SCO शिखर सम्मेलन 2025 LIVE : चीन के तियानजिन में मोदी, पुतिन मौजूद; आज होगी मोदी-शी जिनपिंग मुलाकात
शंघाई सहयोग संगठन (SCO) शिखर सम्मेलन 2025 का आग़ाज़ चीन के तियानजिन में हो चुका है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन, पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज़ शरीफ़, ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेझेश्कियन और तुर्की के राष्ट्रपति रेचेप तैयप एर्दोगान समेत कई शीर्ष नेता इसमें शामिल..
तियानजिन। शंघाई सहयोग संगठन (SCO) शिखर सम्मेलन 2025 का आग़ाज़ चीन के तियानजिन में हो चुका है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन, पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज़ शरीफ़, ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेझेश्कियन और तुर्की के राष्ट्रपति रेचेप तैयप एर्दोगान समेत कई शीर्ष नेता इसमें शामिल हो रहे हैं।
SCO का संक्षिप्त इतिहास
- 1996 : शंघाई फ़ाइव (चीन, रूस, कज़ाख़स्तान, किर्गिस्तान और ताजिकिस्तान) का गठन सीमा सुरक्षा मुद्दों पर सहयोग के लिए हुआ।
- 2001 : उज़्बेकिस्तान जुड़ा और संगठन का नाम बदलकर शंघाई सहयोग संगठन (SCO) रखा गया।
- बाद में भारत, पाकिस्तान, बेलारूस और ईरान के जुड़ने से यह 10 सदस्यीय संगठन बन गया।
- SCO का आधार “शंघाई स्पिरिट” है— आपसी विश्वास, समानता, परामर्श, विविध सभ्यताओं का सम्मान और साझा विकास।
प्रमुख एजेंडा
चीन की सरकारी मीडिया के अनुसार, इस बार शिखर सम्मेलन में ये मुद्दे प्रमुख हैं..
- सुरक्षा चुनौतियों का प्रभावी समाधान
- वित्तीय तंत्रों को मज़बूत बनाना
- बहुपक्षवाद को बढ़ावा
- ग्लोबल साउथ देशों की आवाज़ को मज़बूती देना
पीएम मोदी का कार्यक्रम
- रविवार (31 अगस्त) :
- स्वागत भोज (बैंकेट डिनर)
- शी जिनपिंग से द्विपक्षीय बैठक (स्थानीय समय दोपहर 12 बजे, भारतीय समय सुबह 9:30 बजे)। यह बैठक 40 मिनट के स्लॉट में होगी।
- यह मोदी-शी जिनपिंग की 10 महीनों में दूसरी मुलाकात है। पिछली बार दोनों नेताओं की भेंट 2024 ब्रिक्स शिखर सम्मेलन (कज़ान, रूस) में हुई थी।
- सोमवार (1 सितंबर) :
- SCO नेताओं की मुख्य बैठक
- पुतिन-मोदी मुलाकात (द्विपक्षीय वार्ता) → इसमें व्यापार, रक्षा सहयोग, अमेरिका का रूस से तेल ख़रीद पर भारत पर दबाव, और पुतिन की भारत यात्रा पर चर्चा संभावित।
रूस-यूक्रेन मुद्दा
दो दिन पहले (शनिवार को) यूक्रेनी राष्ट्रपति वोलोदिमिर ज़ेलेंस्की ने पीएम मोदी को फोन कर युद्ध समाप्त करने के प्रयासों पर चर्चा की। मोदी ने X पर लिखा, “आज राष्ट्रपति ज़ेलेंस्की से फोन पर बातचीत की। हमने मौजूदा संघर्ष, उसके मानवीय पहलुओं और शांति व स्थिरता बहाल करने के प्रयासों पर विचार साझा किए। भारत इस दिशा में सभी प्रयासों का पूर्ण समर्थन करता है।”
माहौल और तैयारियाँ
- तियानजिन में सम्मेलन स्थल पर मीडिया, अधिकारियों और प्रतिनिधिमंडलों की हलचल तेज़ है।
- मोदी शनिवार शाम चीन पहुँचे और भारतीय समुदाय ने उनका स्वागत किया।
- पुतिन भी रविवार को तियानजिन पहुँचे और कहा कि SCO की भूमिका मौजूदा चुनौतियों से निपटने और “न्यायसंगत बहुध्रुवीय विश्व व्यवस्था” बनाने में अहम होगी।
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