हर महीने 7 तारीख तक मिलेगी सैलरी? सरकार ने IT सेक्टर के लिए नई वेतन भुगतान व्यवस्था लागू की
देश के सबसे बड़े रोजगार सृजन क्षेत्रों में शामिल सूचना प्रौद्योगिकी (IT) सेक्टर के लिए केंद्र सरकार ने वेतन भुगतान को लेकर नया अनिवार्य नियम लागू कर दिया है। सरकार द्वारा जारी चार नए श्रम संहिता (Labour Codes) शुक्रवार, 21 नवंबर 2025 से तत्काल प्रभाव से लागू हो..
नयी दिल्ली। देश के सबसे बड़े रोजगार सृजन क्षेत्रों में शामिल सूचना प्रौद्योगिकी (IT) सेक्टर के लिए केंद्र सरकार ने वेतन भुगतान को लेकर नया अनिवार्य नियम लागू कर दिया है। सरकार द्वारा जारी चार नए श्रम संहिता (Labour Codes) शुक्रवार, 21 नवंबर 2025 से तत्काल प्रभाव से लागू हो गई हैं।
इन नए सुधारों के तहत अब नियोक्ताओं के लिए यह सुनिश्चित करना अनिवार्य कर दिया गया है कि कर्मचारियों को समय पर वेतन मिले, ताकि उनकी वित्तीय स्थिरता बनी रहे, कार्य-संबंधी तनाव कम हो और समग्र मनोबल मजबूत हो।
पहले वेतन भुगतान को लेकर कोई अनिवार्य नियम नहीं
श्रम एवं रोजगार मंत्रालय के अनुसार, नए प्रावधानों से पहले नियोक्ताओं के लिए कर्मचारियों को समय पर वेतन देना अनिवार्य नहीं था।
क्या अब हर महीने 7 तारीख तक मिलेगी सैलरी?
श्रम मंत्रालय ने शुक्रवार को इस नई व्यवस्था की घोषणा करते हुए स्पष्ट किया कि IT और ITES कंपनियों को अब अपने कर्मचारियों का वेतन हर महीने की 7 तारीख तक अनिवार्य रूप से देना होगा। यह नियम 21 नवंबर 2025 से लागू हो गया है।
सरकार का उद्देश्य वेतन भुगतान प्रक्रिया को पारदर्शी बनाना है ताकि कर्मचारियों में भरोसा और सुरक्षा की भावना बढ़े।
नयी श्रम संहिताओं के अन्य महत्वपूर्ण प्रावधान
नयी श्रम संहिताओं में IT कंपनियों के लिए कई नए अनिवार्य प्रावधान शामिल हैं—
1. ‘Equal Pay for Equal Work’ का पालन अनिवार्य
अब कंपनियों को समान कार्य करने वाले सभी कर्मचारियों को समान वेतन देना होगा।
2. महिलाओं की कार्यस्थल पर भागीदारी बढ़ाने पर जोर
- कंपनियों को महिला कर्मचारियों के लिए नाइट शिफ्ट में काम करने हेतु आवश्यक सुविधाएँ उपलब्ध करानी होंगी।
- इससे उन्हें अधिक अवसर और बेहतर वेतन कमाने का मौका मिलेगा।
3. उत्पीड़न, भेदभाव और वेतन-संबंधी शिकायतों का समय पर निपटारा
कंपनियों पर यह दायित्व होगा कि वे इन सभी प्रकार की शिकायतों का समय पर समाधान सुनिश्चित करें।
4. फिक्स्ड-टर्म कर्मचारियों के लिए अनिवार्य नियुक्ति पत्र और सामाजिक सुरक्षा
- फिक्स्ड-टर्म कर्मचारियों को अब स्थायी कर्मचारियों के समान सुविधाएँ दी जाएँगी।
- PF, ESIC, बीमा और अन्य सामाजिक सुरक्षा लाभ अनिवार्य होंगे।
IT कंपनियों के लिए बड़ा बदलाव?
उन्होंने बताया, “नई संहिताओं के तहत फिक्स्ड-टर्म कर्मचारियों को अब पूरे अनुबंध अवधि के दौरान स्थायी कर्मचारियों जैसी सुविधाएँ मिलेंगी। काम के घंटों और ओवरटाइम से जुड़े नियम भी अब अधिक समान हो गए हैं, जो IT सेक्टर के लिए बेहद महत्वपूर्ण है जहाँ लंबे वर्किंग ऑवर्स, वीकेंड काम और उच्च दबाव वाले प्रोजेक्ट चक्र आम बात हैं।”
कर्मचारियों की पुरानी मांग अब पूरी
IT कर्मचारियों की कई वर्षों से यह मांग थी कि सामाजिक सुरक्षा लाभों (Social Security Benefits) का दायरा बढ़ाया जाए।
नई श्रम संहिताओं (Code on Social Security, 2020) के तहत अब—
- सभी कर्मचारियों को PF
- ESIC
- बीमा
- और अन्य सामाजिक सुरक्षा लाभ
मिलेंगे। यह प्रावधान भी 21 नवंबर 2025 से प्रभावी हो गया है।
पुराने श्रम कानूनों की जगह नया ढांचा
सरकार का कहना है कि वैश्विक आर्थिक परिस्थितियों में तेजी से हो रहे बदलावों के अनुरूप भारत के श्रम कानूनों को आधुनिक बनाना आवश्यक था। इसलिए पुराने, जटिल और बिखरे हुए श्रम कानूनों को बदलकर इन्हें सरल, स्पष्ट और प्रभावी रूप में लागू किया गया है।
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