्रतिक्रिया
भागवत की यह संक्षिप्त टिप्पणी आरएसएस के महासचिव दत्तात्रेय होसबोले के उस बयान के एक दिन बाद आई है, जिसमें उन्होंने कहा था कि राम मंदिर के चंदे के कथित गबन ने राम भक्तों और व्यापक समाज की आस्था को "गहरी ठेस" पहुंचाई है और उन्होंने दोषियों को कड़ी सजा देने की मांग की थी।
शुक्रवार को एक बयान में, होसबोले ने कहा कि आरएसएस कथित घटना से "अत्यंत दुखी और क्रोधित" है। उन्होंने मामले की जांच कर रहे विशेष जांच दल (SIT) से यह सुनिश्चित करने का आग्रह किया कि दोषियों को न्याय के कटघरे में लाया जाए। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि "हिंदू-विरोधी और राष्ट्र-विरोधी ताकतें" हिंदू धर्म को बदनाम करने के लिए इस घटना का फायदा उठाने का प्रयास कर रही हैं, जबकि उन्होंने भक्तों से धैर्य और संयम बरतने का आह्वान किया।
होसबोले ने कहा कि कथित घटना ने भक्तों की भावनाओं को गहरी ठेस पहुंचाई है। उन्होंने जोर देकर कहा कि श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट को मंदिर के प्रबंधन और संचालन में कमियों को दूर करने के लिए प्रभावी कदम उठाकर इस मामले को एक असाधारण घटना के रूप में लेना चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि इस मामले के इर्द-गिर्द बनी अनिश्चितता गहन जांच और जिम्मेदारों के खिलाफ सख्त कार्रवाई के साथ खत्म होनी चाहिए।
मामले में अब तक की कार्रवाई
इस मामले के सिलसिले में अब तक आठ लोगों को गिरफ्तार किया गया है। इनमें भक्तों के चढ़ावे की गिनती में लगे छह आउटसोर्स कर्मचारी और ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय के करीबी सहयोगी रमाशंकर यादव उर्फ टिन्नू शामिल हैं। छह आउटसोर्स कर्मचारियों में अविनाश शुक्ला भी शामिल थे।
उत्तर प्रदेश पुलिस ने शुक्रवार को गिरफ्तार आरोपी अविनाश शुक्ला को 24 घंटे की पुलिस हिरासत में लेकर मामले में अपनी समानांतर आपराधिक जांच तेज कर दी, ताकि बरामदगी, घटनाओं के पुनर्निर्माण और नए सुरागों का सत्यापन किया जा सके। इस बीच, राज्य सरकार की एसआईटी ने श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के वित्तीय और प्रशासनिक कामकाज की अपनी जांच जारी रखी।
पुलिस की एक टीम सुबह करीब 9 बजे अयोध्या जिला जेल पहुंची और शुक्ला को हिरासत में लेकर रिजर्व पुलिस लाइंस ले आई, जहां उनसे करीब दो घंटे तक पूछताछ की गई। एचटी (HT) की एक पूर्व रिपोर्ट में सूत्रों के हवाले से कहा गया है कि इसके बाद जांचकर्ता उनके खुलासों को सत्यापित करने के लिए उन्हें अयोध्या में कई स्थानों पर और बाद में उनके मूल प्रतापगढ़ जिले में ले गए।
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