रोहन बोपन्ना का संन्यास: सचिन तेंदुलकर ने की प्रशंसा, बोले – ‘हर सर्व और मुस्कान में दिखा तुम्हारा जज़्बा’
भारतीय टेनिस स्टार रोहन बोपन्ना ने पेशेवर टेनिस से संन्यास की घोषणा कर दी है, जिससे उनके दो दशक से अधिक लंबे शानदार करियर का अंत हुआ। उनके इस निर्णय पर भारतीय क्रिकेट के महानायक सचिन तेंदुलकर ने हार्दिक शुभकामनाएं देते हुए उनकी ‘अद्भुत यात्रा और जज़्बे’ की सराहना ..
मुंबई। भारतीय टेनिस स्टार रोहन बोपन्ना ने पेशेवर टेनिस से संन्यास की घोषणा कर दी है, जिससे उनके दो दशक से अधिक लंबे शानदार करियर का अंत हुआ। उनके इस निर्णय पर भारतीय क्रिकेट के महानायक सचिन तेंदुलकर ने हार्दिक शुभकामनाएं देते हुए उनकी ‘अद्भुत यात्रा और जज़्बे’ की सराहना की।
सचिन तेंदुलकर का भावुक संदेश
सचिन ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स (X) पर लिखा, “रोहन, मैं हमेशा मानता हूं कि खेल इंसान का चरित्र दिखाता है। तुम्हारा चरित्र हर सर्व, हर मुस्कान और हर वापसी में झलकता रहा। तुमने साबित किया कि विश्वास समय से भी अधिक टिकाऊ होता है। कोर्ट के बाहर भी तुम्हें और जीतें मिलें, यही शुभकामना है।”
“इट्स टाइम”: बोपन्ना का भावनात्मक विदाई संदेश
रोहन बोपन्ना ने शनिवार को आधिकारिक रूप से अपने संन्यास की घोषणा की। उनका अंतिम मुकाबला पेरिस मास्टर्स 1000 टूर्नामेंट में हुआ, जहां उन्होंने अलेक्ज़ेंडर बब्लिक के साथ जोड़ी बनाई।
अपने प्रेस बयान में बोपन्ना ने कहा, “किसी ऐसी चीज़ को अलविदा कैसे कहूं जिसने मेरी ज़िंदगी को अर्थ दिया? टूर पर 20 यादगार सालों के बाद अब वक्त आ गया है... मैं आधिकारिक रूप से अपना रैकेट टांग रहा हूं।
Rohan, I’ve always believed that sport reveals character. Yours showed in every serve, every smile, every comeback. You proved that belief can outlast time. Wishing you many more winning moments off the court too. https://t.co/1VBLAwAEy3 — Sachin Tendulkar (@sachin_rt) November 1, 2025
कूर्ग में अपनी सर्व मज़बूत करने के लिए लकड़ियां काटने से लेकर दुनिया के सबसे बड़े स्टेडियमों की रोशनी के नीचे खेलने तक, यह सफर अविश्वसनीय रहा है। भारत का प्रतिनिधित्व करना मेरे जीवन का सबसे बड़ा सम्मान रहा, और हर बार जब मैं कोर्ट पर उतरा, मैंने उस झंडे, उस गर्व, उस भावना के लिए खेला।”
रिकॉर्ड्स और विरासत
रोहन बोपन्ना का करियर जुनून, दृढ़ता और विश्वास का प्रतीक माना जाता है। इस साल की शुरुआत में उन्होंने टेनिस इतिहास में सबसे उम्रदराज ग्रैंड स्लैम विजेता और सबसे उम्रदराज वर्ल्ड नंबर 1 डबल्स खिलाड़ी बनने का कीर्तिमान रचा।
उन्होंने भारत का प्रतिनिधित्व कई बार किया, जिसमें रियो ओलंपिक 2016 भी शामिल है, जहां वे सानिया मिर्ज़ा के साथ मिक्स्ड डबल्स में चौथे स्थान पर रहे। साथ ही, वे 20 वर्षों तक डेविस कप टीम का अहम हिस्सा रहे।
टेनिस से जुड़ाव रहेगा जारी
संन्यास के बावजूद बोपन्ना का टेनिस से जुड़ाव बना रहेगा। उन्होंने हाल ही में UTR टेनिस प्रो को भारत में लाया है और अपनी अकादमी के माध्यम से ग्रासरूट और युवा खिलाड़ियों के विकास पर काम कर रहे हैं, ताकि भारतीय टेनिस खिलाड़ियों को अंतरराष्ट्रीय स्तर तक पहुंचाया जा सके।
नया अध्याय: टेनिस प्रीमियर लीग
45 वर्षीय बोपन्ना अब टेनिस प्रीमियर लीग (TPL) के सीजन 7 में नज़र आएंगे, जो 9 से 14 दिसंबर तक गुजरात यूनिवर्सिटी टेनिस स्टेडियम, अहमदाबाद में आयोजित किया जाएगा।
रोहन बोपन्ना ने न सिर्फ भारतीय टेनिस को नई ऊंचाइयों पर पहुंचाया, बल्कि यह भी साबित किया कि उम्र कभी जज़्बे की सीमा नहीं बन सकती।
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