सचिन तेंदुलकर और जेम्स एंडरसन के नाम पर रखे गए भारत-इंग्लैंड ट्रॉफी की प्रस्तुति में दोनों दिग्गज नहीं दिखे, ECB चुप
मो. सिराज भारत के हीरो साबित हुए जब उन्होंने सोमवार को द ओवल में खेले गए पांचवें टेस्ट में इंग्लैंड को सिर्फ छह रनों से हराकर मुकाबला जीत लिया। इसके साथ ही एंडरसन-तेंदुलकर ट्रॉफी 2-2 से बराबरी पर ..
लंदन। मो. सिराज भारत के हीरो साबित हुए जब उन्होंने सोमवार को द ओवल में खेले गए पांचवें टेस्ट में इंग्लैंड को सिर्फ छह रनों से हराकर मुकाबला जीत लिया। इसके साथ ही एंडरसन-तेंदुलकर ट्रॉफी 2-2 से बराबरी पर खत्म हुई।
इंग्लैंड को जीत के लिए 374 रनों की जरूरत थी, लेकिन वे 367 रनों पर ऑल आउट हो गए। सिराज ने 104 रन देकर 5 विकेट झटके, जिसमें सोमवार की सुबह के सेशन में 3 विकेट मात्र 9 रन देकर लिए। यह टेस्ट क्रिकेट में भारत की अब तक की सबसे करीबी जीत रही।
रोहित शर्मा, विराट कोहली और रविचंद्रन अश्विन के टेस्ट से संन्यास लेने के बाद यह शुभमन गिल के नेतृत्व में और गौतम गंभीर के कोच रहते नई टेस्ट टीम का युग शुरू हुआ। गंभीर के कोच रहते यह भारत की पहली ड्रॉ टेस्ट सीरीज रही।
एंडरसन-तेंदुलकर ट्रॉफी का रोमांचक अंत
भारत और इंग्लैंड के बीच पहली बार खेली गई एंडरसन-तेंदुलकर ट्रॉफी का सोमवार को रोमांचक अंत हुआ। शुभमन गिल की कप्तानी में भारत ने जबरदस्त छह रन से जीत दर्ज की।
पांचवें दिन की शुरुआत में इंग्लैंड को 35 रन की दरकार थी, जबकि भारत को चार विकेट चाहिए थे।
जेमी ओवरटन ने शुरुआत में प्रसिद्ध कृष्णा के ओवर में दो चौके लगाकर लक्ष्य को घटाकर 27 तक ला दिया।
लेकिन, फिर मो. सिराज ने कमान संभाली और भारत को स्मरणीय जीत दिलाई। उन्होंने बचे हुए चार में से तीन विकेट लेकर मैच का पासा पलट दिया और पाँच विकेट पूरे किए।
अंत में भारत ने यह टेस्ट छह रन से जीत लिया और पाँच मैचों की सीरीज 2-2 से ड्रॉ हो गई।
प्रस्तुति समारोह में न सचिन, न एंडरसन दिखे
हालांकि, यह उल्लेखनीय है कि ट्रॉफी प्रस्तुति समारोह में न ही सचिन तेंदुलकर और न ही जेम्स एंडरसन मौजूद थे।
यहां तक कि मंसूर अली खान पटौदी के परिवार का भी कोई सदस्य नहीं दिखा, जो कि पटौदी मेडल को शुभमन गिल और बेन स्टोक्स को सौंप सकता था।
इनकी गैरमौजूदगी का कारण स्पष्ट नहीं है और इंग्लैंड एवं वेल्स क्रिकेट बोर्ड (ECB) ने भी इस पर कोई प्रतिक्रिया नहीं दी है।
भारत-इंग्लैंड सीरीज की शुरुआत से पहले ECB ने पटौदी ट्रॉफी को बंद कर उसे एंडरसन और तेंदुलकर के नाम पर समर्पित करने का निर्णय लिया था।
पटौदी ट्रॉफी की शुरुआत 2007 में हुई थी और उस समय मंसूर अली खान पटौदी ने खुद राहुल द्रविड़ को वह ट्रॉफी दी थी जब भारत ने सीरीज 1-0 से जीती थी।
हालांकि, इस बार ट्रॉफी लॉन्च के दौरान जून में एंडरसन और तेंदुलकर दोनों उपस्थित थे लेकिन अंतिम समारोह से वे नदारद रहे।
मो. सिराज का शेर-दिल प्रदर्शन
एंडरसन-तेंदुलकर ट्रॉफी में सबसे ज्यादा विकेट लेने वाले गेंदबाज़ मो. सिराज रहे, जिनके नाम 23 विकेट दर्ज हुए।
ओवल टेस्ट में उन्होंने दोनों पारियों में कुल नौ विकेट झटके, जिनमें दूसरी पारी का पाँच विकेट वाला स्पेल भी शामिल है।
अंतिम विकेट भी सिराज ने ही लिया, जब उनकी एक तेज यॉर्कर ने गस एटकिन्सन की गिल्लियां बिखेर दीं, और इसी के साथ भारत ने जश्न मनाना शुरू कर दिया।
हालांकि,
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